The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अहम खबर सामने आई है। प्रदेश में व्याख्याता के 854 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने भर्ती को लेकर आदेश जारी कर दिया है। यह कदम मुख्यमंत्री की ओर से घोषित 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती की योजना के तहत उठाया गया है।
इन विषयों में होगी भर्ती
व्याख्याता के रिक्त पदों को आठ अलग-अलग विषयों में भरा जाएगा। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, भौतिकी, राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र शामिल हैं।
विषयवार पदों की बात करें तो हिंदी में 120, अंग्रेजी में 120 और संस्कृत में भी 120 पद निर्धारित किए गए हैं। वहीं भौतिकी के 94, जबकि राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र के 100-100 पद रखे गए हैं। इस तरह कुल 854 पदों पर नियुक्ति होगी।
ई और टी संवर्ग में बांटे गए पद
जारी जानकारी के अनुसार भर्ती के लिए 424 पद ई-संवर्ग तथा 430 पद टी-संवर्ग के स्कूलों में निर्धारित किए गए हैं। चयन प्रक्रिया के जरिए संबंधित स्कूलों में व्याख्याताओं के खाली पदों को भरा जाएगा।
लिखित परीक्षा के जरिए होगा चयन
इन पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा कराने की जिम्मेदारी कर्मचारी चयन मंडल को दी गई है। हालांकि फिलहाल आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। अभ्यर्थियों को आवेदन की तारीख घोषित होने का इंतजार करना होगा।
लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के बाद भर्ती को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। अब आवेदन की शुरुआत, परीक्षा की तारीख, पात्रता, पाठ्यक्रम और अन्य जरूरी निर्देशों से संबंधित जानकारी विभाग द्वारा अलग से जारी की जाएगी।
The Duniyadari: कोरबा। सपने वही सच होते हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए मेहनत और लगन के साथ लगातार प्रयास किया जाए। कोरबा के शशांक ने इसी सोच को अपनी कामयाबी की कहानी बना दिया है। महज 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने पायलट प्रशिक्षण पूरा कर अपने उस सपने को साकार किया है, जिसे उन्होंने बचपन से संजोया था।
शशांक ने दिल्ली की रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी से पायलट का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। प्रशिक्षण के बाद अब वह विमान उड़ाने के क्षेत्र में अपने करियर की नई शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ कोरबा और जांजगीर क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है।
12वीं में जिला टॉपर रहे, फिर पायलट बनने को बनाया लक्ष्य
शशांक की सफलता की कहानी पढ़ाई में शानदार प्रदर्शन से शुरू हुई। वर्ष 2022 में कक्षा 12वीं की परीक्षा में उन्होंने कोरबा जिले में टॉप कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। इसके बाद उन्होंने पायलट बनने का लक्ष्य तय किया और उसी दिशा में मेहनत शुरू कर दी।
विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण हासिल करना आसान नहीं था। इसके लिए उन्होंने लगातार अध्ययन और अभ्यास किया। करीब दो साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने पायलट प्रशिक्षण पूरा कर अपने लक्ष्य की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
माता-पिता ने बढ़ाया हौसला
शशांक की सफलता में उनके माता-पिता का भी अहम योगदान रहा। पिता शशांक को लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे, वहीं मां ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया। परिवार का कहना है कि बेटे की उपलब्धि उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है।
विमानन के साथ समाज के लिए भी कुछ करने की इच्छा
शशांक का सपना केवल पायलट बनने तक सीमित नहीं है। वह विमानन क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ अपने क्षेत्र और समाज के लिए भी काम करना चाहते हैं। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए यह संदेश देती है कि सही लक्ष्य तय कर लगातार मेहनत की जाए तो कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल की जा सकती है।
The Duniyadari: जांजगीर-चांपा। जिले में अवैध जुए के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बनारी गांव में दबिश दी। पुलिस टीम ने एक मकान में चल रहे जुए के फड़ से 9 लोगों को पकड़ा। मौके से 4 लाख 28 हजार रुपये नकद और ताश की गड्डियां बरामद की गई हैं। पकड़े गए लोगों में जांजगीर और नैला क्षेत्र के कारोबारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
गोपनीय तरीके से तैयार की गई कार्रवाई
