The Duniyadari: बलौदाबाजार- अंधविश्वास का सहारा लेकर लोगों से ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिमगा पुलिस ने एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। बीएससी की छात्रा को भूत-प्रेत का डर दिखाकर ऑनलाइन पैसे ऐंठने वाले मध्य प्रदेश निवासी आरोपी को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए कारावास की सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी जयप्रकाश मिश्रा ने खुद को तांत्रिक बताकर छात्रा से संपर्क किया और दावा किया कि उस पर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव है। उसने पूजा-पाठ कराने के नाम पर अलग-अलग किश्तों में छात्रा से क्यूआर कोड के माध्यम से कुल 18,600 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने सिमगा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंकिंग लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की। साक्ष्यों के आधार पर उसे मध्य प्रदेश के शहडोल से गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सिमगा ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए अलग-अलग अवधियों की कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अंधविश्वास फैलाकर लोगों को ठगने वाले अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों और मजबूत विवेचना ने आरोपी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सराहना की।















