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पुलिस जीजा की वर्दी चोरी कर साला बना बैठा हवलदार, फिर….पढ़ें पूरी खबर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले की पुलिस ने एक फर्जी हवलदार को गिरफ्तार किया है। शातिर ने पहले अपने हेड कांस्टेबल जीजा की वर्दी चुराई। इसके बाद नकली हवलदार बनकर आसपास के गांव के सरपंचों से मिला। ठग ने सरपंचों से गांव के बदमाशों की जानकारी मांगी और फिर उनसे वसूली करने लगा।

पुलिस की वर्दी में होने की वजह से सरपंचों को भी हवलदार के फर्जी होने की जानकारी नहीं हुई। एक पीड़ित ने थाने पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई तब इस नकली हवलदार की पोल खुली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

नवागढ़ पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम नागधा निवासी कमर कुर्रे अपने हेड कांस्टेबल जीजा शिव कुमार बंजारे की वर्दी चुराकर नकली हवलदार बनकर ठगी कर रहा था। आरोपी कमर कुर्रे का जीजा खम्हरिया थाने में पदस्थ हैं। आरोपी ने उनके घर जाकर वर्दी चुराई। इसके बाद आसपास के गांव में घूम-घूमकर वसूली करने लगा।

आरोपी कमर कुर्रे के पास से अलग-अलग ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा अपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों के नामों की सूची भी मिली है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो चोरी की बाइक भी बरामद की है, जिसे उसने बेमेतरा व रायपुर से चुराया था। इस मामले में नवागढ़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ठगी, चोरी व धमकी की धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया है।

सीजी ब्रेकिंग: हुक्का बार चलाते मिले तो 3 साल रहना होगा जेल में, हुक्का बार को अपराध बनाने वाले विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुक्का बार के कारोबार को अपराध बनाने वाले विधेयक को राज्यपाल अनुसूईया उइके की मंजूरी मिल गई है। राज्यपाल ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद, विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, प्रदाय और वितरण का विनियमन अधिनियम के बदले हुए प्रारूप पर हस्ताक्षर कर दिए। अब इस विधेयक को राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।

संशोधित कानून के जरिए हुक्का बार संचालकों और वहां जाकर हुक्का गड़गड़ाने वालों के लिए सजा का भी प्रावधान है। इसके मुताबिक हुक्का बार संचालक तीन साल तक की जेल और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी जाएगी। यह सजा एक साल की जेल और 10 हजार रुपए के जुर्माने से कम नहीं होगी। हुक्का गुड़गुड़ाने वालों को भी पांच हजार रुपए तक के जुर्माने से दंडित करने का प्रावधान है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने शीतकालीन सत्र के दौरान इस संशोधन विधेयक को पारित किया था। नए प्रावधानों के मुताबिक इस अधिनियम में लिखी किसी बात के होते हुए भी, कोई व्यक्ति, स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से, कोई हुक्का बार नहीं खोलेगा या हुक्का बार नहीं चलाएगा या रेस्टोरेंट सहित किसी भी स्थान पर ग्राहकों को हुक्का नहीं देगा।

राष्ट्रपति से अनुमोदित होने के बाद यह अधिनियम राजपत्र में प्रकाशित होगा। उसके बाद से ही छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार को हुक्का बार पर कार्रवाई करने और संचालकों को सजा दिलाने का अधिकार मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में पंचायतों के 510 पदों के लिए मतदान कल, 1288 उम्मीदवार मैदान में, शाम तक आएंगे नतीजे

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पंच, सरपंच, जनपद पंचायत और जिला पंचायत सदस्य के 510 पदों के लिए 20 जनवरी को सुबह 7 बजे से दोपहर के 3 बजे तक वोट डाले जाएंगे। चुनाव में एक हजार 288 उम्मीदवार मैदान में हैं।

आम चुनाव और उपचुनाव में जिला पंचायत सदस्य के 3 पदों के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं जनपद सदस्य के 27 पदों के लिए 88, सरपंच के 152 पदों के लिए 455 और पंच के 330 पदों के लिए 733 उम्मीदवार इस चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं।

