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ये कैसी चौकसी: दो बैरियर, दो चौकी… ताकती रही पुलिस, बदमाश लूट ले गए एक करोड़ की चांदी

न्यूज डेस्क। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूरा आगरा जिला छावनी बना हुआ है। जगह-जगह बैरियर पर चेकिंग का दावा किया जा रहा है। मगर, सुरक्षा की बात करें तो यह सब कवायद सिर्फ खानापूर्ति ही नजर आ रही है। बुधवार को दिनदहाड़े बमरौली अहीर मार्ग पर कूरियर कंपनी की एक करोड़ की चांदी लूटने वाले बदमाश ग्वालियर मार्ग पर आकर आसानी से भाग गए, जबकि इस मार्ग पर दोनों तरफ दो बैरियर लगे हैं। दो पुलिस चौकी सीओडी और बुंदू कटरा हैं। इसके बावजूद पुलिस ताकती रह गई और बदमाश लूटकर निकल गए।

बमरौली अहीर मार्ग पर जिस स्थान पर वारदात हुई, वहां से 200 मीटर की दूरी पर ग्वालियर मार्ग है। एक तरफ से शहर के अंदर तो दूसरी तरफ से सैंया, ग्वालियर की ओर जाया जा सकता है। डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर बुंदू कटरा पुलिस चौकी है तो तकरीबन तीन किलोमीटर की दूरी पर सीओडी पुलिस चौकी है। इस चौकी पर ही बैरियर लगा हुआ है, जबकि दूसरा बैरियर रोहता चौराहे पर है। रोहता चौराहा घटनास्थल से तकरीबन 400 मीटर की दूरी पर है। यहां से ही शहर के अंदर प्रवेश किया जाता है।
कर्मचारी राघवेंद्र सिंह ने बताया था कि बदमाश बमरौली अहीर मार्ग से ग्वालियर मार्ग पर आए। इस पर पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। फुटेज से पुलिस को बदमाशों के ग्वालियर की तरफ रोहता की तरफ जाने के बारे में पता। वो इसके बाद कहां गए, इसकी पुलिस पता कर रही थी। किस रास्ते से आए थे, यह भी पता नहीं चल सका है।
कार रोकी और बोले टक्कर मारकर आए हो
श्री साईंनाथ एक्सप्रेस कंपनी के मालिक शंकर परमार के भतीजे आकाश परमार ने बताया कि कोतवाली स्थित नमक मंडी में कंपनी का ऑफिस है। गोदाम बमरौली अहीर मार्ग स्थित स्वामी धाम कॉलोनी के पास है। वह चालक राघवेंद्र के साथ बुधवार सुबह चांदी की पायल, घुंघरू आदि तकरीबन 200 किलोग्राम चांदी और एक लाख रुपये गोदाम से लेकर स्विफ्ट गाड़ी में ऑफिस लेकर जा रहे थे। चांदी 12 पैकेट और एक बोरे में थी। वह गोदाम से तकरीबन 250 मीटर आगे चले ही थे कि पीछे से आई होंडा अमेज गाड़ी में सवार चार बदमाशों ने ओवरटेक करके आगे गाड़ी लगा दी।
एक बदमाश राघवेंद्र तो दूसरा उसकी तरफ आया। उससे कहा कि पीछे टक्कर मारकर आए हो। पिटाई भी की। इसी के साथ दूसरे बदमाश ने कार की चाबी निकाल ली। उसने कहा कि गाड़ी में नशीले पदार्थ की तस्करी करते हो। वो दोनों कुछ समझ पाते उससे पहले ही दूसरे बदमाशों ने कार की डिकी खोल ली और डिकी में रखे पैकेट और बोरा निकालकर अपनी गाड़ी में रख लिया। आकाश पर पिस्टल तानकर उसकी जेब में रखे एक लाख रुपये भी कब्जे में ले लिए। आठ मिनट में वारदात कर बदमाश ग्वालियर मार्ग की तरफ तेजी से चले गए। उनकी गाड़ी की चाबी भी ले गए, जिससे वो पीछे नहीं जा सके। आकाश ने मोबाइल से कंपनी कर्मचारियों को बताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

