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हिजाब मामले में Karnataka High Court का बड़ा फैसला:’इस्‍लाम में हिजाब पहनना जरूरी नहीं, ये धर्म का अनिवार्य हिस्‍सा नहीं’

बेंगलुरु। हिजाब मामले (Hijab Row) पर आज (मंगलवार को) कर्नाटक हाई कोर्ट (Karnataka High Court) ने फैसला सुना दिया है। कर्नाटक हाई कोर्ट ने हिजाब मामले पर दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा कि हिजाब धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं है।

कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ऋतुराज अवस्थी, जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित और जस्टिस जेएम काजी की बेंच उडुपी की मुस्लिम छात्राओं की याचिका पर सुनवाई के लिए गठित की गई थी। इन लड़कियों ने मांग की थी कि उन्हें क्लास में स्कूली यूनिफॉर्म के साथ-साथ हिजाब पहनने की अनुमति दी जाए क्योंकि ये उनकी धार्मिक आस्था का हिस्सा है।

बता दें कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने हिजाब बैन को बरकरार रखा है। कर्नाटक हाई कोर्ट ने मुस्लिम छात्राओं की तरफ से कॉलेजों में हिजाब पहनने की अनुमति और 5 फरवरी के सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा कि 5 फरवरी के सरकारी आदेश को अमान्य करने का कोई मामला नहीं बनता है।

बता दें कि एक जनवरी को उडुपी के एक कॉलेज की 6 लड़कियों ने कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया से बात की थी। इसका आयोजन कॉलेज प्रशासन की तरफ से इन लड़कियों को हिजाब पहनकर क्लास में जाने से रोके जाने के खिलाफ किया गया था।

इस मामले में 25 फरवरी, 2022 को ही कर्नाटक हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई थी और हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने पहली सुनवाई 8 फरवरी 2022 को की थी, फिर 9 फरवरी 2022 को सिंगल बेंच ने मामले को बड़ी बेंच में भेजा। इसके बाद 10 फरवरी 2022 को 3 जजों की बेंच ने सुनवाई शुरू की और अगले आदेश तक छात्रों के धार्मिक पोशाक पर रोक लगा दी थी।

सीजी ब्रेकिंग: भिलाई के नंदिनी गवर्नमेंट कॉलेज प्रिंसिपल सुसाइड केस में 3 प्रोफेसर गिरफ्तार, 4 माह पहले लगाई थी फांसी, लगाया था प्रताड़ना का आरोप

भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई के नंदिनी गवर्नमेंट कॉलेज प्रिंसिपल सुसाइड केस में नंदिनी पुलिस ने नंदिनी शासकीय महाविद्यालय के तीन प्रोफेसर्स को गिरफ्तार किया है। तीनों पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. भुवनेश्वर नायक को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है। पुलिस ने इन प्रोफेसर के खिलाफ धारा 306, 34 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

शासकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. भुवनेश्वर की खुदकुशी के मामले में चार महीने बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नंदिनी टीआई एसएन सिंह ने बताया कि 28 अक्टूबर 2021 की सुबह प्रभारी प्राचार्य डॉ. भुवनेश्वर नायक का शव पुराने कॉलेज के एक पुराने कमरे में फंदे से लटका मिला था।

नंदिनी पुलिस ने घटना स्थल की जांच की तो उन्हें वहां से एक सुसाइड नोट भी मिला था। उसमें पता चला था कि प्रभारी प्राचार्य ने कॉलेज के तीन प्रोफेसर की प्रताड़ना से काफी परेशान थे। इसी के चलते उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया है। इसके बाद पुलिस ने राइटिंग एक्सपर्ट से सुसाइड नोट की लिखावट की जांच कराई।

जांच के बाद पाया गया कि सुसाइड नोट मरने से पहले प्रभारी प्राचार्य डॉ. भुवनेश्वर ने ही लिखा था। इसके बाद पुलिस ने प्रोफेसर डॉ. प्रशांत कन्नोजे (54वर्ष) निवासी थाना बसंतपुर जिला राजनांदगांव, प्रोफेसर ढालेश कुमार पटेल (45वर्ष) निवासी नंदिनी और प्रोफेसर प्रमेन्द्र कुमार उपाध्याय (51वर्ष) निवासी समता कालोनी रायपुर को गिरफ्तार किया है। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

