Home Blog Page 2825

भिलाई स्टील प्लांट में हादसा, लिफ्ट से गिरकर इंजीनियर की मौत

भिलाई। छत्तीसगढ़ के (Accident at Bhilai Steel Plant) भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) में शनिवार को हुए हादसे में इंस्ट्रूमेंटेशन (ऑपरेशन) विभाग में कार्यरत टेक्नोकेयर इंजीनियर रोशन कुमा’ की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर को भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) में मशीन-1 की लिफ्ट के पास दुर्घटना हुई, जिसमें ग्राम खोपली, उतई निवासी रोशन कुमार की ऊंचाई से गिरकर मौत गई है। सूचना पर मौके पर पहुंची भट्टी पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

शिरडी साईं के दरबार में लोगों ने चढ़ाए इतने करोड़ के पुराने नोट, जानिए इनकी कीमत

शिरडी। नोटबंदी (demonetisation) को पांच साल से ज्यादा का समय बीतते के बाद भी शिरडी (Shirdi Sai) का साईं संस्थान इन दिनों एक अनूठी परेशानी से जूझ रहा है। दरअसल साईं संस्थान के दान की हुंडियों (donation box) में पुराने नोटों के आने का सिलसिला जारी है। लगातार बढ़ती संख्या के कारण साईं संस्थान की मुश्किल बढ़ती जा रही है।

बता दें कि साईं संस्थान (Sai Institute) ने इसके लिए केंद्र स्तर पर कई बार प्रयास किए हैं, लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। खास यह है कि (Shirdi Sai) पुराने नोट को अपने पास रखना और उसका इस्तेमाल करना कानूनी रूप से जुर्म बन चुका है। यही वजह है कि साईं संस्थान लगातार इस बात से परेशान है कि इतने ज्यादा पुराने नोटों का क्या किया जाए।

0.पुराने नोटों के डोनेशन बॉक्स में डालने का चलन बढ़ा

संस्थान प्रबंधन (Sai Institute) का कहना है, जो भक्त हुंडियों में जो दान (donation box) डालते हैं, उसकी गिनती सप्ताह में एक बार की जाती है। जब से नोटबंदी (demonetisation) हुई है तब से हमारे डोनेशन बॉक्स में पुराने नोटों को डालने का चलन बढ़ गया है। हम वैसे नोटों को जमा कर साइड में रख रहे हैं। इसको लेकर हम लगातार केंद्रीय वित्त मंत्रालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय और RBI से लगातार संपर्क में हैं।

सीजी ब्रेकिंग: शराब के नशे में बार के अंदर घुसा दी कार, पढ़ें पूरी खबर

भिलाई। शराब के नशे में एक कार चालक ने बार में ही कार घुसा दी। जब तेज आवाज से बार का कांच टूटकर बिखरा तो वहां अफरा तफरी मच गई। मामला दुर्ग जिले के नेवई पुलिस थाना क्षेत्र का है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची नेवई पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नेवई टीआई भारती मरकाम ने बताया कि घटना रिसाली क्षेत्र स्थित ब्लू हैवन बार की है। इस बार के बगल से ही शराब की दुकान है। यहां कुछ लोग देर रात कार सीजी 04 जेडएम 7777 से पहुंचे। उन्होंने शराब दुकान से शराब खरीदी और बार के बगल से ही बैठकर शराब पिया।

शराब के नशे वह लोग इतना धुत्त हो गए कि जब कार स्टार्ट किया और रिवर्स लेने लगा तो ड्राइवर काफी तेज रेस ले रहा था। देखते ही देखते उसने इतनी रफ्तार में रिवर्स लिया कि उसकी कार तीन बाइक से टकराते हुए बार के सामने के ग्लास को तड़ते हुए दीवार से टकरा गई। इससे बार के सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय बार के भीतर बैठे लोगों में हड़कंप मच गया।