पुलिस को ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर जुआ संचालित होने की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद संदिग्ध ठिकानों और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। रविवार रात पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीएसपी योगिता खापर्डे की अगुवाई में कोतवाली पुलिस और रिस्पॉन्स टीम को मिलाकर विशेष टीम बनाई गई।
कार्रवाई की भनक आरोपियों तक न पहुंचे, इसके लिए पुलिस ने पूरी योजना को गोपनीय रखा। टीम के जवानों के मोबाइल फोन भी बंद कराए गए। इसके बाद बनारी गांव में एक सुनसान मकान को घेरकर अचानक दबिश दी गई। पुलिस के पहुंचते ही वहां ताश के जरिए रुपयों का दांव लगा रहे लोगों में हड़कंप मच गया।
फड़ से लाखों की रकम जब्त
तलाशी के दौरान पुलिस को जुआ खेल रहे 9 लोग मिले। मौके से 4.28 लाख रुपये नकद के अलावा जुआ खेलने में इस्तेमाल की जा रही ताशपत्ती भी जब्त की गई। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
जांजगीर और नैला के लोग शामिल
उप पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैण्डन यार्क के अनुसार, पकड़े गए लोगों में जांजगीर और नैला के चर्चित कारोबारी भी शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ये आरोपी पकड़े गए
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में जांजगीर निवासी भैरव मिश्रा, अखिलेश राठौर, राम नारायण राठौर, धीरज पाठक, राहुल बजाज, अविनाश राठौर, मुकेश बजाज और कृष्ण कुमार चंद के साथ नैला निवासी तालिब खान शामिल हैं।
The Duniyadari:रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं भी सियासी बहस का मुद्दा बन गई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत मंत्री विजय शर्मा के बीच हुई बयानबाजी के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सामने चुनौती रखी है।
दीपक बैज ने स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रदेश के किसी भी अस्पताल का दौरा करने की बात कही। उनका कहना है कि अस्पतालों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जमीनी तस्वीर देखी जा सकती है। इस बयान के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने चुनौती को स्वीकार किया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी जवाब दिया। उन्होंने दीपक बैज को अपना पुराना मित्र बताते हुए कहा कि अस्पताल का चुनाव वे खुद कर सकते हैं। मंत्री ने कहा कि रायपुर हो या बस्तर, किसी भी क्षेत्र के अस्पताल में साथ जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि वह केवल मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि मित्र के तौर पर भी दीपक बैज के साथ अस्पताल जाने को तैयार हैं।
‘बताइए, कहां जाना है, जरूर जाएंगे’
श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यदि दीपक बैज अस्पतालों की स्थिति देखने जाना चाहते हैं तो उन्हें इसकी सूचना दे दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम तय होने पर वह उनके साथ जरूर जाएंगे।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस पर राजनीतिक तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में चर्चा करने का कोई ‘इंफेक्शन’ आ गया है।
अब दोनों नेताओं के बयानों के बाद निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल के निरीक्षण के लिए कौन-सा स्थान चुना जाता है और क्या दीपक बैज तथा श्याम बिहारी जायसवाल वास्तव में एक साथ अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेते हैं।
The Duniyadari: कुरनूल। आंध्र प्रदेश के कुरनूल शहर से प्रेम संबंध से जुड़ा एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां करीब एक दशक से चले आ रहे प्रेम संबंध का अंत उस वक्त दर्दनाक हो गया, जब प्रेमी के सरकारी शिक्षक बनने के बाद शादी से इनकार करने की बात सामने आई। प्रेमी के फैसले से आहत युवती ने कथित तौर पर कीटनाशक का सेवन कर लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मामला कुरनूल के बुधवारपेट इलाके का बताया जा रहा है। मृतका की पहचान मंजुला के रूप में हुई है। बताया गया कि मंजुला और गोनेगंडला निवासी कृष्णमूर्ति के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच शादी की बात भी चल रही थी और कृष्णमूर्ति ने मंजुला से विवाह करने का भरोसा दिलाया था।
इसी दौरान मंजुला ने बीएड की पढ़ाई पूरी करने के बाद डीएससी परीक्षा दी। दूसरी ओर कृष्णमूर्ति का चयन सरकारी शिक्षक के पद पर हो गया। आरोप है कि नौकरी लगने के बाद उसने मंजुला से दूरी बनानी शुरू कर दी। जब युवती शादी को लेकर बात करती, तो वह कथित तौर पर नाराज हो जाता।
बाद में कृष्णमूर्ति ने दोनों की अलग-अलग जाति होने का हवाला देते हुए विवाह से इनकार कर दिया। लंबे समय से साथ रहने और शादी की उम्मीद लगाए बैठी मंजुला इस फैसले से बेहद आहत हुई। परिजनों के अनुसार, घटना से पहले वह काफी परेशान थी।
