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यूपी: स्वामी प्रसाद मौर्य के सिर हार का ठीकरा, सपा गठबंधन के नेता ने जताया साजिश का शक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) की हार को लेकर अब गठबंधन के नेताओं के बीच एक दूसरे पर दोष मढ़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। सपा गठबंधन में शामिल महान दल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य ने हार के लिए स्वामी प्रसाद मौर्य पर ठीकरा फोड़ दिया है।

चुनाव से ठीक पहले योगी कैबिनेट छोड़कर सपा में आए स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर केशव देव ने कहा है कि उनका आना बीजेपी की साजिश का भी हिस्सा हो सकता है। स्वामी प्रसाद मौर्य खुद तो ओवरकॉन्फिडेंस में थे ही, सपा के दूसरे नेताओं को भी उन्होंने ओवरकॉन्फिडेंस में ला दिया।

केशव देव मौर्य ने कहा है कि उनकी पार्टी को उचित सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने अपनी पार्टी को महज 2 सीटें दिए जाने को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। केशव देव मौर्य ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि सपा के प्रत्याशियों की ओर से महान दल के कैडर का कम इस्तेमाल किया गया। उस वोट पर सपा का फोकस कम था।

केशव ने कहा कि जब तक स्वामी नहीं आए थे महान दल को तव्वजो दी जा रही ती, जब स्वामी प्रसाद मौर्य आए तो सपा नेता ओवर कॉन्फिडेंस हो गए और महान दल को दरकिनार कर दिया गया।

बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य चुनाव से ठीक पहले योगी कैबिनेट से इस्तीफा देकर सपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने सपा की जीत को लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे। खुद अखिलेश यादव ने भी स्वामी के पार्टी में शामिल होने को जीत की निशानी बताई थी।

हालांकि, स्वामी प्रसाद मौर्य फाजिलनगर से अपनी सीट भी हार गए तो सपा गठबंधन 125 सीटों पर सिमट गया। सपा गठबंधन के तमाम दावों के विपरीत भाजपा गठबंधन ने 273 सीटों पर जीत हासिल की।

 यह महिला रातोंरात बनी स्टार; सैकड़ों भारतीयों को यूक्रेन से लेकर आई भारत

Viral Video: रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine war) के बीच, 24 वर्षीय भारतीय पायलट ने उस समय सुर्खियों में आ गई जब उसने यूक्रेन की पोलिश और हंगेरियन सीमाओं में फंसे 800 से अधिक भारतीय छात्रों को लेकर भारत आई. इंडिया डॉट कॉम की खबर के मुताबिक, कोलकाता की रहने वाली महाश्वेता चक्रवर्ती (Mahasweta Chakraborty) नाम की पायलट ने युद्ध प्रभावित यूक्रेन में फंसे 800 से अधिक भारतीय छात्रों को निकालने के लिए छह उड़ानें भरीं. ‘ऑपरेशन गंगा’ के सदस्य चक्रवर्ती ने रूस-यूक्रेन संकट के बीच फंसे हुए छात्रों को बचाने के लिए 27 फरवरी से 7 मार्च के बीच छह निकासी उड़ानें भरीं.

ऑपरेशन गंगा के तहत महिला पायलट हुआ पॉपुलर
महाश्वेता ने कुल छह में से चार पोलैंड से और दो हंगरी से उड़ानें भरी. भाजपा महिला मोर्चा के ट्विटर अकाउंट द्वारा एक ट्वीट किया गया, जिसमें इस युवा पायलट की खूब तारीफ की गई. कैप्शन में लिखा, ‘कोलकाता के 24 वर्षीय पायलट महाश्वेता चक्रवर्ती ने यूक्रेन, पोलैंड और हंगरी की सीमा से 800 से अधिक भारतीय छात्रों को बचाया. उनके लिए बहुत सम्मान.’

