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BharatPe यूजर्स के ल‍िए शानदार स्‍कीम, 30 म‍िनट में म‍िलेगा 20 लाख का लोन; ब्‍याज भी बेहद कम

नई द‍िल्‍ली : BharatPe Gold Loan : भारतपे (BharatPe) ने अपने यूजर्स के ल‍िए शानदार स्‍कीम शुरू की है. कंपनी ने बेहद सुरक्ष‍ित समझे जाने वाले गोल्‍ड लोन (Gold Loan) सेग्‍मेंट में यह योजना शुरू की है. भारत पे ने ग्राहकों को 20 लाख रुपये तक का लोन ऑफर करने के ल‍िए नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) के साथ साझेदारी की है.

500 करोड़ का लोन द‍िए जाने की उम्‍मीद
BharatPe की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया यह सुव‍िधा दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR), बेंगलुरू (Bengaluru) और हैदराबाद (Hyderabad) में मर्चेंट ग्राहकों को पहले से ही म‍िल रही है. इस साल के अंत तक इसे देश के 20 बड़े शहरों तक और बढ़ाया जाएगा. इसके तहत 500 करोड़ रुपये का गोल्‍ड लोन द‍िए जाने की उम्‍मीद है.

30 मिनट में मिलेगा लोन
भारत पे की तरफ से द‍िए जाने वाले गोल्‍ड लोन पर ब्‍याज भी बेहद कम है। यहां ग्राहकों को 0.39 प्रत‍िशत यानी 4.68 फीसदी सालाना पर पैसा म‍िलेगा। आपको बता दें सार्वजन‍िक क्षेत्र के अन्‍य बैंकों की तरफ से 7 से 9 फीसदी सालाना पर ग्राहकों को गोल्‍ड लोन द‍िया जाता है. लोन के ल‍िए आवेदन करने की पूरी प्रक्र‍िया ड‍िज‍िटल है. कंपनी का दावा है क‍ि दस्‍तावेज पूरा करने के बाद 30 मिनट के अंदर लोन अकाउंट में डिसबर्स कर द‍िया जाएगा.

पायलट प्रोजेक्‍ट में म‍िला अच्‍छा र‍िस्‍पांस
भारतपे के मुख्य कार्यकारी अध‍िकारी सुहैल समीर के अनुसार गोल्‍ड लोन की यह सुव‍िधा मर्चेंट पार्टनर्स को सशक्‍त बनाने और छोटे कारोबार‍ियों को सक्षम बनाने के ल‍िए शुरू की गई है. इस योजना को 10 करोड़ रुपये लगाकर पहले दो महीने के पायलट प्रोजेक्‍ट के तौर पर शुरू क‍िया गया था. अच्‍छे नतीजे म‍िलने पर इसे आगे बढ़ाने के बारे में व‍िचार क‍िया जा रहा है.

 

कितने समय के ल‍िए म‍िलेगा लोन?
गोल्ड लोन आप छह महीने से लेकर 12 महीने की अवध‍ि तक के ल‍िए ले सकते हैं. अगर आप 12 महीने में मूलधन नहीं चुका पाते तो एक साल बाद इसका टेन्‍योर बढ़वा सकते हैं.

कैसे जमा करें गोल्‍ड
भारत पे गोल्‍ड लोन सुव‍िधा के ल‍िए डोरस्टेप के साथ ब्रांच कलेक्शन की सुविधा भी प्रदान कर रहा है. यानी आप लोन लेने के इच्‍छुक हैं तो ब्रांच जाकर लोन जमा कर सकते हैं या घर पर भारत पे का प्रत‍िन‍िध‍ि बुलाकर उसे भी दे सकते हैं.

कैसे करें आवेदन
कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया क‍ि पार्टनर मर्चेंट BharatPe App पर उपलब्ध लोन का ऑफर देख सकते हैं. इतना ही नहीं एप के जरिए भी लोन का आवेदन क‍िया जा सकता है. लोन रिपेमेंट के लिए EMI ऑप्शन जल्द आने की उम्‍मीद है. यानी आप आसान क‍िश्‍तों में लोन का भुगतान कर सकते हैं.

