The Duniyadari: रायपुर- मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार देर रात प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जो करीब पांच घंटे तक चली। देर रात शुरू हुई यह बैठक रात दो बजे के बाद समाप्त हुई। बैठक के बाद बाहर निकले मंत्रियों ने इसे नियमित समीक्षा बैठक बताते हुए किसी भी राजनीतिक अटकल को सिरे से खारिज किया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह समय-समय पर होने वाली समीक्षा बैठकों का हिस्सा है, जिसमें मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों की स्थिति, विकास कार्यों की प्रगति और प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार की योजनाओं और संगठन-सरकार के बेहतर समन्वय को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक के बाद मंत्री रामविचार नेताम ने मुस्कुराते हुए कहा कि सभी तरह के कयास निराधार साबित हुए हैं और सरकार पूरी एकजुटता के साथ काम कर रही है।
हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर अलग-अलग चर्चाएं होती रहीं। सूत्रों के अनुसार, इससे पहले प्रदेश भाजपा संगठन की बैठक में कुछ पदाधिकारियों ने मंत्रियों और संगठन के बीच संवाद की कमी का मुद्दा उठाया था। बताया गया कि कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को मंत्रियों से मुलाकात के लिए समय नहीं मिल रहा था तथा स्थानीय स्तर पर समन्वय को लेकर भी असंतोष सामने आया था।
इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक को संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही और उन्होंने चर्चा के विभिन्न बिंदुओं का समन्वय किया।
गौरतलब है कि मंत्रियों को बैठक के लिए संक्षिप्त संदेश भेजकर मुख्यमंत्री निवास बुलाया गया था, जिससे बैठक के एजेंडे को लेकर दिनभर राजनीतिक चर्चाओं का दौर चलता रहा। हालांकि बैठक समाप्त होने के बाद मंत्रियों के बयानों ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया।