ZP सामान्य सभा 24 जनवरी को…पहली बार होगी वर्चुअल बैठक…

कोरबा । जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा की बैठक 24 जनवरी को आयोजित की जायेगी। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जायेगी। यह बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर की अध्यक्षता में दोपहर 12 बजे से जिला पंचायत सभाकक्ष आयोजित होगी। बैठक में सदस्यगण वर्चुअल रूप से शामिल होंगे। इस बैठक में 15 वें वित्त आयोग अन्तर्गत वर्ष 2021-22 के लिए जिला पंचायत विकास योजना का अनुमोदन किया जायेगा। साथ ही वित्त वर्ष 2022-23 के लिए विषयों का चिन्हांकन भी किया जायेगा।

KORBA: सड़क मुआवजा प्रकरण के दोषी भू-माफियाओं पर होगी FIR…कलेक्टर ने SP को कार्रवाई के दिये निर्देश…

कोरबा।हरदीबाजार-तरदा बाईपास सड़क के लिए ज़मीन अधिग्रहण के मुआवजा प्रकरण में अनियमितता और एक ही भूमि को हिस्से कर बार बार खरीदी बिक्री करने वाले भू-माफियाओं पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने आज कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है।
उल्लेखनीय है कि हरदीबाजार-तरदा बाईपास सड़क बनाने के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। भू-माफियाओं द्वारा एक ही जमीन को छोटे छोटे हिस्सो में कई बार बेचने, भूमि अधिग्रहण के मामले में अनियमितता और मुआवजा प्रकरणों में नियमों की अनदेखी की कई शिकायतें कलेक्टर को मिली थी। शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने इसकी जांच कराई थी। जांच में सामने आया है कि भूमि अधिग्रहण के मामलों में भू-राजस्व संहिता व अधिग्रहण नियमों की भारी अनदेखी की गई है। नियमों के विरुद्ध पांच हजार स्क्वेयर फ़ीट से कम रकबे का अधिग्रहण दिखाकर बढ़े मुआवजे के प्रकरण स्वीकृत किये गए है इसके साथ ही ऐसे कई खसरों की भूमि को भी अधिग्रहित किया गया है, जो बाईपास सड़क सीमा में नहीं आती है। भू- मफ़ियाओं द्वारा अधिग्रहण के नियमों के उल्लंघन और मुआवजा प्रकरण में अनियमितता से शासन को राजस्व हानि पहुँचाने का प्रयास किया गया । पूरे प्रकरण की शिकायत कई बार कलेक्टर व उच्च अधिकारियों से की गई थी जिस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने जांच कराई थी। अब कलेक्टर ने दोषी भू-माफियाओं के विरुद्ध एफआईआर करने के लिए पुलिस अधीक्षक को भी निर्देशित किया है।

छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों, अभिभावकों को भी भा रहा है ऑनलाइन पढ़ाई का मॉडल : सर्वे

न्यूज डेस्क।हाइब्रिड शिक्षण मॉडल (प्रत्यक्ष और ऑनलाइन दोनों तरह से अध्ययन) को छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच व्यापक प्राथमिकता मिली है और वे चाहते हैं कि कक्षाओं में परंपरागत शिक्षण फिर से शुरू होने के बाद भी किसी न किसी रूप में ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहे। एचपी इंडिया के एक सर्वे में यह तथ्य उभरकर सामने आया है। कोविड-19 महामारी प्रौद्योगिकी के जरिये शिक्षण को भारत समेत दुनियाभर में अपनाने के लिहाज से एक अवसर साबित हुई है। शिक्षा में अवरोध न आ सके इसलिए कई ऑफलाइन कक्षाएं ऑनलाइन होने लगीं।