इस बार कोविड को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर मतदान दलों के अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी तैनात किया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने बताया कि कोविड-19 के सभी प्रोटोकॉल के साथ मतदान सम्पन्न कराया जाना है। कोविड-19 के संकट को देखते हुए सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है। इसके तहत सभी एक हजार 66 मतदान केन्द्रों में स्वास्थ्यकर्मी भी मतदान दल के साथ मौजूद रहेंगें। ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की है कि मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें। उन्होने बताया, सभी मतदान केन्द्रों में सेनेटाइजेशन की व्यवस्था रहेगी। मतदाताओं को मतदान केन्द्र में प्रवेश के पहले एवं बाद में अपने हाथ सेनेटाइज करने होंगें। इसके लिए सभी मतदान केन्द्रों में सेनेटाइजर उपलब्ध कराया गया है।

आयुक्त ने बताया, मतदान दलों को रवाना कर दिया गया है। सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो जाएगा। इसे शाम 3 बजे बजे तक संपन्न कराया जाना है। जरूरत पड़ी तो मतदान केंद्रों में ही मतगणना भी होगी।

ब्रेकिंग: 3000 फीट की ऊंचाई पर आसमान पर टकराने वाली थीं इंडिगो की फ्लाइट्स, खतरे में थी 400 यात्रियों की जान तभी….

बेंगलुरु। बेंगलुरु के आसमान पर आज बड़ी तबाही आने वाली थी, आखिरी वक्त सतर्कता और सावधानी ने उसे टाल दिया।

दरअसल बेंगलुरु एयरपोर्ट से एक साथ उड़ान भरने वाली इंडिगो की दो फ्लाइट्स टकराने वाली थीं, लेकिन रडार कंट्रोलर की वजह से यह हादसा टल गया। यह घटना 7 जनवरी की है, लेकिन इसका खुलासा अब हुआ है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट 6E-455 ने बेंगलुरु से कोलकाता और फ्लाइट 6E 246 ने बेंगलुरु से भुवनेश्वर के लिए एक साथ उड़ान भरी थी। दोनों फ्लाइट्स ने अगल-बगल के रनवे से एक ही दिशा में उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान दोनों एक-दूसरे के काफी करीब आ गए थे।

दोनों विमान उस वक्त 3 हजार फीट की ऊंचाई पर थे और इनमें 400 से ज्यादा यात्री सवार थे। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा कि हवा में विमानों को टकराने से बचाने के लिए रडार कंट्रोलर लोकेंद्र सिंह ने विमानों को अपनी दिशा बदलने को कहा था।

एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स के बीच कम्युनिकेशन गैप की वजह से 400 यात्रियों की जान

DGCA सूत्रों ने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने इस गड़बड़ी की रिपोर्ट यानी ब्रीच ऑफ सेपरेशन रिपोर्ट नहीं की। ये घटना किसी लॉगबुक में भी नहीं दर्ज की गई। ब्रीच ऑफ सेपरेशन का मतलब यह है कि जब दो विमान हवा में जरूरी दूरी से भी ज्यादा करीब आ जाते हैं। बेंगलुरु एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले दोनों विमान एयरबस A320 मॉडल के थे।

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर नॉर्थ और साउथ दो रनवे ऑपरेशनल रहते हैं। घटना के दिन फ्लाइट्स नॉर्थ रनवे से उड़ान भर रही थीं और साउथ रनवे से उतर रही थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक रनवे के ऑपरेशन तय करने वाले शिफ्ट इंचार्ज ने नॉर्थ रनवे का इस्तेमाल लैंडिंग और टेकऑफ दोनों के लिए कर दिया था।

साउथ रनवे उस वक्त बंद था, लेकिन इसकी जानकारी टावर कंट्रोलर को नहीं दी गई। साउथ टावर कंट्रोलर ने बेंगलुरु जा रही फ्लाइट को टेकऑफ की मंजूरी दे दी। इसी वक्त नॉर्थ टावर कंट्रोलर ने भी बेंगलुरु जा रही फ्लाइट को उड़ान की मंजूरी दे दी।

DGCA की रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्थ और साउथ टावर कंट्रोलर्स ने आपसी बातचीत के बिना फ्लाइट क्लियरेंस दे दिया था। एयर ट्राफिक कंट्रोलर्स के बीच कम्युनिकेशन गैप हो गया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों जेट को एक साथ एक ही दिशा में उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए थी। डिपार्चर के बाद उड़ान के दौरान दोनों विमान एक-दूसरे की दिशा में बढ़ रहे थे। उन्हें आपस में भिड़ने से अप्रोच रडार कंट्रोलर ने आगाह किया।