पंजाब,सीएम पद की शपथ लेंगे भगवंत मान,अरविंद केजरीवाल,आम आदमी पार्टी

पंजाब: कल सीएम पद की शपथ लेंगे भगवंत मान, केजरीवाल, सिसोदिया समेत कई बड़े नेता होंगे शामिल, जानिए विपक्ष के किन नेताओं को भेजा गया है आमंत्रण

चडीगढ़/नई दिल्ली। पंजाब के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह बुधवार 12:30 बजे राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उन्होंने इस समारोह के लिए पूरे पंजाब के लोगों को आमंत्रित किया है। शपथ ग्रहण समारोह में हरियाणा और हिमाचल से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा किया जा रहा है। समारोह में पूरे पंजाब से दो लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है।

शहीद स्मारक के पीछे एक लाख लोगों के ठहरने की व्यवस्था है, जबकि स्मारक की भूमि पर साढ़े छह एकड़ क्षेत्र में पांडाल लगाया जाएगा। समारोह में जगह की कमी न पड़े इसलिए आसपास की कई एकड़ फसल को काटकर उसके मुआवजा देने का भी ऐलान कर दिया गया है।

कौन-कौन समारोह में होगा शामिल

शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह, आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रभारी राघव चड्ढा शामिल होंगे।

इसके अलावा आम आदमी पार्टी की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू को भी न्यौता भेजा गया है। समारोह में कॉमेडियन कपिल शर्मा, राजू श्रीवास्तव समेत कई फिल्मी हस्तियों के भी पहुंचने की उम्मीद है।

बताया जाता है कि मान के शपथ समारोह के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक समेत कई अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री को भी आमंत्रित किया गया है।

बीच सड़क लड़कियों में हुआ भयंकर ‘गैंगवार’… बेल्ट से पीट-पीटकर कर दी पीठ लाल…

न्यूज डेस्क। अक्सर हम लड़कों को ही दो गुटों में लड़ते हुए देखते हैं. दो गैंग आपस में जब भिड़ते हैं तो अलग-अलग तरह के हथियार लेकर पहुंचते हैं. हालांकि, जब यह मामला पुलिस के पास जाता है तो होश ठिकाने आ जाते हैं. हालांकि, इस मामले में लड़कियां भी किसी से कम नहीं. स्कूल-कॉलेज में अक्सर ऐसा देखने को मिल जाता है कि किसी बात पर लड़के या लड़कियां दो गुटों में बंट जाते हैं और फिर मार-पीट पर उतर आते हैं. कुछ ऐसा ही एक वायरल होने वाले वीडियो में देखने को मिला, जब सड़क के किनारे खड़ी लड़कियां अचानक आपस में लड़ने लगती हैं.

लड़कियों के बीच हुआ गैंगवार
सोशल मीडिया (Social Media) पर लड़कियों के बीच हुई गैंगवार (Gang War) का वीडियो सामने आया है. सड़क के किनारे कई लड़कियां खड़ी हुई होती हैं. तभी किसी बात को लेकर कई लड़कियां आपस में भिड़ जाती हैं. किसी के हाथ में डंडा होता है तो किसी के हाथ में बेल्ट, सभी एक दूसरे को पीटना शुरू कर देती हैं. जैसे ही एक ने थप्पड़ मारा तो दूसरे ने बाल पकड़ लिया. सड़क पर मारपीट कर रही लड़कियों का किसी ने वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया. उसे इंटरनेट पर अपलोड कर दिया और अब यह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

 

वीडियो देखने के बाद नेटिजन्स ने दिए अजीबोगरीब रिएक्शन
लड़कियों के बीच हुई लड़ाई किस वजह से हुई और यह मामला कहां का है, इस बारे में कोई पुष्टि नहीं है. हालांकि, वीडियो देखने के बाद नेटिजन्स अजीबोगरीब रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘सच्चे प्यार के लिए लड़कियां क्या-क्या नहीं करतीं, देख लो लड़कों.’ वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘लड़ाई भी इतना सज-धज कर करती हैं ये.’ इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को only._.sarcasm_ हैंडल द्वारा शेयर किया गया है. वीडियो को 8 हजार से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है.