एचपी इंडिया के ‘फ्यूचर ऑफ लर्निंग स्टडी-2022′ के मुताबिक, 98 प्रतिशत अभिभावक और 99 फीसदी शिक्षकों ने शिक्षण जारी रहने का श्रेय ऑनलाइन माध्यम को दिया। एचपी इंडिया के प्रबंध निदेशक केतन पटेल ने कहा, ‘‘ऑनलाइन कक्षाओं के कारण अध्ययन जारी रह सका और सभी लोग सुरक्षित भी रहे।” करीब 91 प्रतिशत विद्यार्थियों ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षण पारंपरिक कक्षा शिक्षण का पूरक है। सर्वे में शामिल करीब 68 प्रतिशत छात्र-छात्राओं, 89 फीसदी अभिभावकों और 85 फीसदी शिक्षकों ने कहा कि कक्षाओं में प्रत्यक्ष शिक्षण शुरू होने के बाद भी वे किसी न किसी रूप में ऑनलाइन शिक्षण जारी रखेंगे या ऐसा करने का सुझाव देंगे।

छात्रों द्वारा हाइब्रिड पढ़ाई को तवज्जो देने के पीछे कारण है कि दोनों तरीके से शिक्षण से विषय को लेकर समझ बेहतर होती है, खाली समय मिल जाता है जिसमें अपने पसंद के काम किए जा सकते हैं आदि। हालांकि 77 प्रतिशत विद्यार्थियों ने कहा कि कक्षाओं में प्रत्यक्ष अध्ययन से अधिक दोस्त बनाए जा सकते हैं, पढ़ाई बेहतर तरीके से होती है। 76 फीसदी ने कहा कि इससे खेलकूल में भाग लेना संभव होता है। पटेल ने कहा कि स्कूलों को भी यह अहसास हुआ है कि आगे का रास्ता हाइब्रिड शिक्षण है और उसके लिहाज से स्कूलों में आधारभूत ढांचा तैयार करने की जरूरत है। इस शोध में 13 शहरों के शिक्षकों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं समेत कुल 1,500 लोगों से बात की गई।

चुनावी शराब पी कर युवक की मौत… मतदान से पहले बकरा भात के साथ हुई शराब पार्टी,ग्रामीणों ने किया हंगामा…

बिलासपुर ।बिलासपुर में चुनावी शराब पीने से एक युवक की मौत हो गयी वही एक युवक की गम्भीर रूप से तबियत बिगड़ गयी। वोटिंग के दिन जहरीली शराब पीने से हुई मौत से हंगामा मचा हुआ हैं।

मामले में मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर के मस्तूरी ब्लाक के भनेसर ग्राम पंचायत में सरपँच पद के लिये उपचुनाव चल रहे हैं। चुनाव में सरपँच पद के लिये 4 प्रत्याशी खड़े हुए हैं। सूत्रों के अनुसार चुनाव में मतदाताओं को रुझाने के लिये प्रत्याशियों के द्वारा बकरा भात के साथ ही शराब की पार्टी का आयोजन किया जा रहा हैं।

दलहा पोड़ी निवासी 28 वर्षीय अजय निर्मलकर पेशे से ड्राइवर हैं पिछले 4 माह से ग्राम भनेसर के देवलाल टण्डन के घर मे किराए से रह रहा था। आज सुबह गांव में वोटिंग होने वाली थी। सुबह जब मकान मालिक का लड़का 20 वर्षीय रविन्द्र टण्डन सो कर उठा तो उसे घर के बाहर शराब की दो बोतले रखी मिली। रविन्द्र ने सोचा कि कोई प्रत्याशी चुनावी शराब रख कर गया होगा। अपने किराए दार अजय को लेकर रविन्द्र शराब पीने खेत की तरफ चले गया।

शराब पी कर दोनो की तबियत बिगड़ गयी और दोनो उल्टियां करने लगे। राहगीरों ने उन्हें देख कर मस्तूरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जहां से स्थिति गम्भीर होने पर उन्हें सिम्स रिफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान अजय निर्मलकर की मौत हो गयी वही रविन्द्र टण्डन की स्थिति गम्भीर बनी हुई हैं। रविन्द्र के परिजनों ने उसकी बिगड़ती स्थिति देख कर उसे सिम्स से रिफर करवा के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया हैं। मामले की सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी ग्रामीण रोहित झा मौके पर पहुँचे। पुलिस शराब रखने वाले वाले का पता करने के अलावा निजी दुश्मनी के एंगल से भी जांच कर रही हैं।