फिर लौटा कोरोना, 10 शहरों में लॉकडाउन, एक दिन में दोगुना से ज्यादा बढ़े संक्रमित

बीजिंग। चीन में कोरोना संक्रमण की नई लहर शुरू हो गई है। एक दिन में दोगुने से ज्यादा नए मामले बढ़े। मंगलवार को चीन में 5280 नए कोरोना केस मिले, जो देश में कोरोना महामारी के दिनों के बाद का सबसे तीव्र संक्रमण माना जा रहा है। उधर, डब्ल्यूएचओ ने दुनिया को चेताया है कि डेल्टा व ओमिक्रॉन वैरिएंट से मिलकर विकसित हो रहा नया वैरिएंट चौथी लहर ला सकता है।

10 शहरों में लॉकडाउन

नई कोरोना लहर के कारण चीन के 10 शहरों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को एक बार फिर घरों में कैद किया गया है। नई लहर से सबसे ज्यादा जिलिन प्रांत पर असर हुआ है। कोरोना मामलों में उछाल के कारण कम से कम 10 शहरों और काउंटियों में लॉकडाउन किया गया है। इनमें शेंजेन का टेक हब शामिल है, जहां 1.70 करोड़ लोग रहते हैं।

बीते एक सप्ताह में बीजिंग, शंघाई समेत ग्वांगडोंग, जिआंग्सु, शेडोंग और झेजियांग प्रांतों में कोविड के नए मामले सामने आए हैं। नोमुरा ने एक नोट में कहा कि इससे चीनी अर्थव्यवस्था एक बार फिर गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।दूसरी तरफ, डब्ल्यूएचओ की वैज्ञानिक मारिया वान करखोव ने ट्वीट किया है कि दुनिया में ओमिक्रॉन और डेल्टा के मिश्रण से नया वैरिएंट विकसित हो रहा है जो चौथी लहर ला सकता है। मारिया ने वायरोलॉजिस्ट का ट्वीट रिट्वीट करते हुए लिखा हम इसे ट्रैक कर रहे हैं।

सपाट झूठ बोलने का समय नहीं, बेकाबू हो सकते हैं  हालात

इधर कोविड-19 की तेजी से वापसी के बीच शीर्ष चीनी संक्रामक रोग विशेषज्ञ झांग वेनहोंग ने सोमवार को कहा कि यह वक्त चीन के लिए सपाट झूठ बोलने का नहीं है। हमें शून्य-कोविड नीति पर बहस करने के बजाय पूर्ण और टिकाऊ महामारी रणनीतियों को तुरंत लागू करना चाहिए।

वेनहोंग ने चीनी सोशल मीडिया प्लेटफार्म सिना वीबो पर एक पोस्ट में यह टिप्पणी करते हुए कहा, 2020 में कोरोना महामारी के बाद से यह चीन के लिए सबसे कठिन समय है। उन्होंने चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स से बात करते हुए कहा, यह वक्त तुरंत कार्रवाई करने का है अन्यथा हालात बेकाबू हो सकते हैं।

पंजाब में सरकार बनाने जा रही ‘AAP’ की बढ़ी डिमांड, हरियाणा में पार्टी का दामन थाम रहे BJP-Congress के नेता

BJP-Congress Leaders Join AAP: पंजाब में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) की डिमांड अब बढ़ती जा रही है. पार्टी के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए अब हरियाणा में सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस के कई नेता आम आदमी पार्टी में शामिल हो रहे हैं. आप ने पंजाब विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल की है.
आम आदमी पार्टी ने बताया कि गुरुग्राम से बीजेपी के पूर्व विधायक उमेश अग्रवाल और पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजेंद्र सिंह समेत कई नेताओं ने आप का दामन थाम लिया. इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के नेता और हरियाणा के पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सैनी भी आप मुख्यालय में पार्टी में शामिल हो गए. इस मौके पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, पार्टी के राज्यसभा सदस्य सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता और राष्ट्रीय महासचिव पंकज गुप्ता उपस्थित रहे.

पंजाब में बाद आप की हरियाणा पर नज़र

बता दें कि पंजाब के बाद अब आम आदमी पार्टी हरियाणा में अपना कारवां बढ़ाने की कोशिशों में जुट गई है. आप की हरियाणा इकाई के प्रभारी और राज्यसभा सांसद डॉक्टर सुशील गुप्ता ने राज्य में शहरी निकाय और पंचायत चुनाव में भी पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी. आम आदमी पार्टी ने 117 में से 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी. अब भगवंत मान ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. ऐसा पहली बार होगा कि आप दिल्ली के बाहर पहली बार सरकार बनाएगी.