बार संचालक ने नहीं जाने दी कार

नेवई पुलिस के मुताबिक दुर्घटना के बाद बार संचालक रामवृक्ष यादव और कार पर बैठे युवकों से बहस होने लगी। बाद में मामला समझौते तक पहुंचा। इस पर बार संचालक ने युवकों की कार को बार में ही खड़ा करा लिया। उधर नेवई टीआई का कहना है कि उन्होंने बार संचालक से शिकायत देने को कहा है। इसके बाद मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

KORBA: सीतामणी रेत घाट से खनन शुरू… लेकिन रेत अभी भी महंगा…

कोरबा। शहर में चल रहे रेत की किल्लत दूर करने सीतामणी रेत घाट से खनन तो शुरू कर दिया गया है, पर रेत अभी भी आम लोगो की पहुंच से दूर है।

बता दें कि सीतामणी रेत घाट के संचालन की अनुमति को लेकर हक रही लेट लतीफी से कई तरह की चर्चाएं आम हो रही थी। प्रशसान पर लगातार बढ़ रहे दबाव से आखिरकार रेत घाट संचालन की अनुमति दे दी गई है। हालांकि इसके बाद भी रेत घाट ठेकेदार की मनमानी से जरूरतमंद लोगों को उचित दाम पर रेत नही मिल पायेगा। जानकारी के मुताबिक रेत की लोडिंग कर 500रुपये पर ट्रैक्टर में रेत बेचने की अनुमति है लेकिन घाट संचालक प्रति ट्रैक्टर रेत रॉयल्टी के साथ 1 हजार रुपये में बेंच रहा है। अब जब घाट से महंगे दाम पर रेत निकासी होगा तो स्वाभाविक है ट्रैक्टर संचालक भी लाभ कमाकर ऊंचे दाम पर रेत बेचेंगे कुल मिलाकर वही ढांक के तीन पात वाली कहानी शुरू हो गई। यानी जो रेत जिस रेट पर अवैध उत्खनन में बिक रही थी वही दाम पर पब्लिक को मिलेगी।

कलेक्टर की विशेष पहल… MNRGA से बनेगा 113 आंगनबाड़ी भवन…

कोरबा । महात्मा गाँधी राष्टीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम एवं महिला बाल विकास के अभिसरण से जिले की विभिन्न दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में महिला स्वास्थ्य एवं नौनिहाल बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए 113 आकर्षक पक्के आंगनवाडी भवन बनाये जायेंगे।
श्रीमती रानू साहू,कलेक्टर कोरबा द्वारा जिले में ग्रामीण महिलाओं के विकास के लिए सतत प्रयास किये जा रहे है .उनके द्वारा 04 फरवरी 2022 को मनरेगा के तहत 113 आंगनवाड़ी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी है जो कि ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के पोषण,स्वास्थ्य,शिक्षा की दिशा में प्रभावी कदम हैं .
श्री नूतन कुमार,मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा ने सभी जनपद पंचायतो को निर्देशित किया है कि आंगनवाड़ी भवन निर्माण के कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से निश्चित समय सीमा में पूर्ण किये जायें।महात्मा गाँधी नरेगा एवं महिला बाल विकास विभाग के तालमेल से बनाये जाने वाले एक आंगनवाड़ी भवन की निर्माण लागत 6.45 लाख रूपये निर्धारित की गयी है ,जिसमे मनरेगा से 4.30 लाख रूपये निर्माण सामाग्री,70 हजार रूपये मजदूरी के लिए तथा महिला बाल विकास विभाग से 1.45 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है. जनपद पंचायत कोरबा में 35,करतला में 17,कटघोरा में 20 एवं जनपद पंचायत पाली में 41 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किये गये हैं .इनकी निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत हैं. आंगनवाड़ी भवन में बच्चों को सीखने,पढने के लिए एक पक्का हाल,रसोईघर,बाल अनुकूल शौचालय,खेलने के लिए मैदान आदि शामिल हैं.गौरतलब है कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के अधिकांश बच्चे ऐसे घरों से होते हैं,जहाँ ख़राब अवसरंचना होती है तथा साफ़ सफाई का भी अभाव होता है .ये परिस्थितियां उनके शारीरिक,सामाजिक और मानसिक विकास को बाधित करती हैं .चूँकि समान अवसर हर बच्चे का अधिकार है ,अतःघर में विद्यमान कमियों को दूर करने के लिए आंगनवाड़ी में समुचित और पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाती हैं।

पत्नी बोली- फोटोशूट कराओ… इस ‘सस्ती जगह’ लेकर गया IRS अफसर!