उरगा से धर्मजयगढ़ तक रेलवे लाईन बिछाने एसईसीएल व एसईसीआर के बीच कन्शेसन एग्रीमेन्ट पर हस्ताक्षर

कोरबा। एसईसीएल की अनुषंगी कम्पनी तथा रेल कॉरीडोर की परियोजना छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड के द्वितीय चरण (फेस-।।) के तहत छत्तीसगढ़ के कोरबा (उरगा) से धर्मजयगढ़ तक रेलवे लाईन बिछाए जाने के उद्धेश्य से मंगलवार 15 मार्च 2022 को एसईसीआर एवं एसईसीएल के मध्य कन्शेसन एग्रीमेन्ट पर हस्ताक्षर किए गए। इस एग्रीमेन्ट के बाद उल्लेखित मार्ग में लगभग 62.5 किलोमीटर की नयी रेलवे लाईन के विकास का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।

रेलवे मुख्यालय में आयोजित समारोह में इस अवसर पर आलोक कुमार महाप्रबंधक रेलवे जोन, मनोज कुमार प्रसाद चेयरमेन सीईआरएल एवं सीडब्ल्यूआरएल सह एसईसीएल के निदेशक तकनीकी, वाईके चौधरी चीफ ट्रेफिक प्लानिंग मैनेजर, जेएन झा सीईओ सीईआरएल, अंकुश गुप्ता ईडी इरकॉन तथा डायरेक्टर सीईआरएल व रेलवे तथा छत्तीसगढ़ ईस्ट रेल लिमिटेड के अन्य वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

एसईसीएल की एक अनुषंगी कम्पनी है छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड

उपरोक्त एग्रीमेन्ट के जरिए छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड लगभग 30 वर्षों तक ढुलाई राजस्व भारतीय रेल के साथ शेयर करेगी जिसके एवज में रेल व्यवस्था का संचालन, रख-रखाव तथा निर्माण उपलब्ध कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड एसईसीएल की एक अनुषंगी कम्पनी है जिससे ’स्पेशल पर्पस व्हीकल’ (एसपीवी) माडल पर विकसित किया गया है तथा इसमें एसईसीएल के साथ-साथ ईरकॉन इन्टरनेशनल लिमिटेड व छत्तीसगढ़ शासन के छत्तीसगढ़ स्टेट इन्डस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की सहभागिता है।

1700 करोड़ की संभावित लागत से विकसित की जा रही ईस्ट रेल कॉरीडोर परियोजना

लगभग 1700 करोड़ रूपये की संभावित लागत से विकसित की जा रही ईस्ट रेल कॉरीडोर परियोजना मार्च 2025 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। ईस्ट रेल कॉरीडोर के संचालित होने से एसईसीएल के माण्ड-रायगढ़ कोलफील्ड केप्टिव ब्लॉक तथा कमर्शियल माईनिंग की परियोजनाओं से कोयले के ढुलाई में तेजी व सहूलियत आने की आशा है। यह प्रोजेक्ट माण्ड-रायगढ़ कोलफील्ड्स एवं वसुन्धरा कोलफील्ड्स में कोयले के डिस्पैच के लिए अतिरिक्त रूट उपलब्ध कराएगा।

यातायात व माल ढुलाई के लिहाज से परियोजना को बेहद महत्वपूर्ण

छत्तीसगढ़ के सूदूर अंचलों में यातायात व माल ढुलाई के लिहाज से इस परियोजना को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण का अधिकतम कार्य पूरा कर लिया गया है वहीं वन स्वीकृति भी अग्रिम चरण में है। इस अवसर पर सीएमडी एसईसीएल डॉ. प्रेमसागर मिश्रा ने प्रोजेक्ट के सफल कार्यान्वयन हेतु टीम को बधाई प्रेषित करते हुए आशा जताई है कि समय से यह परियोजना पूरी की जा सकेगी तथा इससे एसईसीएल के कोयला डिस्पैच को नई रफ्तार मिल सकेगी।

थैलेसीमिया पीड़ित गरीब बच्चों की मदद के लिए कोल इंडिया की नई पहल …. अब मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भी हो सकेगा इलाज…