लड़कों को लाइन नहीं मार पाऊंगी… भाग जाऊं क्या? फेरों से पहले दुल्हन का इतना कहते ही मच गया बवाल

Bride Video: सोशल मीडिया (Social Media) की मस्ती भरी दुनिया में शादियों के कई तरह वीडियो अपलोड किए जाते हैं. ऐसा ही एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दुल्हन और उसके दोस्तों के बीच एक मजेदार बातचीत होती है. दुल्हन को शादी के पहले ऐसी बातें करते हुए सुना जा सकता है, जिसपर कोई भी दूल्हा आग-बबूला हो जाए. इस वीडियो में दुल्हन और उसके दोस्तों के बीच चलने वाले मस्ती-मजाक को देखकर आप मुस्कुराने से खुद को रोक नहीं पाएंगे. इस वीडियो को हजारों बार देखा जा चुका है और बड़ी संख्या में लोगों ने इसे लाइक भी किया है.

सहेलियों संग यूं मस्ती करती नजर आई दुल्हन
इंटरनेट पर सामने आए फनी वीडियो (Funny Video) में दुल्हन मेकअप रूम में दोस्तों के साथ बैठी नजर आ रही है. इसमें एक लड़की कैमरा ऑन करती है और दुल्हन से सवाल पूछने लगती है. लहंगा पहनने के बाद दुल्हन का मन बदल जाता है और उसकी सहेली कहती है कि उसे अब शादी नहीं करनी. उन्हें दुल्हन से बड़ा दिलचस्प जवाब मिला. दुल्हन कहती है, ‘यार, मैं अब लड़कों को लाइन नहीं मार पाऊंगी.’ यह सुनकर सहेलियां जोर-जोर से हंसने लगती हैं. आगे क्या होता है आप वीडियो में देख सकते हैं.
शादी से पहले दुल्हन ने कहा कुछ ऐसा
इतना ही नहीं, जब दुल्हन की सहेली ने कहा कि जीजाजी को बुलाऊं क्या? दुल्हन इस पर कहती है कि भाग जाऊं क्या? मस्ती-मजाक भरे इस माहौल में मौजूद लोग हैरान रह गए और जमकर ठहाके लगाने लगे. यह वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर छाया तो लोगों ने जमकर रिएक्शन दिया. इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर wedabout नाम के अकाउंट द्वारा शेयर किया गया है. कैप्शन में लिखा, ‘उसे टैग करो जो अपनी शादी में कुछ ऐसा ही कहने वाली हो.’ करीब 6 हजार लोगों ने इस वीडियो को लाइक किया.

‘कब तक भागोगी, DM दोस्त से कहो… बचा ले’, IAS ऑफिसर को पूर्व पति की धमकी

न्यूज डेस्क।मैं जानता हूं तुम कानपुर में हो…कब तक भागती रहोगी…अपनी डीएम दोस्त से कहो कि वो तुम्हें बचा सकती है तो बचाए…। कुछ इस तरह से आईएएस महिला अफसर को धमकियां देना उसके पूर्व पति को भारी पड़ गया। डीएम नेहा शर्मा की पैरवी पर पुलिस अधिकारियों ने आरोपी सहेली के पूर्व पति के खिलाफ कोतवाली थाने में गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

लखनऊ गोमती नगर, सुशांत गोल्फ सिटी के सेलेब्रिटी ग्रींस में रहने वालीं आईएएस शुभ्रा सक्सेना ने पुलिस को बताया कि उनकी शादी जून 2003 में लखनऊ के गोमती नगर विभूति खंड, रोहताश प्रेसिडेंशियल टॉवर में रहने वाले शशांक गुप्ता से हुई थी।

 

उनकी नौ साल की बेटी शायना भी है। आरोप है कि शादी के बाद से पति ने उन्हें मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इसे लेकर दोनों ने आपसी सहमति से कोर्ट के समक्ष जुलाई 2020 को तलाक ले लिया।

शुभ्रा के अनुसार तलाक के बाद शशांक उन्हें व उनकी बेटी को डराता, धमकाता और पीछा करने लगा। बेटी से मिलने संबंधी अधिकार को लेकर भी दंपती में विवाद चल रहा है। उन्होंने पति पर अपने 8 बाउंसरों से पीछा करवाने, उनकी लोकेशन ट्रेस कराने का भी आरोप लगाया है।

