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छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से, पांच दिनों तक चलेगी सदन की कार्यवाही

The Duniyadari: रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तारीखों पर अंतिम मुहर लग गई है। राज्य सरकार और विधानसभा अध्यक्ष के बीच हुई चर्चा के बाद 13 से 17 जुलाई तक सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के साथ ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

इस बार मानसून सत्र कुल पांच कार्यदिवसों का होगा, जिसमें सरकार विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर सकती है। साथ ही कुछ संशोधन विधेयकों को सदन में प्रस्तुत किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, इस सत्र में अनुपूरक बजट पेश किए जाने की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है। हालांकि विपक्ष प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार भी अपने कार्यों और योजनाओं का ब्यौरा सदन के पटल पर रख सकती है।

मानसून सत्र को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

चलती कार बनी आग का गोला, परिवार के तीन लोगों ने कूदकर बचाई जान

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The Duniyadari: भिलाई- दुर्ग-भिलाई बायपास मार्ग पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सड़क पर दौड़ रही एक कार में अचानक आग भड़क उठी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कार में सवार एक ही परिवार के तीन सदस्य समय रहते बाहर निकल गए, जिससे उनकी जान बच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन दुर्ग की ओर जा रहा था, तभी कार से धुआं निकलना शुरू हुआ और देखते ही देखते आग ने वाहन के अगले हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग तेजी से फैलने लगी, लेकिन कार में मौजूद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित कर लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि तब तक कार का बड़ा हिस्सा जल चुका था।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने आग की लपटों और उठते धुएं का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह आग की चपेट में दिखाई दे रहा है, जबकि आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद नजर आ रहे हैं।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की पड़ताल में जुटे हैं।

शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने की अपील, CM साय ने जनप्रतिनिधियों को लिखा पत्र

The Duniyadari: Raipur- मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रदेशभर में 16 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्र जारी कर कहा कि शिक्षा समाज और राज्य के विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है तथा यह सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से दूर न रहे।

मुख्यमंत्री ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ना और उसकी नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों में पहुंचकर बच्चों के नामांकन को प्रोत्साहित करने तथा स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाने का आह्वान किया।

साय ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं इस अभियान से जुड़ेंगे तो यह केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बन जाएगा। इससे शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक बच्चे स्कूलों तक पहुंच सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में पीएम श्री विद्यालयों के जरिए आधुनिक शिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। वहीं वर्ष 2026 से 150 विवेकानंद विद्यालय स्थापित कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी है। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप सरकारी स्कूलों को तकनीकी रूप से सक्षम और विद्यार्थी-केंद्रित बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और बालिकाओं के लिए सरस्वती साइकिल जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सभी जनप्रतिनिधियों और समाज के सहयोग से प्रदेश के हर बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने का लक्ष्य जरूर हासिल होगा।

टीवी इंडस्ट्री को बड़ा झटका: अभिनेत्री संचिता उगले ने की आत्महत्या, 30 साल की उम्र में निधन

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The Duniyadari: नई दिल्ली/मुंबई। टेलीविजन और फिल्म जगत से एक

बेहद दुखद खबर सामने आई है। लोकप्रिय अभिनेत्री Sanchita Ugale का कथित तौर पर आत्महत्या के कारण निधन हो गया। महज 30 वर्ष की उम्र में उनके अचानक चले जाने से मनोरंजन जगत, उनके प्रशंसकों और करीबियों में शोक की लहर दौड़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 14 जून को मुंबई में हुई, जबकि मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

संचिता उगले छोटे पर्दे का जाना-पहचाना चेहरा थीं। उन्होंने कई लोकप्रिय धारावाहिकों में अपने अभिनय से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई थी। वे ‘साजन घर’, Kumkum Bhagya, Wagle Ki Duniya और ‘दिलवाली दूल्हा ले जाएगी’ जैसे शोज़ में नजर आई थीं। इसके अलावा उन्होंने Chhaava फिल्म में भी अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें उन्होंने ताराबाई का किरदार निभाया था।

उनके निधन की खबर ने लोगों को इसलिए भी हैरान कर दिया क्योंकि मौत से कुछ घंटे पहले तक वे सोशल मीडिया पर सक्रिय दिखाई दी थीं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक रील साझा की थी, जिसमें वे मुस्कुराती और उत्साह से भरी नजर आ रही थीं। इस वीडियो को देखने के बाद उनके प्रशंसकों के लिए इस खबर पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है।

फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। परिवार की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर प्रशंसक और टीवी जगत से जुड़े कलाकार संचिता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं।

यदि आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक संकट से गुजर रहा है, तो परिवार, दोस्तों या किसी पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत सहायता लेना महत्वपूर्ण है।

CG High Court की सख्ती: अवैध मदरसा हटाया गया, जमीन पर बनेंगे गरीबों के घर

The Duniyadari: भिलाई– छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बाद भिलाई में एक अवैध रूप से संचालित मदरसे पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया। लंबे समय से विवादों में रहे इस निर्माण को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन था। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, संबंधित भूमि पर किए गए निर्माण को अवैध पाया गया था। नोटिस और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

अधिकारियों ने बताया कि जिस भूमि पर अवैध निर्माण हटाया गया है, वहां अब सरकार की आवासीय योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास विकसित किए जाएंगे। इससे बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि शहर में सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भूमि का उपयोग जनहित और विकास कार्यों के लिए किया जाए।

कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

पलटा ऑक्सीजन टैंकर, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

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The Duniyadari: केशकाल- राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब ऑक्सीजन से भरा एक टैंकर केशकाल घाट में अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि चालक की तत्परता और सूझबूझ के चलते एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।

मिली जानकारी के अनुसार, टैंकर जगदलपुर से ओडिशा के झारसुगुड़ा की ओर जा रहा था। केशकाल घाट के एक तीखे मोड़ पर अचानक वाहन के ब्रेक जवाब दे गए, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टैंकर सड़क किनारे पलट गया।

दुर्घटना के बाद टैंकर से ऑक्सीजन का रिसाव शुरू हो गया, जिससे आसपास मौजूद लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। हादसे में चालक उदय ठाकुर को मामूली चोटें आईं, जबकि किसी अन्य के हताहत होने की खबर नहीं है।

चालक ने बताया कि ब्रेक फेल होने की स्थिति को भांपते ही उन्होंने तुरंत टैंक का सेफ्टी वाल्व खोल दिया, जिससे ऑक्सीजन नियंत्रित रूप से बाहर निकलती रही और टैंक के भीतर दबाव नहीं बढ़ पाया। विशेषज्ञों के अनुसार, दबाव बढ़ने की स्थिति में गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।

चालक की समझदारी और समय पर उठाए गए कदमों से न केवल बड़ा नुकसान टला, बल्कि क्षेत्र में संभावित जनहानि की आशंका भी समाप्त हो गई। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पर फैलाई गई भ्रामक जानकारी, प्रशासन ने बताया पूरा सच

The Duniyadari: एमसीबी– मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में लगाए गए आरोपों को जिला प्रशासन ने पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। प्रशासन का कहना है कि योजना के तहत हितग्राहियों को प्रदान की गई सामग्री और वित्तीय सहायता शासन के निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही दी गई है।

जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी 2026 को खड़गवां विकासखंड के चनवारीडांड में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 184 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। वीडियो में कुछ महिलाओं द्वारा यह आरोप लगाया गया कि उन्हें योजना के तहत दिया गया मंगलसूत्र निम्न गुणवत्ता का था और इसके नाम पर बड़ी राशि खर्च दिखाई गई। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने पूरे प्रकरण की वस्तुस्थिति स्पष्ट की है।

प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक पात्र कन्या के लिए 50 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत है। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से भेजे गए थे। शेष राशि विवाह आयोजन, भोजन, टेंट, परिवहन, प्रमाण-पत्र, वस्त्र, श्रृंगार सामग्री तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर नियमानुसार खर्च की गई।

अधिकारियों ने बताया कि शासन के प्रावधानों के अनुसार योजना में वितरित किए जाने वाले मंगलसूत्र का चांदी का होना अनिवार्य नहीं है। इसी कारण उपलब्ध बजट और बाजार दरों को ध्यान में रखते हुए कृत्रिम मंगलसूत्र खरीदे गए थे। बाद में सामग्री की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित आपूर्तिकर्ता के भुगतान से प्रति मंगलसूत्र एक हजार रुपये की कटौती की गई और यह राशि सीधे संबंधित वधुओं के खातों में जमा करा दी गई।