बिलासपुर।थैलेसीमिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित गरीब बच्चों के इलाज के लिए कोल इंडिया लिमिटेड ने मंगलवार को एक नई पहल की। कोल इंडिया की ‘थैलेसीमिया बाल सेवा योजना’ के तहत अब मुंबई स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भी गरीब बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो सकेगा। इसके लिए कोल इंडिया लिमिटेड ने कोकिलाबेन अस्पताल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है।

कोल इंडिया के निदेशक (कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध) विनय रंजन की उपस्थिति में कोल इंडिया के कार्यकारी निदेशक (सामुदायिक विकास) श्री बी. साई राम एवं कोकिलाबेन अस्पताल के सीईओ श्री संतोष शेट्टी ने मुंबई में इस एमओयू पर दस्तखत किए। एमओयू के तहत सरकार द्वारा नियुक्त एक्सपर्ट पैनल की अनुशंसा पर कोकिलाबेन अस्पताल में थैलेसीमिया एवं अप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित बच्चों के बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन के लिए कोल इंडिया लिमिटेड प्रति बच्चा 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देगी।

‘थैलेसीमिया बाल सेवा योजना’ के तहत होगा इलाज

कोल इंडिया ने अपनी सीएसआर की फ्लैगशिप ‘थैलेसीमिया बाल सेवा योजना’ की शुरुआत वर्ष 2017 में की थी। इस योजना के तहत 12 वर्ष या उससे कम उम्र के थैलेसीमिया पीड़ित उन बच्चों के इलाज के लिए 10 लाख रूपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिनकी सालाना घरेलू आय 5 लाख रुपये या उससे कम हो। इसी तरह, इस योजना का लाभ 18 वर्ष या उससे कम उम्र के ऐसे अप्लास्टिक एनीमिया पीड़ित बच्चों को दिया जाता है, जिनकी सालाना घरेलू आय 8 लाख रुपये या उससे कम हो। अप्लास्टिक एनीमिया के इलाज के लिए भी हर बच्चे को 10 लाख रूपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।
देश के प्रतिष्ठित अस्पताल है सूचीबद्ध
कोल इंडिया की इस योजना के लिए पहले से देश के 8 प्रतिष्ठित अस्पताल सूचीबद्ध हैं, जिनमें एम्स-दिल्ली, सीएमसी-वेल्लोर, टाटा मेडिकल सेंटर-कोलकाता,राजीव गांधी कैंसर संस्थान-दिल्ली, नारायण हृदयालय-बेंगलुरू, एसजीपीजीआई-लखनऊ, सीएमसी-लुधियाना और पीजीआई-चंडीगढ़ शामिल हैं। इन अस्पतालों में अब तक कोल इंडिया की इस योजना के तहत 192 बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जा चुका है और इन बच्चों के इलाज पर कोल इंडिया लिमिटेड ने 19 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अब मुंबई स्थित कोकिलाबेन अस्पताल के शामिल होने से सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या 9 हो गई है। थैलेसीमिया के इलाज के लिए मदद का हाथ बढ़ाने वाली कोल इंडिया देश में सार्वजनिक क्षेत्र की पहली कंपनी है।

गांधी फैमिली पर सिब्बल का बड़ा अटैक, आखिरी सांस तक ‘घर की कांग्रेस’ के खिलाफ लड़ूंगा..

नई दिल्ली। पांच राज्यों में मिली करारी हार के बाद अब गांधी फैमिली पार्टी नेताओं के बगावती तेवरों से परेशान है। गांधी फैमिली पर नया बम फोड़ते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि वह आखिरी सांस तक ‘घर की कांग्रेस’ के खिलाफ रहेंगे। वे ‘घर की कांग्रेस’ के बजाय ‘सब की कांग्रेस’ चाहते हैं। सिब्बल ने राहुल गांधी को लेकर भी बयान दिया है। राहुल गांधी पहले से ही वास्तविक अध्यक्ष हैं, जो सभी निर्णय लेते हैं।