बीते पांच मार्च को वह अपनी बेटी के साथ सहेली डीएम नेहा शर्मा से मिलने उनके कानपुर स्थित आवास पर पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि पूर्व पति ने देर रात उनके मोबाइल पर मैसेज कर धमकियां दीं। जब उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया तो आरोपी ने डीएम नेहा शर्मा के सीयूजी नंबर पर कॉल कर उनसे भी अभद्रता की।
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उन्होंने पूर्व पति से अपनी व बेटी की जान को खतरा बताते हुए शशांक के खिलाफ धारा 147, 148, 149 (दंगा, बलवा), 500 (मानहानि), 506, 507 (अनाम संसूचना द्वारा अपना नाम या निवास स्थान छिपा कर धमकी देना) के तहत रिपोर्ट दर्ज करवाई है। कोतवाली थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि अधिकारी के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है। डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि सहेली ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनके पूर्व पति उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं।

एक और मुकदमा दर्ज हो चुका है
आईएएस शुभ्रा सक्सेना ने बताया कि उनकी बेटी पर अधिकार को लेकर दो माह से शशांक गुप्ता से विवाद चल रहा है। दो माह पहले शशांक ने उनके लखनऊ स्थित आवास पर धावा बोल दिया था। डराने का प्रयास किया था। इसपर सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।

तहसीलदार कोर्ट ने नोटिस जारी कर ‘भगवान’ को किया तलब, चेतावनी भी दी

न्यूज डेस्क।हम भगवान के दर्शन करने मंदिर-मंदिर जाते हैं. साधु संत भगवान के दर्शन के लिए वर्षों लंबी तपस्या करते हैं, लेकिन यहां के प्रशासन ने तो भगवान को अपने कोर्ट में ही तलब कर लिया. यह मामला मध्य प्रदेश के रायगढ़ जिले का है. यहां नायब तहसीलदार कोर्ट (Tehsildar court) ने बाकायदा भगवान को नोटिस भेजकर तलब कर लिया है, वह भी चेतावनी के साथ.

जानकारी के अनुसार, रायगढ़ (Raigarh Chhattisgarh) शहर के वार्ड 25 में एक शिव मंदिर है. सुधा राजवाड़े नामक महिला ने हाई कोर्ट में एक याचिका लगाई थी, जिसमें शिव मंदिर समेत 10 लोगों पर सरकारी भूमि पर कब्जा का आरोप लगाया गया है. हाइकोर्ट के निर्देश के बाद तहसील कार्यालय को इसकी जांच करनी थी. तहसील कार्यालय ने सभी 10 लोगों को नोटिस दे दिया. इन तमाम लोगों में शिव मंदिर का भी नाम है. इसमें प्रबंधक या पुजारी को भी संबोधित नहीं किया गया है.
इस संबंध में नोटिस (Notice) जारी करने वाले तहसीलदार गगन शर्मा व नायब तहसीलदार विक्रांत सिंह ठाकुर ने कहा कि हाईकोर्ट के दिशा निर्देश के बाद यह कार्रवाई की जा रही है. उनका कहना है कि चूंकि मामला सरकारी जमीन पर बेजा कब्जे का है और इसमें 16 लोगों के द्वारा भूमि पर कब्जा करना बताया गया था, लेकिन मौके पर 10 नाम सामने आए हैं. इसमें एक मंदिर भी है, जो कब्जे की जमीन पर बना है. सभी को नोटिस जारी करके दस दिनों का समय दिया गया है, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

कौहकुंडा क्षेत्र के लोगों पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप है, लेकिन शिव को ही नोटिस देने के बाद सवाल यह उठता है कि क्या भगवान खुद तहसीलदार कोर्ट में हाजिरी देंगे? या हाजिरी न देने के एवज में 10 हजार रुपये का जुर्माना भरेंगे. देखना यह है कि इस नोटिस के बाद अदालत में कौन पहुंचता है.

बिग ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ में 16 मार्च से 12 से 14 साल वाले बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू,कोविन एप पर कराना होगा पंजीयन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 12 से 14 साल वाले बच्चों को वैक्सीनेशन की शुरुआत 16 मार्च से होगी। अब कोरोना महामारी से लड़ने के लिए बच्चों को भी सुरक्षा कवच मिल जाएगा। सरकार ने 12 से 14 साल तक के बच्चों को भी कोरोना टीका लगाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए व्यापक अभियान 16 मार्च से शुरू हो रहा है। छत्तीसगढ़ में इस आयु वर्ग के 13 लाख 21 हजार 286 बच्चे हैं।

कोरोना टीकाकरण की नोडल अधिकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया, स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के टीकाकरण की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस आयु वर्ग में आ रहे लोग कोविन एप पर अपना पंजीयन करा सकते हैं।