इसके बाद मंजुला ने कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद परिवार ने जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और प्रेम संबंध, शादी के वादे तथा युवती की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है।
The Duniyadari: कोरबा। मुड़ापार के दशहरा मैदान में तैयार किए जा रहे मंच का एक हिस्सा ढलाई के लगभग एक दिन बाद ही टूटकर नीचे आ गिरा। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। राहत की बात यह रही कि जिस समय निर्माण का हिस्सा गिरा, उस दौरान लोग वहां से दूर हो चुके थे, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
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जानकारी के मुताबिक वार्ड क्रमांक 29 स्थित दशहरा मैदान में नगर निगम की ओर से करीब 10 लाख रुपये की लागत से मंच तैयार कराया जा रहा है। निर्माण के लिए खनिज न्यास मद की राशि का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। ढलाई के कुछ ही समय बाद छज्जे के गिरने से निर्माण की मजबूती और काम की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
निर्माण की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
मंच का हिस्सा गिरने के बाद आसपास के लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और निर्धारित तकनीकी मानकों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक राशि से होने वाले निर्माण में गुणवत्ता की नियमित निगरानी जरूरी है। लोगों ने पूरे काम की तकनीकी जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
इस मामले में ठेकेदार अश्वनी चौबे पर भी लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि निर्माण का हिस्सा किस तकनीकी वजह से गिरा। आधिकारिक स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पार्षद का दावा- पहले ही अधिकारियों को दी थी सूचना
हादसे की जानकारी मिलने पर वार्ड 29 के पार्षद गोपाल कुर्रे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया। पार्षद के अनुसार निर्माण को लेकर वह पहले भी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर चुके थे।
उनका दावा है कि 16 सितंबर को उन्होंने लिखित शिकायत देकर निर्माण कार्य से जुड़ी अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन शिकायत के बाद भी मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद ने यह भी कहा कि मंच की ढलाई के बारे में उन्हें पहले से सूचना नहीं दी गई थी।
अधिकारी के कथित बयान को लेकर भी नाराजगी
पार्षद ने अधिकारी तपन तिवारी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्हें कथित तौर पर हादसे को लेकर यह कहा गया कि “ऐसे हादसे होते रहते हैं।” इस कथित बयान पर पार्षद ने नाराजगी जताई है और निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर सवाल उठाए हैं।
पार्षद का आरोप है कि संबंधित अधिकारी की पोस्टिंग के बाद से उनके वार्ड में निरीक्षण के लिए दौरा भी नहीं किया गया। हालांकि इन आरोपों पर नगर निगम अधिकारी या संबंधित विभाग की ओर से अभी विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है।
कार्रवाई की मांग तेज, FIR और ब्लैकलिस्ट की उठी मांग
घटना के बाद राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश राठौर ने निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि रवि सिंह चंदेल ने जिम्मेदार अधिकारी के निलंबन की मांग की है।
उन्होंने ठेकेदार अश्वनी चौबे को ब्लैकलिस्ट करने के साथ मामले में FIR दर्ज कराने की मांग भी रखी है। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर नगर निगम आयुक्त के घेराव की चेतावनी दी गई है।
फिलहाल मंच का हिस्सा गिरने की घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब तकनीकी जांच और नगर निगम की आधिकारिक रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि निर्माण में आखिर किस स्तर पर चूक हुई।
The Duniyadari: ग्रह-नक्षत्रों के बदलाव का सभी 12 राशियों पर अलग-अलग असर, जानिए आज किसके सितारे देंगे साथ और किसे रहना होगा सावधान।
मेष: आज कामकाज में उत्साह बना रहेगा। किसी जरूरी काम में परिवार का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसला लें। जल्दबाजी से बचना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
वृषभ: आज आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम सामने आ सकता है। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। खर्च बढ़ने की संभावना है, इसलिए बजट का ध्यान रखें।
मिथुन: आज नए लोगों से मुलाकात आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी बात को महत्व मिलेगा। किसी पुराने विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने का अवसर मिल सकता है।
कर्क: आज परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। नौकरी में बदलाव या नई योजना पर विचार कर सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें और बिना जांच-पड़ताल निवेश न करें।