0 तनुजा चक्रवर्ती की बेटी हैं महाश्वेता

गौरतलब है कि महाश्वेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) पश्चिम बंगाल महिला मोर्चा की अध्यक्ष तनुजा चक्रवर्ती की बेटी है. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से स्नातक, वह पिछले चार वर्षों से एक प्राइवेट कैरियर में उड़ान भर रही हैं. वह COVID-19 के शुरुआती चरण के दौरान वंदे भारत मिशन का भी हिस्सा थीं.

https://twitter.com/BJPMahilaMorcha/status/1502717544234643458?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1502717544234643458%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fzeenews.india.com%2Fhindi%2Foff-beat%2Findian-woman-put-her-life-at-stake-save-the-lives-of-800-indians-became-an-star%2F1124450

हमेशा से बनना चाहती थीं पायलट
चक्रवर्ती ने मीडिया को बताया, ‘देर रात फोन आया और बताया गया कि मुझे बचाव के लिए चुना गया है. मैं उनकी लड़ाई की भावना को सलाम करती हूं और उनके घर वापस आने के सफर में अपनी भूमिका निभाने पर बेहद गर्व महसूस कर रही हूं.’ ऑक्सिलियम कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा महाश्वेता चक्रवर्ती अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और वह हमेशा से पायलट बनना चाहती थीं.

पंजाब का वो गांव जहां भगवंत मान लेंगे शपथ, भगत सिंह के कारण अमर हो गया खटकड़ कलां

न्यूज डेस्क।पंजाब की रिवायती पार्टियों को धूल चटाने वाली आम आदमी पार्टी की सरकार 16 मार्च को शपथ लेगी. आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे. भगवंत मान का शपथ ग्रहण समारोह चंड़ीगढ़ स्थित गवर्नर हाउस में नहीं होकर भगत सिंह के गांव खटकड़ कलां में होगा. इस समारोह को एताहासिक बनाने के लिए तैयारियां जोरों पर है. समारोह शानदार हो इसकी जिम्मेदारी पंजाब के आला अधिकारियों ने संभाल रखी है.

पंजाब के नवांशहर जिले में स्थित खटकड़ कलां गांव महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह का पैतृक गांव कहा जाता है. ये गांव जालंधर-चंडीगढ़ हाईवे से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर है. कहा जाता है कि भगत सिंह खुद कभी खटकड़ कलां गांव में नहीं रहे. भगत सिंह का परिवार बंटवारे के बाद पाकिस्तान से आकर यहां बस गया था. भगत सिंह की मां विद्यावती और भतीजे-भतीजियां यहां आकर बस गए थे. फिलहाल खटकड़ कलां में शहीद भगत सिंह के घर का जिम्मा पुरातत्व विभाग और नवांशहर जिला प्रशासन के पास है.

 

खटकड़ कलां गांव में भगत सिंह का स्मारक और म्यूजियम भी है. म्यूजियम का उद्घाटन 23 मार्च 2008 को पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने किया था. गांव की आबादी करीब 2 हजार है. यहां छोटे-बड़े हर तरह के घर बने हुए हैं. भगत सिंह के घर के आसपास बड़ी-बड़ी कोठियां बनी हैं. हालांकि ज्यादातर घरों में ताले लटके हैं. कोठियां में रहने वाले परिवार अब शहर में जाकर बस गए हैं या विदेश में चले गए हैं.

भगवंत मान ने सभी लोगों से अपील की है कि वे 16 मार्च को भारी संख्या में खटकड़ कलां पहुंचे. उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि पुरूष बसंती पगड़ी और महिलाएं बसंती चादर डाल कर आएं. उन्होंने ऐलान किया है कहा कि उस दिन खटकड़ कलां को बसंती रंग में रंग दिया जाएगा.

कपिल सिब्बल के बयान से खफा हुए भूपेश बघेल, बोले- कुछ लोग पार्टी को ‘डिनर’ और ‘बंगलों’ की कांग्रेस बना देना चाहते हैं

न्यूज डेस्क। अशोक गहलोत के बाद अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कपिल सिब्बल को निशाने पर लिया है. भूपेश बघेल ने कपिल सिब्बल के ‘घर की कांग्रेस, सबकी कांग्रेस’ वाले बयान पर उन पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस तो घर-घर की ही कांग्रेस है, हर घर की कांग्रेस है, लेकिन कुछ लोग उसे ‘डिनर’ और ‘बंगलों’ की कांग्रेस बना देना चाहते हैं.