न्यूज डेस्क। शादी करने जा रहे कपल वेडिंग फोटोशूट (Wedding Photoshoot) के लिए अपने मनमुताबिक लोकेशन चुनते हैं. कोई शानदार लोकेशन पर शूट करवाना चाहता है तो कोई अपने बजट के हिसाब से डेस्टिनेशन का चुनाव करता है. इस बीच एक आईआरएस अधिकारी (IRS Officer) ने पोस्ट-वेडिंग शूट के लिए ‘बजट फ़्रेंडली’ (Budget Friendly) लोकेशन का चुनाव किया.

इस आईआरएस अधिकारी का नाम विकास प्रकाश सिंह (Vikas Prakash Singh, IRS) है. विकास प्रकाश सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. उन्होंने हाल ही में पोस्ट-वेडिंग शूट को लेकर एक ट्वीट किया है, जिसपर यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं.

क्या है IRS के ट्वीट में?

https://twitter.com/VikasPrkshSingh/status/1489597723494195203/photo/1?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1489597723494195203%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fd-36343967932026970415.ampproject.net%2F2201212122003%2Fframe.html

विकास प्रकाश सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा- ‘पत्नी Post Wedding Shoot चाहती थी और मुझे बजट फ़्रेंडली विकल्प मिल गया.’ दरअसल, IRS अधिकारी पोस्ट-वेडिंग शूट के लिए गेटवे ऑफ इंडिया पर गए थे.
वहां फोटो खींच रहे एक फोटोग्राफर को इंगित करते हुए उन्होंने आगे लिखा- ‘कृपया जब भी आप Gateway Of India पर जाएं तो इन लोगों की सेवाएं लें, 30 रु. प्रति फोटो कोई ज्यादा महंगा नहीं है.’

यूजर्स ने किया रिएक्ट

IRS विकास प्रकाश के इस ट्वीट पर तमाम यूजर्स ने रिएक्ट किया है. एक यूजर (@caraeesraza) ने लिखा- ‘सर, आप लकी हो जो इस बजट में भी मैम के चेहरे पर मुस्कुराहट है.’ इसके जवाब में विकास प्रकाश कहते हैं- ‘जब हवाई चप्पल में सड़क पर घूमता था तब भी इनके चेहरे पर ऐसी ही स्माइल रहती थी.’

कर्नाटक में हिजाब विवाद पर अब राहुल गांधी ने कहा- ‘हम भारत की बेटियों का भविष्य लूट रहे हैं’

दिल्ली। कर्नाटक में हुए हिजाब विवाद पर अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी बयान सामने आया है। राहुल गांधी का कहना है कि छात्रों के हिजाब को उनकी शिक्षा में आड़े आने देकर हम भारत की बेटियों का भविष्य लूट रहे हैं। मां सरस्वती सभी को ज्ञान देती हैं। वह किसी में फर्क नहीं करती हैं।

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक के कुछ कॉलेजों में हिजाब को लेकर विवाद मचा हुआ है। जिसमें छात्रों को हिजाब न पहन कर आने लिए कहा गया है।  ऐसे कई मामले राज्य से सामने आ चुके हैं, मुस्लिम महिलाओं को कॉलेजों में हिजाब पहनकर आने पर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

सीजी ब्रेकिंग: ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे रायपुर, राहुल गांधी के बयान पर कही ये बड़ी बात…

रायपुर। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रायपुर पहुंच चुके है। उड्डयन मंत्री का एयरपोर्ट पर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के दो भारत वाले बयान पर पर पलटवार किया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा-राहुल गांधी जो कह रहे हैं दो देश में बांटा गया है ऐसा बयान कोई भारत का नागरिक नहीं दे सकता। मेरा देश भारत है ,मेरा देश एक है मेरा देश एक परिवार है, भाई भाई की संस्कृति मेरे देश में है। शायद राहुल गांधी का संदर्भ 2014 के पहले के भारत को लेकर है।

