Monday, September 28, 2026
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जांजगीर जिला अस्पताल में प्रसूता की मौत से मचा हड़कंप, गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप; परिजनों का हंगामा

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The Duniyadari: जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिला अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के परिजनों ने अस्पताल की स्टाफ नर्स पर गलत इंजेक्शन लगाने और इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा, परिजनों का दावा है कि महिला की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पोस्टमार्टम कराए बिना शव घर ले जाने के लिए भी दबाव बनाया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध जताया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

सामान्य प्रसव के दो दिन बाद बिगड़ी तबीयत, फिर गई जान

मिली जानकारी के अनुसार, अफरीद गांव की रहने वाली गर्भवती महिला को 24 सितंबर को प्रसव के लिए जांजगीर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन 25 सितंबर को महिला ने सामान्य प्रसव के जरिए बच्चे को जन्म दिया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य बताया जा रहा था, लेकिन इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी।
परिजनों के मुताबिक, 27 सितंबर की रात महिला ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसर गया और अस्पताल में मौजूद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
नर्स पर गलत इंजेक्शन देने का आरोप


महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में उपचार के दौरान लापरवाही किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्टाफ नर्स द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद महिला की हालत बिगड़ी थी। हालांकि, इंजेक्शन और मौत के बीच वास्तविक संबंध की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट से ही हो सकेगी।


परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला की मृत्यु के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के बिना शव ले जाने के लिए कहा गया। इस बात को लेकर अस्पताल में विवाद की स्थिति बन गई।

नवजात की परवरिश के लिए मांगी आर्थिक सहायता
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इलाज में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वहीं, मां की मौत के बाद नवजात बच्चे के भविष्य और पालन-पोषण को लेकर भी परिवार चिंतित है। परिजनों ने बच्चे की परवरिश के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।

फिलहाल, महिला की मौत को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच और अस्पताल प्रबंधन की ओर से सामने आने वाला पक्ष मामले में महत्वपूर्ण होगा।