ब्रेकिंग: दोपहर में हुआ अंतिम संस्कार, शाम को आई पॉजिटिव रिपोर्ट, मचा हड़कंप

रायपुर। छत्तीसगढ़ में  एक दिन में कोरोना संक्रमण 5 हजार से ज्यादा केस मिल रहे हैं। ऐसे में सैंपल जांच रिपोर्ट में भी देरी से मिलने के चलते संक्रमण बढ़ रहा है। रायपुर में उपचार के दौरान गरियाबंद के एक युवक की मौत हो गई। परिजन उसके शव को लेकर गांव आ गए और अंतिम संस्कार कर दिया। बाद में रिपोर्ट आई तो पता चला कि युवक पॉजिटिव था। इसके बाद अब अंत्येष्टि में शामिल सभी लोगों की जांच की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, छुरा ब्लॉक के गढ़ियापारा निवासी 32 साल का एक युवक कुछ दिनों पर सड़क हादसे में घायल हो गया था। परिजनों ने उसे उपचार के लिए रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर उसका सैंपल लेकर कोरोना टेस्ट के लिए भेज दिया, लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं आई। युवक की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था और मंगलवार को उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन उसका शव लेकर गांव लौट आए।

स्थानीय ग्रामीण भी हुए शामिल

दोपहर में स्थानीय मुक्तिधाम में युवक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान अंत्येष्टि में स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसके बाद शाम को जब स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल बुलेटिन जारी हुआ तो पता चला कि युवक की रिपोर्ट आ गई है और वह कोरोना संक्रमित था। तब तक तमाम लोग उसके संपर्क में आ चुके थे। इसके बाद से परिजनों और अंत्येष्टि में शामिल लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

गांव में कैंप लगाकर सैंपल लेंगे

इधर BMO डॉ. सुनील भारती ने युवक के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि अंत्येष्टि में शामिल सभी लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। इसके अलावा उनके संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जाएगी।

इसके लिए गांव में कैंप लगाया जाएगा। हालांकि अभी से इसकी शुरुआत कर दी गई है और सैंपल लेने के बाद लोगों को होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा है।

100 मिलियन टन के पार पहुँचा एसईसीएल…सीएमडी पंडा ने दी टीम को बधाई…

बिलासपुर।कोल इंडिया की सबसे बड़ी सब्सिडीयरी एसईसीएल ने 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन का आँकड़ा पार कर लिया है । दिनांक 18 जनवरी को एसईसीएल का सकल उत्पादन 100.19 मिलियन टन था ।

भारत कोयला उत्पादन में दुनिया में दूसरे स्थान पर है तथा दुनिया में उत्पादित कोयले का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा हमारे देश में उत्पादित होता है। कोल इंडिया दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कम्पनी है। देश भर में इसकी 350 से अधिक खदानें हैं जिनसे प्राथमिक ऊर्जा के लगभग 80 % संसाधन की आपूर्ति की जाती है।

इस वित्तीय वर्ष में कोल इंडिया लिमिटेड 670 मिलियन टन के उत्पादन लक्ष्य की ओर अग्रसर है जिसमें एसईसीएल की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी । एसईसीएल ने इस अवधि में 121.56 मिलियन टन कोल डिस्पैच किया है। डिस्पैच में गत वर्ष से लगभग 14% की वृद्धि दर्ज की गई है वहीं कम्पनी का उत्पादन भी गत वर्ष से अधिक हुआ है ।

कम्पनी द्वारा पावर सेक्टर को प्राथमिकता के आधार पर कोयले का डिस्पैच किया जा रहा है तथा हाल के दिनों में प्रतिदिन लगभग 45-50 कोल रेक भेजा जा रहा है । जनवरी की असमय बारिश से पूर्व, इस वित्तीय वर्ष में पहली बार, कम्पनी प्रतिदिन 5 लाख टन उत्पादन का आँकड़ा भी छूने में कामयाब रही थी।

इस उपलब्धि पर सीएमडी एसईसीएल श्री ए पी पंडा ने समस्त कामगार बंधुओ, स्टेक होल्डर्स, राज्य शासन, यूनियन व एसोसिएशन सहित पूरे एसईसीएल परिवार को बधाई दी है। कम्पनी इस वित्तीय वर्ष में 172 मिलियन टन कोयला उत्पादन की ओर अग्रसर है।