KORBA: प्रवीण किराना स्टोर में खाद्य विभाग का छापा… 27 कट्टा पीडीएस का चावल जब्त…

कोरबा। खाद्य विभाग की टीम ने नकटीखार में छापामार कार्रवाई करते हुए 27 कट्टा पीडीएस का जब्त किया है। अवैध रूप से रखे चावल कर चलानी कार्रवाई करते हुए कोर्ट भेजा गया है।

बता दें कि उर्जाधानी में सरकारी चावल दुकान से गरीबो के चावल की कालाबाजारी चरम पर है। पीडीएस संचालक गरीबो के राशन को खुले बाजार में बेचने का अवैध कारोबार पर लगाम लगाने समय समय पर खाद्य विभाग की टीम छापामार कार्रवाई करते हैं। इस कड़ी में आज नकटीखार जाकर प्रवीण किराना स्टोर में छापामार कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान दुकान में अवैध रूप से 27 कट्टा पीडीएस का चावल जब्त कर प्रकरण तैयार कर कोर्ट भेजा गया हैं।

यूपी में सपा-कांग्रेस को झटका, कांग्रेस की पोस्टर गर्ल प्रियंका मौर्य और अखिलेश के मौसा भाजपा में शामिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में मतदान से पहले राजनीतिक दलों की सेंधमारी लगातार जारी है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। भगवा पार्टी ने आज अखिलेश यादव के मौसा प्रमोद गुप्ता, प्रियंका गांधी वाड्रा की पोस्टर गर्ल प्रियंका मौर्य और नितिन अग्रवाल सहित कई नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई है।

बता दें कि मुलायम सिंह यादव के समधी हरिओम यादव भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। वहीं, कल ही मुलायम सिंह की बहू ने भी भाजपा का दामन थाम लिया था। केशव प्रसाद मौर्य और यूपी बीजेपी के अध्यक्ष ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी।

प्रियंका ने कांग्रेस पर लगाए थे रिश्वत मांगने के आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश में महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष प्रियंका मौर्य ने कहा कि “उन्होंने (कांग्रेस) मेरे चेहरे, मेरे नाम और मेरे 10 लाख सोशल मीडिया फॉलोअर्स का इस्तेमाल प्रचार के लिए किया। लेकिन जब आने वाले चुनाव के लिए टिकट की बात आई, तो यह किसी और को दे दिया गया। यह अन्याय है।”

उन्होंने आगे कहा कि मुझे टिकट नहीं मिला क्योंकि मैं एक ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) की लड़की हूं और प्रियंका गांधी के सचिव संदीप सिंह को रिश्वत नहीं दे सकती थी।

यादव परिवार से कई नेताओं ने थामा है बीजेपी का दामन

अपर्णा से पहले मुलायम सिंह यादव की भतीजी संध्या यादव (अभय राम यादव की बड़ी बेटी और सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन) पहले ही भगवा पार्टी में शामिल हो चुकी हैं। इसके अलावा एक सप्ताह पहले मुलायम के पोते के ससुर और सिरागंज (फिरोजाबाद) के विधायक हरिओम यादव भी भाजपा में शामिल हो गए थे। वह मैनपुरी के पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव के ससुर राम प्रकाश के भाई हैं। इससे पहले पंचायत चुनाव के दौरान मुलायम की भतीजी संध्या यादव ने मैनपुरी के वार्ड 18 (घिरौर III) से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।

भाजपा ने गोवा के 34 प्रत्याशियों की सूची जारी की, मनोहर पर्रिकर के बेटे को नहीं मिला टिकट

गोवा। गोवा विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 34 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर को टिकट नहीं मिला है। उत्पल पणजी से टिकट मांग रहे थे। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया।

उन्होंने बताया कि पणजी से मौजूदा विधायक को ही टिकट दिया गया है। उत्पल पर्रिकर को दो ऑप्शन दिए गए थे। उनमें से एक उन्होंने पहले ही मना कर दिया। दूसरी सीट को लेकर चर्चा हो रही है। उम्मीद है कि वह मान जाएंगे। पर्रिकर परिवार हमारा परिवार है।