प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया के बाद प्रत्येक लाभार्थी को कुल 36 हजार रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। साथ ही विवाह आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित नियमों और वित्तीय प्रावधानों के अनुरूप की गईं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता नहीं हुई है। लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों पर भरोसा न करें तथा किसी भी सूचना की पुष्टि संबंधित विभाग या प्रशासनिक अधिकारियों से ही करें।

पुलिस की फुर्ती से चोर चढ़े हत्थे, घंटों में बरामद हुए चोरी के जेवर

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The Duniyadari: Bilaspur जिले के सकरी थाना क्षेत्र में हुई चोरी की एक वारदात का पुलिस ने बेहद कम समय में पर्दाफाश कर दिया। मामले में दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 60 हजार रुपये बताई जा रही है।

मामला साईं नगर उस्लापुर का है, जहां रहने वाली एक महिला ने अपने घर में चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला के अनुसार वह अस्पताल में कार्यरत हैं और ड्यूटी पर जाने के दौरान घर में ताला लगाकर गई थीं। अगले दिन लौटने पर घर का दरवाजा टूटा मिला और आलमारी में रखे जेवर व नकदी गायब थे।

शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस संदिग्धों तक पहुंची और दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में दोनों ने पहले पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की, लेकिन साक्ष्यों के सामने ज्यादा देर तक टिक नहीं सके और चोरी की वारदात कबूल कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गए चांदी के पायल, कमरबंद, सोने के कान के जेवर तथा अन्य सामान बरामद कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और डॉग स्क्वॉड की सहायता से मामले को तेजी से सुलझाने में सफलता मिली। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों को कड़ा संदेश गया है कि कानून से बच पाना आसान नहीं है।

स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में इसी तरह त्वरित कार्रवाई देखने को मिलेगी।

उत्कल एक्सप्रेस में खुलेआम गांजा पीता मिला यात्री, निगरानी पर उठे सवाल

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The Duniyadari: Bilaspur– ट्रेनों में धूम्रपान और नशीले पदार्थों के सेवन पर सख्त प्रतिबंध होने के बावजूद यात्रियों को इस समस्या से राहत नहीं मिल रही है। लंबी दूरी की ट्रेनों में कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर खुलेआम सिगरेट, बीड़ी और गांजा पीते नजर आते हैं। इससे अन्य यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

हाल ही में पुरी जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस में ऐसा ही एक मामला सामने आया। ट्रेन के स्लीपर कोच में सफर कर रहे यात्रियों ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति कोच के दरवाजे के पास बैठकर गांजा मिश्रित बीड़ी पी रहा था। उसके धुएं और तीखी गंध से आसपास खड़े यात्रियों को परेशानी होने लगी। जब कुछ लोगों ने उसे ऐसा करने से रोका तो उसने जगह बदल ली, लेकिन नशा करना बंद नहीं किया और बाद में शौचालय के पास जाकर धुआं उड़ाने लगा।

यात्रियों का कहना है कि पूरे सफर के दौरान कोच में न तो टिकट जांच करने वाला स्टाफ पहुंचा और न ही सुरक्षा बलों की कोई टीम दिखाई दी। इससे नियम तोड़ने वालों के हौसले और बढ़ जाते हैं। यात्रियों ने यह भी शिकायत की कि संबंधित स्लीपर कोच में भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति थी, जिससे सफर और अधिक कठिन हो गया।

रेलवे के नियमों के मुताबिक ट्रेन और स्टेशन परिसर में धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने और कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान भी है। बावजूद इसके, पर्याप्त निगरानी और नियमित जांच के अभाव में ऐसे मामलों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से ट्रेनों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि सफर सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सके।

कूलर में पानी भरते समय हुआ हादसा: करंट लगने से महिला की मौत, परिवार में पसरा मातम

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The Duniyadari: जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। लैलूंगा थाना क्षेत्र के तारागढ़ गांव में एक महिला की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला घर में लगे कूलर में पानी भर रही थी। इसी दौरान कूलर में करंट प्रवाहित होने के कारण वह उसकी चपेट में आ गई।

घटना के बाद महिला की चीख सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे कूलर से अलग किया। गंभीर हालत में उसे तत्काल सिविल अस्पताल पत्थलगांव ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में मामला करंट लगने से मौत का बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना के बाद गांव और परिवार में शोक का माहौल है।