The Duniyadari: Raipur- छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तीन अपर संचालकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय विशेष रूप से अनुसूचित क्षेत्रों में संचालित जनजातीय विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को गति देने के लिए लिया गया है।
विभाग के अनुसार बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग में संचालित विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों की सतत समीक्षा, समन्वय और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन योजनाओं में विशेष केंद्रीय सहायता, धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम-जनमन, वन अधिकार अधिनियम के तहत गतिविधियां, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन, छात्रावास एवं आश्रम व्यवस्था, अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्य तथा आईटीडीए परियोजनाएं शामिल हैं।
विभागीय आदेश के तहत अपर संचालक स्तर के अधिकारियों को संभागवार जिम्मेदारी देकर योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने की व्यवस्था की गई है। शासन का मानना है कि इस प्रशासनिक पुनर्संरचना से आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।