उन्होंने ये भी कहा कि एक बार उप्र आकर देख लेते कि अगुवाई और लड़ाई कैसी होती है. मिट गए वो सब, जो कांग्रेस के मिटने की बात करते रहे‌‌. वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल पर पार्टी नेतृत्व की आलोचना करने को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि ‘पार्टी जब चुनाव हार रही है तो ऐसे समय में नेताओं को एकजुट होना चाहिए.’
[3/16, 07:33] Ishwar Chandra: गहलोत ने मंगलवार को कहा, ‘‘यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसे समय में जब पार्टी चुनाव हार रही है तो नेताओं को एकजुट होना चाहिए.’’ सिब्बल ने कहा कि गांधी परिवार को पार्टी से अलग हटकर किसी अन्य नेता को पार्टी का नेतृत्व करने का मौका देना चाहिए. गहलोत ने कहा कि कांग्रेस एकमात्र ऐसी पार्टी है जो भाजपा से लड़ सकती है। राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वह लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘देश में केवल दो व्यक्ति ही शासन कर रहे हैं और उनका दृष्टिकोण ‘बहुत खतरनाक’ है.’’ उन्होंने कहा कि BJP का मुकाबला करने के लिये कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने की जरुरत है. सिब्बल ने कहा, ‘‘जो लोग कांग्रेस पार्टी को खत्म करने की बात कर रहे हैं, वे खुद खत्म हो जाएंगे. कांग्रेस वर्षों पुरानी पार्टी है हमारे नेताओं ने आजादी से पहले और बाद में सर्वोच्च बलिदान दिया है.’’

होली से पहले कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दे सकती है मोदी सरकार, 16 को कैबिनेट की बैठक हो सकता है ये अहम फैसला

नई दिल्ली। PM Modi Cabinet Meeting: होली से पहले केन्द्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा मिल सकता है। दरअसल 16 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक (Cabinet Meeting) होनी है। वैसे अभी ये साफ नहीं है कि कैबिनेट की ये मीटिंग किस एजेंडे को लेकर होगी, लेकिन माना जा रहा है कि इस मीटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने को लेकर फैसला हो सकता है।

देशभर के लाखों कर्मचारी बढ़े हुए डीए के इंतजार में हैं। आम तौर पर सरकार हर साल महंगाई भत्ते का एलान मार्च में करती है। इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि 16 तारीख को होने वाली इस मीटिंग में सरकार डीए पर फैसला कर सकती है।

बता दें कि वैसे भी जनवरी 2022 से कर्मचारियों के डीए में इजाफा किया जाना था, लेकिन माना जा रहा है कि सरकार डीए में इजाफे का ऐलान अब कर सकती है। मीटिंग में अगर महंगाई भत्ता बढ़ाने को लेकर फैसला होता है तो केंद्रीय कर्मचारियों को होली 2022 पर बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। अगर ये फैसला हो गया तो केंद्रीय कर्मचारी (Central Government Employees) और पेंशनर्स को 34 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता (DA Hike) और महंगाई राहत (DR Hike) मिल सकता है।

फिलहाल के लिए यह दर 31 प्रतिशत तक है। केंद्रीय कर्मचारियों को मार्च की सैलरी के साथ में नए महंगाई भत्ते का पूरा पेमेंट किया जाएगा और होली के बाद कर्मचारियों को उनका पिछले 2 महीने का सारा पैसा मिल जाएगा।

karnataka Hijab Verdict : जानें हिजाब पर दुनिया में कहां-कहां विवाद, कैसी-कैसी पाबंदी,एक क्लिक पर पढ़ें पूरी खबर

न्यूज डेस्क। हिजाब विवाद पर karnataka Hijab Verdict कर्नाटक हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने छात्राओं की याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि हिजाब धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। स्कूल-कॉलेज में छात्र यूनिफॉर्म पहनने से मना नहीं कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि इस्लाम में हिजाब पहनना अनिवार्य नहीं है।

क्या आप जानते हैं सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देश ऐसे हैं जहां हिजाब, इस्लामिक नकाबों और सार्वजनिक जगहों पर चेहरा ढकने को लेकर विवाद हुआ और उस पर रोक लगाई गई है। कुछ देशों में इस नियम के उल्लंघन को लेकर मोटा जुर्माना भी लगाया जाता है।

फ्रांस

11 अप्रैल 2011 को सार्वजनिक स्थानों पर पूरे चेहरे को ढकने वाले इस्लामी नकाबों पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला फ्रांस पहला यूरोपीय देश बना। तब निकोला सारकोजी फ्रांस के राष्ट्रपति थे। वे मानते थे कि पर्दा महिलाओं के साथ अत्याचार के समान है और फ्रांस में इसकी मंजूरी नहीं दी जाएगी। उनके इस फैसले का विरोध भी हुआ और विवाद भी, लेकिन फ्रांस ने यह कड़ा प्रतिबंध लगाया।

