The Duniyadari: Raipur के एक निजी अस्पताल में मरीज को मृत घोषित करने के बाद उसके शरीर में हरकत दिखाई देने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग को भी सक्रिय कर दिया है। विवाद बढ़ने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, भिलाई क्षेत्र के रहने वाले रामअवतार रात्रे को घर में गिरने के बाद गंभीर अवस्था में रायपुर के मित्तल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें मृत घोषित कर परिजनों को शव सौंप दिया। हालांकि अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय एंबुलेंस में मरीज के हाथ-पैर हिलने लगे, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया।
परिजनों ने तत्काल मरीज को पानी पिलाया और बेहतर इलाज की उम्मीद में उसे मेकाहारा अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। लेकिन बाद में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मृतक के परिजनों ने अस्पताल की लापरवाही को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की जांच समिति गठित कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज को मृत घोषित करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की चिकित्सकीय चूक हुई थी या नहीं।