 

पति की गैरमौजूदगी में आता था दोस्त, पत्नी के साथ 6 साल तक करता रहा दरिंदगी, FIR

ग्वालियर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में एक विवाहिता को उसके पति का दोस्त पिछले 6 साल से हवस का शिकार बना रहा था. छह महीने पहले 15 अक्टूबर 2015 के दिन पति के दोस्त ने पहली बार विवाहिता के साथ उसके घर में आकर रेप (Rape) किया था. उसके बाद से जान से मारने की धमकी देकर 6 साल से रेप कर रहा था. सोमवार रात महिला ने अपने पति को पूरी बता बताई, जिसके बाद पति के साथ थाने जाकर FIR दर्ज कराया. माधौगंज थाना में विवाहिता ने शिकायत दर्ज कराई है. शीतला कॉलोनी में रहने वाली 28 साल की महिला ने बताया कि ग्वालियर के गुडागुड़ी का नाका इलाके में रहने वाला सुनील जादौन उसके पति का दोस्त है.

15 अक्टूबर 2015 के दिन सुनील उसके किराए के मकान में मिलने आया था, उस वक्त पति बाहर गए थे. लिहाजा उनका इंतजार के बहाने सुनील घर के अंदर आ गया. उस दौरान सुनील ने विवाहिता को अकेला देख दबोचकर रेप किया. विवाहिता ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकियां देकर जुबान बन्द रखने को कहा.

पुलिस ने दर्ज की FIR

रेप के बाद विवाहिता बदनामी के डर से चुप रही. सुनील ने विवाहिता के साथ लगातार संबंध बनाता रहा. इस दौरान सुनील ने विवाहिता को उसके पति से छुटकारा दिलाकर खुद से शादी करने का वादा किया. लेकिन 6 साल तक विवाहिता को रेप का शिकार बनाने के बाद उसे छोड़ दिया. सुनील ने आना बंद किया तो पीड़िता उसके कमरे पर पहुंची. यहां सुनील ने विवाहिता को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट कर शादी करने से इनकार कर दिया. इसके बाद विवाहिता ने सुनील की करतूत पति को बताई और थाने पहुंची. माधौगंज पुलिस ने आरोपी सुनील के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, वहीं उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है.

ट्रैफिक चालान से बचने के लिए लड़की ने लगाया गजब का दिमाग, पुलिस के सामने यूं खुला भेद

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow News) में ठाकुरगंज पुलिस ने धोखाधड़ी के एक अजीबोगरीब मामले का खुलासा किया है. यहां चालान से बचने के लिए एक युवती ने अपनी स्कूटी पर दूसरी युवती की स्कूटी का नंबर लगा लिया. इस मामले का खुलासा हुआ तब हुआ जब असल नंबर वाली युवती के पास अक्सर चालान आने लगे. ठाकुरगंज पुलिस ने इस मामले में सफिया उर्फ अलीशा नाम की युवती को धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में गिरफ्तार किया है.

डीसीपी पश्चिम सोमेन बर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि चालान से बचने के लिए आरोपी युवती अपनी स्कूटी पर पीड़ित युवती की नंबर प्लेट लगाकर चलती थी. थाना ठाकुरगंज के बालागंज इलाके के रहने वाले रविंद्र कुमार ने जून 2020 में लखनऊ ट्रैफिक पुलिस में शिकायत की थी कि उनकी बेटी की स्कूटी जुपिटर घर में खड़ी है, लेकिन उसके ऑनलाइन चालान आ रहे हैं.
हद तो तब हो गई जब इन चालानों की रक़म एक लाख रुपये तक पहुंच गई. रविंद्र की शिकायत पर ट्रैफिक पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज निकाला तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. सीसीटीवी फुटेज से साफ हो गया कि पीड़िता की स्कूटी का नंबर आरोपी युवती ने अपनी स्कूटी पर लगा रखा था.

इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर ठाकुरगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी युवती के आने-जाने का रास्ता पुलिस को मिल गया, जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर सफिया उर्फ अलीशा को स्कूटी समेत गिरफ्तार कर लिया.

