The Duniyadari: नई दिल्ली/भोपाल- राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में मजबूत प्रदर्शन करते हुए कई सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की है। खासतौर पर मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा, जहां उसके उम्मीदवार का नामांकन निरस्त होने के बाद भाजपा के सभी प्रत्याशी बिना मुकाबले विजयी घोषित कर दिए गए।
मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित हुए। कांग्रेस की ओर से मैदान में उतरी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन तकनीकी आपत्तियों के चलते खारिज कर दिया गया था। भाजपा ने उन पर नामांकन दस्तावेजों में आवश्यक जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था। रिटर्निंग अधिकारी द्वारा नामांकन रद्द किए जाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन शीर्ष अदालत ने चुनाव प्रक्रिया में दखल देने से इनकार कर दिया। इसके बाद भाजपा उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत तय हो गई।
उधर गुजरात में भी भाजपा ने चारों राज्यसभा सीटों पर कब्जा जमाया। पार्टी के उम्मीदवार राजू शुक्ल, मानसिंह परमार, मुकेश राठवा और जितेंद्र कंजारिया बिना किसी मुकाबले के निर्वाचित घोषित किए गए। इस परिणाम के साथ राज्यसभा में गुजरात का पूरा प्रतिनिधित्व भाजपा के खाते में चला गया है।
राजस्थान में भी चुनावी तस्वीर लगभग एकतरफा रही। यहां भाजपा के सतीश पूनिया और अल्का गुर्जर के साथ कांग्रेस के नीरज डांगी निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे। किसी भी सीट पर मतदान की नौबत नहीं आई।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन परिणामों ने राज्यसभा में भाजपा की स्थिति को और मजबूत किया है, जबकि कांग्रेस के लिए यह चुनाव कई राज्यों में संगठनात्मक और रणनीतिक चुनौतियों का संकेत माना जा रहा है।