पांच राज्यों में चुनाव के नतीजे घोषित होने के कुछ दिनों बाद कांग्रेस ने तेजी से खुद को रिकवरी मोड में डाल लिया है। पंजाब सहित सभी पांच राज्यों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बीते रविवार को कांग्रेस कार्य समिति ने पांच घंटे की मैराथन बैठक की और हार की समीक्षा की।

इस बैठक में एक बात जिसने फिर सुर्खिया पकड़ी कि सोनिया गांधी समिति से गांधी फैमिली के इस्तीफे की बात कही थी। इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने राहुल गांधी को लेकर अपनी बात रखी। सिब्बल ने कहा कि राहुल गांधी भले ही ऑफिशियली अध्यक्ष न हों लेकिन वहीं सारे निर्णय लेते हैं।

आखिरी सांस तक सब की कांग्रेस के लिए लड़ूंगा
कपिल सिब्बल ने कहा कि वह “घर की कांग्रेस” के विपरीत “सब की कांग्रेस” चाहते हैं। मैं अपनी आखिरी सांस तक ‘सब की कांग्रेस’ के लिए लड़ूंगा। इस ‘सब की कांग्रेस’ का अर्थ है भारत में उन सभी लोगों को एक साथ लाना जो भाजपा नहीं चाहते हैं।

कुछ लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए हैं कि ए, बी या सी के बिना कोई कांग्रेस नहीं हो सकती है। जाहिर है, उनका मानना ​​​​है कि ‘सब की कांग्रेस’ ‘घर की कांग्रेस’ के बिना नहीं टिक सकती। यही चुनौती है।”

एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कपिल सिब्बल ने कहा कि यह गांधी परिवार के नेतृत्व के पदों से हटकर दूसरों को मौका देने का समय है। उन्होंने कहा, “गांधी परिवार को स्वेच्छा से दूर जाना चाहिए क्योंकि उनके द्वारा नामित निकाय उन्हें कभी नहीं बताएगा कि उन्हें सत्ता की बागडोर नहीं संभालनी चाहिए।”

BREAKING : वन विभाग के टेंडर में गड़बड़ी करने वाले 9 अफसरों में 6 IFS, जारी किया गया नोटिस

रायपुर। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज विधानसभा में बताया कि वन विभाग के टेंडर में गड़बड़ी की प्रारंभिक जांच में नौ अधिकारी दोषी पाए गए हैं। इनमें छह भारतीय वन सेवा के अधिकारी हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है, जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भंडार क्रय नियम का नहीं किया गया पालन
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के प्रश्न के जवाब में वन मंत्री ने बताया कि वन विभाग के 37 में से 33 निविदाओं में गडबड़ी पाई गई है और इनमें भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं करना पाया गया है।

ये हैं दोषी पाए गए IFS

जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों में धमतरी के तत्कालीन डीएफओ अमिताभ बाजपेयी, विष्णु नायर, आयुष जैन, स्टाइलो मंडावी, विजया कुर्रे का नाम सामने आया है। इसके अलावा तीन राज्य वन सेवा के अधिकारी हैं।

टेंडर में इस तरह की गड़बड़ी

बताया जा रहा है कि डीएफओ, टाइगर रिज़र्व और अभ्यारण्य के अधिकारियों ने अलग-अलग राशि का टेंडर जारी करने की बजाए पूरा टेंडर एक साथ निकाल दिया। जाँच में यह गड़बड़ी उजागर हो गई। वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है, जिसका जवाब आने के बाद विधिवत कार्रवाई की जायेगी।

केवल 4 जिलों का मामला

नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि वे सं 2020 से यह मामला उठाते चले आ रहे हैं, मगर तब से कोई जवाब नहीं आया। इस बार उन्होंने दोबारा प्रश्न लगाया तब वनमंत्री की तरफ से जवाब आया। कौशिक ने बताया कि यह केवल 4 जिलों में की गई गड़बड़ी है, और अब तक कोई कार्रवाई नहीं करने का मतलब संबंधित अधिकारियों को संक्षरण देना है। उन्होंने कहा कि वन विभाग में अगर प्रदेश भर में हुए टेंडर्स की जांच की जाये तो बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर होगा।