सिंह: आज आत्मविश्वास मजबूत रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रदर्शन की सराहना हो सकती है। व्यापारियों को किसी नए सौदे से लाभ मिलने के संकेत हैं। रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए संवाद जरूरी होगा।
कन्या: आज रुके हुए काम पूरे करने का अच्छा अवसर है। मेहनत और धैर्य से सफलता मिल सकती है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
तुला: आज आर्थिक स्थिति में सुधार के अवसर मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दे सकती है। घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। भावनाओं में आकर कोई बड़ा फैसला न लें।
वृश्चिक: आज काम का दबाव थोड़ा अधिक रह सकता है, लेकिन आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। पुराने संपर्कों से फायदा मिल सकता है। धन संबंधी मामलों में सावधानी जरूरी है।
धनु: आज नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए दिन अच्छा रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों को जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत हैं। यात्रा की योजना बन सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा।
मकर: आज किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर सामने आ सकते हैं। वरिष्ठ लोगों की सलाह आपके लिए उपयोगी रहेगी। निजी रिश्तों में भरोसा बनाए रखें।
कुंभ: आज रचनात्मक कामों में रुचि बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। किसी पुराने मित्र से बातचीत मन को खुशी देगी। अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर रहेगा।
मीन: आज दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ हो सकती है। मेहनत से जुड़े कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बन सकता है। अपनी योजनाओं को हर किसी से साझा करने से बचें।
The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को हथियारों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में सोना भी मिल रहा है। पुलिस के मुताबिक बीते करीब दो वर्षों में बस्तर के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए अभियानों के दौरान लगभग 8 किलो सोना बरामद किया जा चुका है। इनमें कई जगहों से सोने के बिस्कुट भी मिले हैं।
पुलिस की कार्रवाई में सामने आया है कि नक्सली अपने सामान को सुरक्षित रखने के लिए जंगलों में जमीन के भीतर डंप तैयार करते थे। इन गुप्त ठिकानों में हथियार, नकदी और कीमती धातुओं को प्लास्टिक के ड्रम, बर्तनों तथा अन्य कंटेनरों में छिपाया जाता था। बीजापुर के बासागुड़ा और कुटरू से लेकर दंतेवाड़ा के बारसूर क्षेत्र तक ऐसे कई ठिकानों का पता चला है।
नकदी के बजाय सोने में लगाया पैसा
एंटी-नक्सल ऑपरेशन से जुड़े अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद के अनुसार, नक्सली लंबे समय तक नकदी के रूप में रकम रखने को लेकर सतर्क हो गए थे। नोटबंदी के दौरान पुराने नोटों के सामने आई मुश्किलों के बाद उन्होंने कथित तौर पर अपनी आर्थिक संपत्ति का एक हिस्सा सोने में बदलना शुरू किया।
पुलिस का कहना है कि सोने को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इसे रकम में बदला भी जा सकता है। इसी वजह से नक्सली नेटवर्क में सोने के बिस्कुट और सिक्कों का इस्तेमाल बढ़ने की बात सामने आई है।
हथियारों के साथ मिले सोने के बिस्कुट
जंगलों में मिले कुछ भूमिगत डंप में पुलिस को आधुनिक हथियारों के साथ सोना भी बरामद हुआ है। इनमें एके-47 जैसी राइफलें और अन्य सामग्री शामिल रही है। जांच के दौरान पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों के बंडल भी कुछ स्थानों से मिलने की जानकारी पुलिस ने दी है। इससे संकेत मिलता है कि नक्सली संगठन का पुराना कैश पूरी तरह खप नहीं पाया था।
कैडरों को भुगतान के लिए भी सोने का इस्तेमाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुछ परिस्थितियों में नक्सली संगठन के लोगों को रोजमर्रा के खर्च या जरूरतों के लिए नकदी की जगह सोने के बिस्कुट दिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, जंगलों में मौजूद सभी डंप तक पहुंचना सुरक्षा बलों के लिए आसान नहीं है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कई गुप्त ठिकानों की जानकारी संगठन के सीमित और शीर्ष स्तर के नेताओं तक ही रहती थी। इनमें से कई नेता अब मारे जा चुके हैं। ऐसे में सुराग जुटाना चुनौती बना हुआ है।
सरेंडर कर चुके कैडरों से मिल रही मदद
सुरक्षा एजेंसियां अब आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली कमांडरों और वरिष्ठ कैडरों से मिली जानकारी के आधार पर पुराने डंप की तलाश कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि ऐसे पूर्व कैडरों से मिली सूचनाओं के जरिए जंगलों में छिपाए गए हथियारों, नकदी और कीमती सामान के अन्य ठिकानों तक भी पहुंच बनाई जा सकेगी।