डॉ. शुक्ला ने बताया, 12 से 14 साल आयु वर्ग के बच्चों को हैदराबाद स्थित बायोलॉजिकल-ई कंपनी से बने कॉर्बेवैक्स टीके लगाए जाएंगे। टीकाकरण अभियान में टीके की दो डोज लगाई जानी है। पहले डोज के चार सप्ताह बाद दूसरा डोज लगाया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों के जिला टीकाकरण अधिकारियों को अपग्रेड प्रशिक्षण दे दिया गया है।

डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया, इस आयु वर्ग के 13 लाख 21 हजार से अधिक बच्चों को चिन्हित किया गया है। अभी तक 15 से 18 साल तक के किशाेरों को ही कोरोना का टीका लगाया जा रहा था। इस आयु वर्ग के किशोरों को कोवैक्सीन टीका लगाया जा रहा है।

0.सभी बुजुर्गों को उपलब्ध होगा बूस्टर डोज

डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया, राज्य में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के प्रिकॉशन डोज के लिए कोमोरबिडिटी यानी गंभीर बीमारियों से प्रभावित रहने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।

इस आयु वर्ग के ऐसे लोग जिन्हें दूसरी खुराक लिए नौ महीने या 39 सप्ताह पूरे हो चुके हैं, वे अपनी तीसरी खुराक निकटतम टीकाकरण केंद्र में जाकर ले सकते हैं। प्रदेश में कोविड टीकाकरण के लिए अभी दस लाख 64 हजार से अधिक टीके उपलब्ध हैं।

0.68% से अधिक बच्चों को लग चुका पहला डोज

राज्य में 15 से 18 वर्ष के 11 लाख 16 हजार 786 किशोरों को कोरोना टीके की पहली डोज लग चुकी है। यह करीब 68% होता है। करीब 45% किशोरों को टीके के दोनों डोज लगाए जा चुके हैं।

यानी सात लाख 45 हजार 800 बच्चों ने दोनों टीके लगवा लिए हैं। इसी तरह चार लाख पांच हजार 18 स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 वर्ष से अधिक के नागरिकों को प्रिकॉशन डोज भी लगाया जा चुका है।

चुनावी जीत के बाद सरकार गठन की तैयारी में जुटी बीजेपी, 4 राज्यों के लिए नियुक्त किए केंद्रीय पर्यवेक्षक,जानें किसे मिली जिम्मेदारी

नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद बीजेपी चार राज्यों में सरकार के गठन की तैयारी में जुट गई है। बीजेपी संसदीय बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा विधानसभा में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक (Central Observers) और सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।

पर्यवेक्षकों की लिस्ट में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम भी शामिल हैं। दरअसल यूपी के अलावा बाकी राज्यों में मुख्यमंत्री को लेकर संशय की स्थिति है। ऐसे में पार्टी में बगावत या विरोध ना हो और फैसला सर्वसम्मति से हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेताओं को इस काम में लगाया गया है।

0.यूपी में उप-मुख्यमंत्री पद के लिए खींचतान

बता दें कि बीजेपी ने इन राज्यों में दुबारा सत्ता हासिल करने में कामयाबी मिली है। यूपी में मुख्यमंत्री पद के लिए योगी आदित्यनाथ को चुनौती देनेवाला कोई नहीं है, लेकिन उप-मुख्यमंत्री पद के लिए काफी खींचतान हो रही है। मीडिया सूत्रों की मानें तो पार्टी सबको संतुष्ट करने के लिए चार उपमुख्यमंत्री नियुक्त कर सकती है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चुनाव हार गये हैं, ऐसे में वहां सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुनना बड़ी चुनौती होगी।

मणिपुर में मौजूदा सीएम एन. वीरेन सिंह के खिलाफ कई नेता खड़े हो रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल गोवा का भी है। प्रमोद सावंंत को पार्टी से अंदरुनी चुनौती मिल सकती है। इसलिए इन चार राज्यों में सरकार के गठन में केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की भूमिका अहम होगी।

सरकार तुंहर द्वार: शिविर में एक ही दिन में 5 हजार से अधिक लोगों को मिला समाधान, मौके पर निपटारा

कोरबा। सरकार तुंहर द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को अजगरबहार में वृहद समाधान शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में एक ही दिन में पांच हजार से अधिक लोगों को फौती, नामांतरण, राशन कार्ड, पेंशन, दिव्यांगता प्रमाण पत्र आदि शिविर स्थल में ही बनाकर ग्रामीणों को दी गई। समाधान शिविर के माध्यम से ग्रामीणों के राशन, पेंशन, मजदूर कार्ड आदि से संबंधित लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया गया।