The Kashmir Files: थिएटर से निकलते ही पंगा गर्ल्स कंगना रनौत बोली’इस फिल्म ने बॉलीवुड के सारे पाप धो दिए, जानें और क्या कहा

मुंबई/नई दिल्ली। विवेक अग्निहोत्री की द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) को देखने के बाद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने बॉलीवुड पर एक बार फिर से निशाना साधा है। हाल ही में इस फिल्म की तारीफ करते हुए कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक लम्बा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया था और लगे हाथ बॉलीवुड की खूब खिंचाई भी कर डाली थी।

द कश्मीर फाइल्स देखकर थिएटर से बाहर निकलते ही कंगना रनौत ने जिस अंदाज में अपनी बात सामने रखी है, उसकी लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। कंगना ने कहा है, ‘फिल्म की पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई…बॉलीवुड के किए हुए पाप…आज इन सभी लोगों ने मिलकर वह सारे पाप धुल दिए हैं। इतनी अच्छी फिल्म बनाई है। यह फिल्म इतनी काबिले तारीफ है कि सभी इंडस्ट्री वालों को जो अभी छिपे हुए हैं अपने बिलों में चूहों की तरह…उन्हें निकलकर आना चाहिए। इसे प्रमोट करना चाहिए। बकवास फिल्मों को प्रमोट करते हैं..इतनी अच्छी फिल्मों को प्रमोट करें।’

बता दें कि द कश्मीर फाइल्स को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है। बीते शुक्रवार को रिलीज हुई अनुपम खेर और मिथुन चक्रवर्ती स्टारर इस फिल्म को अब कंगना रनौत ने भी देख लिया है। थिएटर से बाहर निकलते ही कंगना रनौत ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी है।

द कश्मीर फाइल्स की कमाई

डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने इस फिल्म में कश्मीर का वह सच दिखाया है, जिसे देखने में ही कई लोगों की रूह कांप जाएगी। 90 के दशक में कश्मीर से कश्मीरी पंडितों को खदेड़ा गया था और इस दौरान वहां के लोगों पर अजीब सा पागलपन सवार हो गया था।

कम बजट में बनी इस फिल्म (The Kashmir Files Box Office Collection) ने तीन दिन के अंदर ही 27.15 करोड़ का बिजनेस कर लिया है। बॉक्स ऑफिस इंडिया की लेटेस्ट रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यह फिल्म चौथे दिन 16 करोड़ के आसपास का बिजनेस कर चुकी है। ऐसे में फिल्म की कुल कमाई 43 करोड़ हो जाएगी।

गधे पर सवार होकर पूरा गांव घूमते हैं दामाद जी! होली की सबसे अनोखी परंपरा

नई दिल्ली। होली को वैसे तो रंगों का त्योहार कहा जाता है लेकिन होली का हुल्लड़ भी काफी चर्चा में रहता है. अक्सर होली पर लोग फुल इंजॉय करते हैं और कई जगह तो नाच-गाने की अनोखी परंपरा भी निभाई जाती है. लेकिन आज हम आपको होली की एक विचित्र परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें दामाद को गधे की सवारी कराई जाती है. आइये कहां जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है.
होली पर मजाक और मसखरी का अपना अलग मजा है. तभी कहा भी जाता है कि बुरा न मानो होली है. अब होली जैसे पर्व पर कोई रंग लगाने से कैसे रोक सकता है. लेकिन महाराष्ट्र के बीड जिले में अलग हटकर होली के दिन दामाद को गधे की सवारी कराई जाती है और उसे रंग से सराबोर किया जाता है.
अब इस अनोखी परंपरा के पीछे भी एक कहानी है. दरअसल होली पर कई लोग रंग से बचते घूमते हैं और कई बार तो रंग लगाने की वजग से झगड़ा तक हो जाता है. बीड जिले में भी करीब 80 साल पहले कुछ ऐसा ही हुआ था. यहां के विडा येवता गांव के देशमुख परिवार में एक बार रंग लगवाने से मना कर दिया था. फिर उनके ससुर अनंतराव देशमुख ने दामाद के लिए फूलों से सजा एक गधा मंगवाया और रंग लगाकर पूरे गांव की सैर कराई.
गधे की सैर कराने के अलावा दामाद को मिठाई खिलाई गई और मनपसंद कपड़े भी दिलवाए गए. फिर से चलन ऐसा शुरू हुआ कि आठ दशक बाद भी आज से पूरे उत्साह के साथ यह परंपरा निभाई जाती है. अगर उस वक्त गांव में कोई दामाद मौजूद न हो तो किसी को उसकी उपाधि दी जाती है ताकि परंपरा में किसी तरह की रुकावट न आने पाए.