2016 में फ्रांस में इसी से जुड़ा एक और शुरू हुआ जब बुर्किनी के नाम से मशहूर महिलाओं के पूरे शरीर ढंकने वाले स्विम सूट पर बैन लगाने के लिए कानून बनाया गया। हालांकि, बाद में देश की शीर्ष अदालत ने इस कानून को रद्द कर दिया।

नीदरलैंड्स

नवंबर 2016 में नीदरलैंड्स के कई सांसदों स्कूल-अस्पतालों जैसे सार्वजनिक स्थलों और सार्वजनिक परिवहन में पूरा चेहरा ढकने वाले इस्लामिक नकाबों पर रोक का समर्थन किया।

हालांकि, इस प्रतिबंध को कानून की शक्ल देने के लिए संसद से बिल पास होना जरूरी था। कुछ विरोध के बाद जून 2018 में नीदरलैंड्स ने चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगा दिया।

बेल्जियम

जुलाई 2011 में देश में पूरा चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। नए कानून में सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे किसी भी पहनावे पर रोक थी जिससे पहनने वाले की पहचान जाहिर नहीं हो रही हो।

दिसंबर 2012 में इस कानून के खिलाफ बेल्जियम की संवैधानिक अदालत में इस प्रतिबंध को रद्द करने के खिलाफ याचिका दायर की गई जिसे खारिज कर दिया गया।

इटली

पूरे देश में बुर्का पहनने पर पाबंदी नहीं है, लेकिन इसके नोवारा जैसे कुछ शहरों में चेहरा ढकने वाले नकाबों की मनाही है। इटली के लोंबार्डी क्षेत्र में दिसंबर 2015 में बुर्का पर प्रतिबंध को लेकर सहमति बनी और ये जनवरी 2016 से लागू हुआ।

ऑस्ट्रिया

अक्टूबर 2017 में ऑस्ट्रिया में स्कूलों और अदालतों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

नॉर्वे

शिक्षण संस्थानों में चेहरा ढकने वाले कपड़े पहनने पर रोक को लेकर नार्वे में जून 2018 में एक विधेयक पारित किया गया। जिसके बाद यह कानून बन गया।

बिग ब्रेकिंग: सेना में एक रैंक एक पेंशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल

नई दिल्ली। भारतीय पूर्व सैनिक आंदोलन (इंडियन एक्स-सर्विसमैन मूवमेंट) की ओर से रक्षा बलों में ‘एक रैंक एक पेंशन’ पर दाखिल की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को फैसला सुनाएगी। अदालत ने पिछले महीने इस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, सूर्यकांत और विक्रम नाथ की पीठ ने फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा था कि जो भी फैसला लिया जाएगा वह वैचारिक आधार पर होगा न कि आंकड़ों पर।

पीठ ने कहा था कि जब आप (केंद्र सरकार)नीति को पांच साल के बाद संशोधित करते हैं तो पांच साल के एरियर को ध्यान में नहीं रखा जाता है। पूर्व सैनिकों की कठिनाइयों को कुछ हद तक कम किया जा सकता है अगर इसे पांच वर्ष से कम कर दिया जाए।

बिग ब्रेकिंग: पांच राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद सोनिया गांधी ने प्रदेश अध्यक्षों से मांगा इस्तीफा

नई दिल्ली। पांच राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के पीसीसी अध्यक्षों से कहा है कि वे पीसीसी के पुनर्गठन के लिए अपना इस्तीफा दे दें। रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट जारी करते हुए इस संबंध में जानकारी शेयर की है।

कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला के हवाले से जानकारी दी है कि, कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पांच राज्यों में मिली हार के बाद इन पांचों राज्यों के कांग्रेस PCC अध्यक्षों से इस्तीफा मांगा है।

बता दें कि पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वहीं यूपी में अजय कुमार लल्लू पीसीसी के प्रमुख हैं। इसके अलावा उत्तराखंड में गणेश गोदियाल के पास प्रदेश कांग्रेस की कमान है।