समाधान शिविर में कलेक्टर रानू साहू ने सेवाओं का लाभ लेने आए नागरिकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ग्रामीणों को शासन की सभी सेवाओं का लाभ मिल सके यही शिविर का उद्देश्य है। कलेक्टर ने कहा कि शिविर के पहले घर-घर सर्वे करके लोगों की समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर शिविर में नागरिकों को सेवाएं प्रदान की जा रही है। इससे लोगों को बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और शिविर में एक ही दिन में समस्याओं का समाधान हो जा रहा है।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि ग्रामीणों को शिविर के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान एक ही जगह पर मिल रहा है। इससे ग्रामीणों को घर का काम छोडकर बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। शिविर स्थल में ही समस्या का समाधान हो जाने से ग्रामीणो को निश्चित रूप से सहूलियत हो रहीे है।

समाधान शिविर में जिला पंचायत सीईओ नूतन कंवर, एसडीएम कोरबा हरिशंकर पैकरा, जनपद पंचायत कोरबा सीईओ जीके मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि हरिश परसाई, आस-पास पंचायतों के सरपंच गण, ग्राम पंचायतों के नागरिक गण एवं सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

0.शिविर में इन विभागों ने किया समस्याओं का समाधान

बता दें शिविर के पहले नागरिकों से उनकी समस्याओं से संबंधित आवेदन लिए गए थे। आवेदनों के निराकरण पश्चात सेवाओं के दस्तावेजों को शिविर स्थल में ही ग्रामीणों को दिए गए। समाधान शिविर में अजगरबहार क्लस्टर के अंतर्गत 19 ग्राम पंचायतों के नागरिकगण सेवाओं का लाभ लिए। शिविर में 22 विभागों द्वारा विभिन्न प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई गई।

 

शिविर स्थल में राजस्व विभाग के अंतर्गत मुआवजा प्रकरण, वनाधिकार पट्टे का वितरण, फौती नामांतरण, किसान किताब, सीमांकन एवं डिजिटल हस्ताक्षरित बी-1 वितरण आदि 1327 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिला पंचायत मनरेगा के अंतर्गत 531 हितग्राहियों का जॉब कार्ड बनाकर दिया गया। 7 महिलाओं को मातृत्व भत्ता दिया गया। इसी प्रकार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 64 हितग्राहियों को शौचालय निर्माण प्रोत्साहन राशि दी गई है।

समाज कल्याण विभाग द्वारा 468 हितग्राहियों को दिव्यांग उपकरण, पेंशन, जन्म – मृत्यु प्रमााण पत्र एवं दिव्यांग सहायता योजना अंतर्गत लाभांवित किया गया। खाद्य विभाग अंतर्गत 489 हितग्राहियों के नवीन राशन कार्ड, राशन कार्ड में संशोधन एवं दिव्यांग, बुजुर्गो का राशन कार्ड निर्माण किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 81 दिव्यांगता प्रमाण पत्र, 589 हितग्राहियों को सुरक्षा योजना अंतर्गत प्रोत्साहन राशि वितरण किया गया। साथ ही गंभीर रूप से बीमार मरीजों का भी चिन्हांकन किया गया। आदिवासी विभाग अंतर्गत 48 विद्यार्थियों को स्थायी जाति प्रमाण पत्र वितरित किया गया।

श्रम विभाग के अंतर्गत 359 हितग्राहियों का ई-श्रम कार्ड बनाया गया। उद्यानिकी विभाग अंतर्गत 90 किसानों को जायद फसल के लिए सब्जी सीडलिंग का वितरण किया गया। कृषि विभाग द्वारा 486 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, पावर वीडर, पंप, स्प्रेयर, वर्मी कम्पोस्ट, मक्का बीज एवं मिनी राइस मिल का वितरण किया गया।

शिक्षा विभाग द्वारा 313 जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, 15 बच्चों को आवश्यक उपकरण एवं 66 छात्राओं को सरस्वती सायकल वितरण किया गया। पशुधन विभाग द्वारा बकरा वितरण, मछली पालन विभाग द्वारा 5 मछली पालकों को जाल एवं आईसबाक्स का वितरण किया गया। इसी प्रकार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 12, क्रेडा विभाग द्वारा 6 एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा 02 समूहों को ऋण माफी एवं 3 समूहों को ऋण का वितरण किया गया।