होली से पहले ही दामादों की तलाश शुरू हो जाती है. लेकिन कई बार लोग इस वजह से गांव से बाहर होली मनाने कहीं चले भी जाते हैं. इसके लिए दामादों को पहरे में भी रखा जाता है ताकि होली के दिन वह कहीं रफूचक्कर न हो जाएं.गधे में बैठाकर घुमाने को किसी तरह की बेइज्जती से नहीं बल्कि परंपरा से जोड़कर देखा जाता है. कई बार तो उसे सोने की अंगूठी या कोई कीमती तोहफा तक गिफ्ट किया जाता है. यही नहीं मंदिर ले जाकर उसकी पूजा और आरती भी उतारी जाती है. साथ ही गधे को भी सजाकर और माला पहनाकर तैयार करने का चलन है.

भांजे के घर 10 करोड़ मिले, अकाउंट में 25 करोड़, चन्‍नी को लगा कल नहीं आएगा, उन 111 दिनों में खूब पैसा कमाया, सुनील जाखड़ का आरोप

न्यूज डेस्क। पंजाब में कांग्रेस पार्टी की करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कुछ कांग्रेस नेताओं के निशानें पर हैं। पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ लगातार चन्नी को निशानें पर ले रहें हैं। द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए जाखड़ ने चन्नी पर खूब निशाना साधा। सुनील जाखड़ ने कहा कि अगर वह इतनी ही बड़ी संपत्ति थे, फिर उन्हें CWC में आमंत्रित क्यों नहीं किया गया?

सुनील जाखड़ ने राज्यसभा सांसद अम्बिका सोनी पर निशाना साधते हुए कहा कि, “एक नेता ने CWC को बताया कि चन्नी एक संपत्ति थें। मेरे लिए यह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाने की उनकी सिफारिश को सही ठहराने की कोशिश जैसा लगता है। अंबिका सोनी और हरीश रावत ने आलाकमान के सामने अपना पक्ष रखा था। अंबिका सोनी ने ही चन्नी को 2015 में नेता प्रतिपक्ष बनाया था। मैं उसके दुस्साहस पर चकित हूं, लेकिन असली चन्नी बेनकाब हो गया है।”

चरणजीत सिंह चन्नी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि, “वो जेल नहीं गएं, लेकिन उनके भतीजे से 10 करोड़ रुपये बरामद किए गए। उनका भतीजा बैंक खाते में जमा 25 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं दे पाया। राजनीति धारणा के बारे में है। अमरिंदर सिंह को भी प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल के साथ घुलते-मिलते नहीं देखा गया, फिर भी यह एक धारणा थी। चन्नी के मामले में ऐसा था जैसे कल नहीं आने वाला है। यह मामला 111 दिनों तक धन इकट्ठा करने वाला था, जिसने कांग्रेस को अंदर कर दिया।”

सुनील जाखड़ ने आगे कहा कि, “आप भ्रष्टाचार से भ्रष्टाचार करके नहीं लड़ सकते। अब आपको कार्यकर्ताओं को यह आशा देने के लिए एक विश्वसनीय चेहरे की आवश्यकता है कि उनका नेता कांग्रेस पार्टी को नहीं बेचेगा। मुझे पता है कि यह एक अनचाही सलाह है।”

सुनील जाखड़ ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि, “पंजाब घटनाक्रम की पूरी स्क्रिप्ट हरीश रावत और अंबिका सोनी ने लिखी थी। बाकी का काम चरणजीत चन्नी ने किया। हरीश रावत ही सिद्धू को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाना चाहते थें। मैंने राहुल गांधी को पहले ही बता दिया था कि मैं चन्नी को अपना नेता नहीं मानता।”