AIIMS in Bilaspur: Minister Singhdev had to delete his own tweet… now wrote in another tweet
AIIMS in Bilaspur

रायपुर। AIIMS in Bilaspur : बिलासपुर में एम्स खोलने के नाम पर आज उस समय बवाल मच गया जब मंत्री टीएस सिंहदेव का एक ट्वीट आया। दरअसल विधानसभा में कल बिलासपुर में एम्स खोलने को लेकर विधायक शैलेश पाण्डेय ने सवाल उठाया था जिस पर मंत्री की ओर से सकारात्मक जवाब मिला।

इस पर चर्चा के बाद आज स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का 12.57 मिनट पर एक ट्वीट आया। उसमें लिखा था- बिलासपुर में एम्स खोलने की सहमति मिल गई है। छत्तीसगढ़ में दूसरे एम्स खुलने से प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। ट्वीट आते ही तेजी से वायरल होने लगी। मगर बाद में पता चला, ये गलत खबर है। उनके निजी सचिव ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह गलती से ट्वीट हो गया था।

केंद्र के फैसले के बाद बिलासपुर का नाम प्रस्तावित

अब उन्होंने एक और ट्वीट (AIIMS in Bilaspur) किया जिसमे लिखा कि, गतदिवस, छत्तीसगढ़ विधानसभा में यह फैसला लिया गया है की राज्य के दुसरे ऐम्स के लिए केन्द्र सरकार के फैसले के बाद बिलासपुर का ही नाम प्रस्तावित किया जाएगा। जब भी छत्तीसगढ़ के लिए केन्द्र द्वारा यह अनुमति पारित होगी तो राज्य में दूसरा ऐम्स बिलासपुर में ही स्थापित होगा।

बिलासपुर में एम्स खोले जाने का मामला कल विधानसभा के बजट सत्र में गूंजा और आज स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने एक ट्वीट कर कहा कि बड़ा संतोष हो रहा है- बिलासपुर में एम्स खोलने जाने की सहमति मिल गई है। प्रदेश के एक और एम्स मिलने से स्वास्थ्य सुविधाओं मे और मजबूती मिलेगी। कल विधानसभा में इस पर काफी चर्चा हुई थी।

बिलासपुर के विधायकों ने इसे पुरजोर तरीके से उठाया था। बिलासपुर (AIIMS in Bilaspur) के सभी विधायक इस मांग पर लामबंद नजर आए। विधायक जानना चाह रहे थे कि बिलासपुर में एम्स खोलने के लिए राज्य सरकार ने जो पत्र भेजा था, उसका क्या हुआ। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रश्न के उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ का दूसरा एम्स बिलासपुर में खोलने के लिए पत्र लिखा गया है।

अभी वहां से कोई जवाब नहीं आया है। इस विषय पर मुख्यमंत्री जी भी बात हुई है। हमारा प्रयास होगा कि प्रदेश में दूसरा एम्स भी खुले। बिलासपुर इलाके के सभी विधायक इस बात पर लामबंद थे कि एम्स अगर खुलेगा तो बिलासपुर में ही खुले। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मैं जनप्रतिनिधियों की भावनाओं को समझता हूं। उन्होंने ये भी कहा कि कई राज्यों में अभी एक भी एम्स नहीं है।