Thursday, October 22, 2026
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PV ऐप के फेर में अटका राजस्व कामकाज, पटवारियों की हड़ताल से किसान पंजीयन पर संकट

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The Duniyadari: कोरबा। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजस्व व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। कोरबा समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पटवारी कामकाज बंद कर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। फसल सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे PV ऐप की तकनीकी दिक्कतों और कर्मचारियों पर हो रही अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर पटवारी संघ ने नाराजगी जताई है। इसका असर अब किसानों के जरूरी कामों पर भी दिखाई देने लगा है।

पटवारियों के अनुसार, डिजिटल सर्वे की प्रक्रिया में कई तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं। नेटवर्क की समस्या, जानकारी अपलोड करने में बाधा और डेटा सिंक नहीं होने जैसी तकनीकी कमियों के कारण काम समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को दूर करने के बजाय संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने, निलंबित करने और वेतन रोकने जैसी कार्रवाई की जा रही है। संघ ने इसे अनुचित बताते हुए कार्रवाई वापस लेने की मांग उठाई है।

हड़ताल का सबसे बड़ा असर फसल सर्वे और आगामी धान खरीदी की तैयारियों पर पड़ रहा है। गिरदावरी और फसल के रकबे का सत्यापन प्रभावित होने से किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया भी बाधित हो रही है। प्रदेश में 15 नवंबर से प्रस्तावित धान खरीदी से पहले इन कार्यों का पूरा होना जरूरी माना जा रहा है। ऐसे में आंदोलन लंबा खिंचने पर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

राजस्व कार्यालयों में भी कामकाज की रफ्तार थम गई है। जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर जमीन के नामांतरण, सीमांकन और फौती संबंधी मामलों के निराकरण में देरी हो रही है। जरूरी दस्तावेजों के लिए तहसील कार्यालय पहुंच रहे लोगों को काम पूरा होने का इंतजार करना पड़ रहा है।

पटवारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने, पदोन्नति की प्रक्रिया समय पर पूरी करने और PV ऐप में आ रही तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान करने की जरूरत है। संघ निलंबन सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों को वापस लेने की मांग भी कर रहा है।

अधिकारियों के साथ बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है। संघ के पदाधिकारियों ने संकेत दिया है कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। फिलहाल हड़ताल खत्म होने के संकेत नहीं मिलने से राजस्व कार्यों और धान खरीदी की तैयारियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।