वहीं गोवा में गिरीश चोडनकर पीसीसी अध्यक्ष थे, जिन्होंने गोवा में कांग्रेस की हार के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं मणिपुर नमेईरकपैम लोकेन सिंह प्रदेश अध्यक्ष पद पर हैं।

KORBA :जनचौपाल में कलेक्टर ने सुनीं लोगों की समस्याएं…मौके पर हुआ निपटारा…

कोरबा। कलेक्टोरेट सभा कक्ष में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले जनचौपाल में आज कलेक्टर रानू साहू ने लोगों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित निदान के लिए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए। जनचौपाल में जिले के दूर दराज के इलाकों सहित शहरी क्षेत्रों से भी लोग कलेक्टोरट पहुंचे।

आज जन चौपाल में 71 लोगों ने कलेक्टर को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। जनचौपाल में ग्राम तरदा निवासी अनूज राम द्वारा प्रस्तुत भूमि अधिग्रहण के लंबित मुआवजा के आवेदन पर कलेक्टर ने मुआवजा वितरण के लिए टीम गठित करने के निर्देश एसडीएम कोरबा को दिए। उन्होंने तहसीलदार, पटवारियों की टीम बनाकर लंबित मुआवजा प्रकरणों के गांव वार सर्वे कर शिविर लगाकर मुआवजा वितरण करने के निर्देश दिए।उन्होंने टीम में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारी को भी शामिल करने कहा।

इसी प्रकार ग्राम गंगदेई के निवासी दुकालू राम द्वारा उनकी पुत्री के जाति प्रमाण पत्र बनवाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर तत्काल एसडीएम कटघोरा को निर्देशित करते हुए जाति प्रमाण पत्र बनवाने आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश मौके पर दिए। जनचौपाल में भूमि चौहद्दी एवं नक्शा प्रदान करने के आवेदन पर कलेक्टर ने तत्काल किसान का भूमि चौहद्दी बनवाकर देने के निर्देश एसडीएम कटघोरा को दिए।

जनचौपाल में नगर निगम आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय, जिला पंचायत के सीईओ नूतन कंवर, अपर कलेक्टर सुनील नायक सहित सभी अनुविभागों के एसडीएम और सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

डीबीएल कंपनी की धोखाधड़ी की शिकायत

जनचौपाल में विकासखण्ड पोड़ी-उपरोड़ा के ग्राम परला के कुछ किसानों ने डीबीएल कंपनी के द्वारा गांव किसानों से धोखाधड़ी करने के संबंध में कंपनी पर कार्रवाई करने से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम पोड़ी-उपरोड़ा को प्रकरण की त्वरित जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश मौके पर दिए।

जनचौपाल में कलेक्टर ने जमीन संबंधी नामांतरण, मुआवजा प्रकरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशनों की स्वीकृति, आवास योजना से लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी लोगों ने कलेक्टर से मिलकर आवेदन दिए। कलेक्टर ने जनचौपाल में प्राप्त हुए शिकायतों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर नागरिकों को लाभांवित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

सामाजिक बहिष्कार का मामला भी

जनचौपाल में आज ग्राम नवापारा पकरिया के ग्रामीण मनीराम ने उनके परिवार को समाज से बहिष्कृत किए जाने की शिकायत कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए। जिस पर कलेक्टर रानू साहू ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम कोरबा को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम बनाकर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के दिए निर्देश।

राधिका का होगा इलाज

जनचौपाल में ग्राम गाड़ा पाली के निवासी धनप्रसाद ने उनकी पुत्री राधिका का इलाज कराने से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि राधिका के लिवर में इंफेक्शन हो गया है। लगातार इलाज के बावजूद स्वास्थ्य में कोर्ड सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने पुत्री राधिका का उचित इलाज कराने के लिए निवेदन किया। कलेक्टर श्रीमती साहू ने राधिका का स्वास्थ्य जांच और इलाज कराने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीबी बोडे को मौके पर ही निर्देशित किया।

मॉल, हॉटल, स्वीमिंग पुल, थिएटर बिना प्रतिबंध के होंगे संचालित…. सार्वजनिक कार्यक्रमों पर पाबन्दी हटी ,कलेक्टर ने जारी किया आदेश…