The Duniyadari: कोरबा। सोशल मीडिया पर आपराधिक छवि दिखाकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कोरबा पुलिस ने कार्रवाई की है। कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में गौतम तंवर और हर्ष वैष्णव उर्फ गब्बर को गिरफ्तार किया है। इनमें एक युवक पर सोशल मीडिया के जरिए खुद को दबंग बताकर लोगों से पैसे मांगने का आरोप है, जबकि दूसरे के खिलाफ धारदार हथियार लेकर लोगों को डराने की शिकायत सामने आई थी।
सोशल मीडिया पर बनाता था दबदबे की तस्वीर
पुलिस के अनुसार पुराना बस्ती क्षेत्र निवासी 22 वर्षीय गौतम तंवर सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो पोस्ट करता था, जिनमें वह खुद को इलाके का ‘डॉन’ और ‘भाई जी’ के रूप में पेश करता था। आरोप है कि इसी छवि का इस्तेमाल कर वह लोगों से शराब पीने के लिए पैसे की मांग करता था।
लगातार शिकायतें मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसे क्षेत्र में पैदल ले जाकर लोगों के सामने पेश किया। पुलिस के मुताबिक गौतम का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और उसके खिलाफ पहले से कुछ प्रकरण दर्ज हैं।
चापड़ लेकर घूम रहा था युवक
दूसरा मामला फोकटपारा इलाके का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि हर्ष वैष्णव उर्फ गब्बर हाथ में धारदार चापड़ लेकर लोगों के बीच भय का माहौल बना रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को हथियार सहित पकड़ लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चापड़ बरामद किया है। मामले में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
कोतवाली थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से भय का माहौल बनाने, लोगों को धमकाने या हथियारों का प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस की नजर है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
The Duniyadari: गेवरा बस्ती/कोरबा। गेवरा क्षेत्र में भू-अधिग्रहण के बदले रोजगार और प्रभावित परिवारों के अधिकारों का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। रविवार, 20 सितंबर को क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ग्रामीणों के साथ खोड़री फेस पहुंचे। यहां फिलहाल KNR कंपनी के माध्यम से खनन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मौके पर ग्रामीणों ने रोजगार से जुड़े मामलों को लेकर SECL प्रबंधन के प्रति नाराजगी जताई।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों में वार्ड क्रमांक 24 के पार्षद राजकुमार कंवर, वार्ड 26 के पार्षद प्यारेलाल दिवाकर, वार्ड 27 के पार्षद इंद्रजीत बिंझवार, वार्ड 28 के पार्षद श्रवण यादव और ग्राम बता के प्रतिनिधि आदर्श बघेल शामिल रहे।
प्रभावितों को पीछे छोड़ने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि खनन परियोजना के लिए जिन परिवारों की जमीन प्रभावित हो रही है, रोजगार उपलब्ध कराने में उन्हें अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है। आरोप है कि परियोजना से सीधे तौर पर प्रभावित नहीं होने वाले लोगों को भी रोजगार का अवसर दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब परियोजना का सीधा असर उनकी जमीन और आजीविका पर पड़ रहा है, तो रोजगार के मामले में सबसे पहले उन्हीं परिवारों के हितों को देखा जाना चाहिए।
प्रबंधन के रवैये पर भी नाराजगी
खोड़री फेस पहुंचे लोगों ने SECL प्रबंधन पर प्रभावित ग्रामीणों और स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार नहीं किए जाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा और समाधान की आवश्यकता है।
इस दौरान रोजगार के अलावा प्रबंधन और प्रभावित परिवारों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने तथा ग्रामीणों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किए जाने की मांग भी सामने आई।
बैठक में मोबाइल रखने का दावा
ग्रामीणों ने एक बैठक को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि SECL की बैठक के दौरान कुछ ग्रामवासियों के मोबाइल फोन जमा कराए गए थे। ग्रामीणों ने कथित तौर पर यह भी कहा कि बड़े संगठनों के पदाधिकारियों को बैठकों में अलग तरह का सम्मान मिलता है, जबकि प्रभावित गांव के आम ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार में अंतर किया जाता है।
इन आरोपों को लेकर SECL प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रबंधन का पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
आंदोलन के बाद भी कायम है रोजगार का सवाल
गेवरा बस्ती के ग्रामीण इससे पहले भू-अधिग्रहण, मुआवजा, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। आंदोलन के बाद प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय चर्चा होने की बात भी सामने आई थी। ग्रामीण