जीवन दीप समिति के कर्मियों का बढ़ेगा मानदेय…कलेक्टर की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई जेडीएस की बैठक में लिया गया निर्णय…

कोरबा ।जिला अस्पताल में जीवन दीप समिति के माध्यम से काम कर रहे लगभग 74 कर्मचारियों का वेतन बढ़ेगा। इसके साथ ही नवोदय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय जैसे आवासीय शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं के मेडिकल सर्टिफिकेट निःशुल्क बनेंगे। ऐसे विद्यार्थियों को अब मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के लिए जिला मेडिकल बोर्ड को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू की अध्यक्षता में आज हुई जीवन दीप समिति की बैठक में यह निर्णय लिये गये हैं। वीडियो कांफें्रसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में अपर कलेक्टर सुनील नायक, जिला पंचायत के सीईओ नूतन कवंर, समिति के सचिव और जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. के.एल.धु्रव, सीएमएचओ डॉ. बी.बी.बोडे, नगर निगम आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय, सदस्य डॉ. देवेन्द्र गुर्जर एवं अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक में जीवनदीप समिति के माध्यम से नियोजित अंशकालीन कर्मचारियों की मानदेय वृद्धि पर गहन चर्चा हुई। समिति के सचिव डॉ. के.एल.धु्रव ने बताया कि मरीजों के पंजीयन और अन्य शुल्कों से समिति को प्रतिमाह लगभग साढ़े आठ लाख रूपये की आय होती है। इस आय के मुकाबले प्रतिमाह का व्यय लगभग 13 लाख रूपये का है। कलेक्टर श्रीमती साहू ने आय-व्यय को ध्यान में रखते हुए जीवनदीप समिति के कर्मियों की कार्य अवधि के आधार पर मानदेय वृद्धि का सुझाव दिया। बैठक में सर्व सम्मति से तय किया गया कि 10 वर्ष से अधिक की सेवा अवधि वाले जेडीएम कर्मियों का मानदेेेय एक मुश्त प्रतिमाह एक हजार रूपये बढ़ाया जायेगा। दस वर्ष से कम सेवा अवधि वाले कर्मियों का मानदेय पांच सौ रूपये प्रतिमाह बढ़ाया जायेगा। समिति के इस निर्णय से जिला अस्पताल में काम कर रहे लगभग 74 कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। बैठक में कोविड कॉल के दौरान ईएसआईसी अस्पताल, आईसीयू और कोविड सेम्पलिंग के लिए नियोजित किए गये अंशकालीन स्वास्थ्य कर्मियों को भी मानदेय देने पर सहमति बनी। जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा और आकस्मिक ईलाज के समय उपयोग के लिए खरीदे गये पावर जनरेटर के बिल भुगतान को भी बैठक में मंजूरी मिली।
बैठक में नवोदय विद्यालय, एकलव्य आवासीय विद्यालय जैसे शिक्षण संस्थानों में प्रवेश करने वाले जिले के मेधावी विद्यार्थियों को मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए शुल्क छूट पर भी निर्णय लिया गया। ऐसे विद्यार्थियों को यह छूट मेडिकल बोर्ड से सर्टिफिकेट बनवाने पर ही मिलेगी। पहले ऐसे विद्यार्थियों को फिटनेश सर्टिफिकेट बनाने के लिए मेडिकल बोर्ड में 520 रूपये शुल्क पटाना पड़ता था। बैठक में निर्णय के बाद अब इन विद्यार्थियों को यह शुल्क नहीं पटाना पड़ेगा।

ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ के इस जिले में एक और हाथी की मौत, मौके पर पहुंचे अफसर

रायपुर/सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में सूरजपुर में करंट की चपेट में आने से एक और हाथी की मौत हो गई। सूचना पर अफसरों की टीम मौके पर पहुंची है।

हाथी की मौत प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के दरहोरा गांव में हुई है। हादसे के तुंरत बाद गांव के लोगों ने इस बात की सूचना वन विभाग की टीम को दी। सूचना के बाद मौके पर डीएफओ समेत वन अमला मामले की जांच कर रहा है।

रायपुर/सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में सूरजपुर में करंट की चपेट में आने से एक और हाथी की मौत हो गई। सूचना पर अफसरों की टीम मौके पर पहुंची है।

हाथी की मौत प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के दरहोरा गांव में हुई है। हादसे के तुंरत बाद गांव के लोगों ने इस बात की सूचना वन विभाग की टीम को दी। सूचना के बाद मौके पर डीएफओ समेत वन अमला मामले की जांच कर रहा है।