PCC चीफ मोहन मरकाम कोरोना पॉजिटिव, मेडीसाइन अस्पताल में भर्ती

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 5625 नए मरीज मिले हैं। राजधानी रायपुर में 1547 नए केस मिले हैं। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम करोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

बता दें कि पीसीसी चीफ मोहन मरकाम सर्दी-खांसी से पीड़ित थे, जिसके बाद उन्होंने टेस्ट करवाया, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है।

रिपोर्ट आने के बाद मारकाम रायपुर के मेडीसाइन अस्पताल में भर्ती हो गए हैं। पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने संपर्क में आए लोगों से कोरोना जांच कराने की अपील की है।

प्रदेश में लगातार पिछले 24 घंटे में 9 लोगों की मौत हुई है, जिसमें दुर्ग में सबसे ज्यादा 3 मौतें हुई है।इधर कोरबा में कोरोना से 2 और लोगों की मौत हो गई है। 58 साल के शख्स और एक 48 साल के अधेड़ की मौत हुई है।

ब्रेकिंग: अब एक्स-रे से पता चलेगा कोरोना है या नहीं, वैज्ञानिकों ने कहा- मिले 98 फीसदी तक सटीक नतीजा

स्कॉटलैंड। स्कॉटलैंड में वैज्ञानिकों के एक समूह ने कोरोना महामारी को लेकर नया प्रयोग किया है। इसके तहत अब एक्स-रे(X-rays) का उपयोग करके पता लगाया जा सकेगा की मरीज को कोरोना है या नहीं।

यहां तक कि वैज्ञानिकों ने इसे 98 फीसदी तक सटीक माना है। परीक्षण किसी व्यक्ति के अंदर वायरस की उपस्थिति का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करता है।

5 से 10 मिनट के अंदर दे देता है परिणाम

शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि यह आरटी-पीसीआर(RT-PCR) परीक्षण से तेज होगा और इसका परिणाम 5 से 10 मिनट के अंदर आ जाएगा। बता दें कि आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट आने में एक घंटा से भी अधिक लग जाता है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय से एक त्वरित और विश्वसनीय उपकरण की आवश्यकता थी जो कि कोविड -19 का पता लगा सके। इतना ही नहीं एक्स-रे के माध्यम से ओमिक्रॉन वैरिएंट का भी जल्द से जल्द पता लग जाएगा।

कैसे काम करती है नई तकनीक

यूडब्ल्यूएस के शोधकर्ताओं के अनुसार नई तकनीक स्कैन की तुलना में 3,000 से अधिक छवियों के डाटाबेस के लिए एक्स-रे तकनीक का उपयोग करती है, जो कोरोना के रोगियों, स्वस्थ व्यक्तियों और वायरल निमोनिया से संबंधित हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रक्रिया का उपयोग

इस तकनीक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रक्रिया की मदद ली जाती है जो कि दृश्य आंकलन का विश्लेषण करने और निदान करने के लिए एक एल्गोरिथ्म का उपयोग करता है। यूडब्ल्यूएस के वैज्ञानिकों ने कहा कि एक व्यापक परीक्षण चरण के दौरान, तकनीक 98 फीसदी से अधिक सटीक साबित हुई।

नई तकनीक साबित हो सकती है जीवन रक्षक

प्रोफेसर रमजान ने कहा कि कई देश सीमित निदान उपकरणों के कारण बड़ी संख्या में कोविड परीक्षण करने में असमर्थ हैं। लेकिन हमारे इस शोध के माध्यम से वायरस का शीघ्रता से पता लगाया जा सकता है।

प्रोफेसर ने कहा कि वायरस के गंभीर मामलों का निदान करते समय यह महत्वपूर्ण और संभावित रूप से जीवन रक्षक साबित हो सकता है, यह निर्धारित करने में मदद करता है कि किस उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि संक्रमण के शुरुआती चरणों के दौरान एक्स-रे में कोविड-19 लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं, इसलिए यह पीसीआर परीक्षणों को पूरी तरह से बदल नहीं सकता

है।