Friday, August 14, 2026
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दीपका पेट्रोल पंप पर कथित नकली ऑटो प्रोडक्ट का मामला, पुलिस ने दूसरे आरोपी को पकड़ा

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The Duniyadari: कोरबा/दीपका– तिवरता स्थित श्रद्धा पेट्रोल पंप से कथित तौर पर ब्रांडेड नाम से नकली ऑटोमोबाइल उत्पादों की बिक्री और भंडारण से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए एक और आरोपी अनूप गोयल (अग्रवाल) को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में पेट्रोल पंप संचालक चैतन्य मनहर की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

मामले की शुरुआत 7 अगस्त को हुई पुलिस कार्रवाई से हुई थी। पेट्रोल पंप परिसर के पीछे बने स्टोर रूम की तलाशी के दौरान टाटा मोटर्स के नाम वाले डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) के 192 नग और गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट के 20 नग बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, कुल 212 सीलबंद उत्पाद जब्त किए गए हैं।

यह कार्रवाई टाटा EIPR (India) Pvt. Ltd. के जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर की गई। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के साथ कॉपीराइट अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है।

FIR के बाद फरार था आरोपी

पुलिस के मुताबिक अपराध दर्ज होने के बाद अनूप गोयल फरार था। तलाश के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने कोरबा के मोतीसागर पारा स्थित उसकी फैक्ट्री पहुंचकर वहां भी जांच की।

फैक्ट्री में DEF के निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया और संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। जांच का एक अहम बिंदु यह है कि तैयार किए जा रहे उत्पादों की पैकेजिंग किस स्थान पर और किस अनुमति के तहत की जाती थी।

पैकेजिंग व्यवस्था को लेकर जांच

फैक्ट्री की जांच के दौरान DEF की पैकेजिंग से संबंधित स्पष्ट यूनिट नहीं मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उत्पाद की पैकेजिंग कहां होती थी और उसे ब्रांडेड नाम के साथ बाजार तक कैसे पहुंचाया जाता था।

हालांकि, बरामद उत्पाद वास्तव में नकली हैं या नहीं, साथ ही उनकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग से जुड़े आरोप कितने सही हैं, इसका अंतिम निष्कर्ष तकनीकी और दस्तावेजी जांच के बाद ही सामने आएगा।

उत्पाद की गुणवत्ता भी जांच के दायरे में

DEF आधुनिक डीजल वाहनों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए इस्तेमाल होने वाला महत्वपूर्ण तरल पदार्थ है। इसलिए पुलिस जब्त सामग्री के निर्माण स्रोत और गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

वहीं, पेट्रोल पंप संचालक चैतन्य मनहर के पिता एवं डीलर कुशल मनहर ने मामले में अपने बेटे का बचाव करते हुए आरोपों से अलग होने की बात कही है। उनका दावा है कि DEF और ऑयल से संबंधित गतिविधियों में अनूप गोयल की भूमिका थी और उनके बेटे को इस मामले में गुमराह किया गया। मामले में पुलिस की आगे की जांच से ही पूरे नेटवर्क और उत्पादों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।