कोरबा।कोरोना संक्रमण के कारण विभिन्न आयोजनों पर लागू प्रतिबंध को शिथिल किया गया है। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए है। जारी आदेशानुसार सभी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक, खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य सामूहिक आयोजनों को प्रतिबंध से मुक्त किया गया है। कोरबा जिला अंतर्गत सभी मॉल, होटल और रेस्तरां, स्विमिंग पूल, वॉटर पार्क, ऑडिटोरियम, मैरिज पैलेस, सिनेमा हॉल-थियेटर, जिम एवं अन्य आयोजन स्थलों आदि व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को प्रतिबंध से मुक्त किया गया है। तथा व्यावसायिक संस्थानों का संचालन पूर्व निर्धारित पारम्परिक अथवा स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित समयानुसार की जावेगी। सभी सार्वजनिक स्थलो में फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क का उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा।

बता दें कि ऐसे आयोजन कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु निर्धारित प्रोटोकॉल जैसे-मास्क लगाना, सोशल एवं फिजिकल दूरी बनाए रखना तथा सैनेटाईजर आदि के उपयोग के साथ किए जा सकेंगे। जारी आदेशानुसार सभी शैक्षणिक संस्थाओं, विद्यालयों, छात्रावास-आश्रम-आवासीय परिसरों, आंगनबाड़ी, पुस्तकालय तथा पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग व महिला एवं विकास विभाग के द्वारा संचालित समस्त आवासीय संस्थाओं के संचालन को प्रतिबंध से मुक्त किया गया है। यह संचालन कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु निर्धारित प्रोटोकॉल जैसे-मास्क लगाना, सोशल एवं फिजिकल दूरी बनाए रखना तथा सैनेटाईजर आदि के उपयोग के साथ किए जा सकेंगे।यह संचालन कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु निर्धारित प्रोटोकॉल जैसे-मास्क लगाना, सोशल एवं फिजिकल दूरी बनाए रखना तथा सैनेटाईजर आदि के उपयोग के साथ किए जा सकेंगे।
जारी आदेशानुसार यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, स्वाद या गंध महसूस नहीं होना, दस्त, उल्टी या शरीर में दर्द की शिकायत हो, तो निकटतम केन्द्र में कोविड-19 जांच कराना तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक होम क्वारंटाईन रहना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट पॉजिटिव होने तथा होम आईसोलेशन हेतु अनुमति प्रदान किये जाने पर अनुमति की शर्तों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। यदि किसी क्षेत्र में कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों की सघनता पायी जाती है तो उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया जावेगा तथा उक्त क्षेत्र के सभी व्यक्तियों को कंटेनमेंट जोन संबंधी समस्त दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। विदेश से आने वाले नागरिक आगमन की सूचना निकटस्थ स्वास्थ्य केन्द्र, जिला कोविड कंट्रोल रूम, राजस्व अधिकारी एवं संबंधित स्थानीय निकाय को आवश्यक रूप से देंगें तथा इस संबंध में राज्य शासन, स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित कोविड नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। समस्त व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालक, कर्मचारी एवं ग्राहकों को व्यवसाय के दौरान मास्क का उपयोग करना आवश्यक होगा। सभी व्यवसायियों को अपने दुकान/संस्थान में विक्रय हेतु मास्क/सेनेटाईजर रखना अनिवार्य होगा, ताकि बिना मास्क पहने खरीद्दारी करने के लिए आये ग्राहको को सर्वप्रथम मास्क का विक्रय/वितरण किया जावे एवं तत्पश्चात् अन्य वस्तुओं/सेवाओं का विक्रय किया जावे। उल्लघंन किये जाने पर नगरीय निकाय के अधिकारी पुलिस विभाग के सहयोग से चालानी कार्यवाही सुनिश्चित करे। कोरबा जिले में कोरोना वायरस को दृष्टिगत रखते हुए कोरोना वायरस निगरानी, जांच, निरीक्षण दल द्वारा भौतिक परीक्षण, संगरोध और इलाज से संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों को यदि कोई भी व्यक्ति सहयोग देने से इंकार करता है तथा वांछित जानकारी देने से इंकार करता है या निगरानी दल के निर्देशों का पालन नहीं करता है अथवा इस आदेश का उल्लंघन करता है , तो वह व्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 270 सहपठित एपिडेमिक डिसीजेंज एक्ट, 1897 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अधीन दण्ड का भागी होगा।