सिंधिया ने कहा, जहां प्रगति नहीं होती थी, विकास नहीं होता था भ्रष्टाचार का बोलबाला था। मोदी जी के पहले दूसरी परिस्थिति थी। मोदी जी के बाद दूसरा देश दिखा है जहां भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है विकास के द्वार खोले गए हैं अंत्योदय के आधार पर केवल अपना हक नहीं बल्कि विकास के नए आयाम दिया गया है।

बता दें कि उड्डयन मंत्री भाजपा की ओर से आयोजित एक बजट केंद्रित संगोष्ठी में अपनी बात रखेंगे। वहीं प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों से चर्चा भी करेंगे।

CIL की बेरूखी से छत्तीसगढ़ में सीपीपी आधारित उद्योग बंद होने के कगार पर…

कोरबा।छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित सीपीपी आधारित उद्योग कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की बेरूखी से कभी भी बंद हो सकते हैं। ऐसा तब हो रहा है जबकि छत्तीसगढ़ में कोयले का भंडार लगभग 56 बिलियन टन है जो कि कुल कोयला भंडार का तकरीबन 18 फीसदी है। सीआईएल की अनुषंगी कंपनी साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) गंभीर अनियमितताओं और लचर प्रबंधन के कारण पहले ही उत्पादन लक्ष्य से बेहद पीछे है और इसने अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए छत्तीसगढ़ के नॉन पावर सेक्टर को मिलने वाले कोयले में भारी कटौती कर दी है।

एसईसीएल ने 1 फरवरी, 2022 को एक परिपत्र जारी किया है जिसके अनुसार वह छत्तीसगढ़ में सीपीपी आधारित उद्योगों के उपभोक्ताओं को मंथली शेड्यूल्ड क्वांटिटी (एमएसक्यू) के मात्र 75 फीसदी कोयले का ऑर्डर बुक करने की सुविधा देगा। जानकार बताते हैं कि एसईसीएल का यह कदम नॉन पावर सेक्टर के लिए बड़ा छलावा है। कागजों पर यह दिखाई तो दे रहा है कि एसईसीएल ने नॉन पावर सेक्टर को कोयला देने से मना नहीं किया परंतु जमीनी सच्चाई यह है कि अघोषित रूप से नॉन पावर सेक्टर के कोटे में भरी कमी कर दी गई है।

एमएसक्यू का गणित यह है कि उपभोक्ता एसईसीएल के साथ प्रति वर्ष एक निश्चित मात्रा में कोयला लेने का अनुबंध करते हैं। एक वर्ष के कोयले की जिस मात्रा का अनुबंध होता है उसे तकनीकी शब्दावली में एन्यूअल क्वांटीटी (एक्यू) कहा जाता है। प्रतिमाह कोयले का हिसाब निकालने के लिए एक्यू में से 12 का भाग दिया जाता है। इस प्रकार जो मात्रा निकलती है उसे ही एमएसक्यू कहा जाता है। एसईसीएल ने सोची समझ रणनीति के तहत परिपत्र निकालकर उपभोक्ताओं को यह कह दिया है कि एमएसक्यू का 75 फीसदी कोयला बुक किया जा सकेगा परंतु कोयले की आपूर्ति इसकी उपलब्धता के अनुपात में तय होगी। इस प्रकार शेष 25 फीसदी कोयले की आपूर्ति का एसईसीएल का दायित्व स्वतः समाप्त हो जाएगा।

यह भी कि एसईसीएल भले ही एमएसक्यू का 75 फीसदी कोयला देने की बात कहे पर यह भी उतना ही सच है कि उपभोक्ताओं को 75 फीसदी कोयला भी नहीं मिल पाता। सीपीपी आधारित उद्योगों के लिए एसईसीएल की यह अड़ंगेबाजी इसलिए है क्योंकि उसके पास पर्याप्त उत्पादन नहीं है। उत्पादन के जो आंकड़े कागजों में पेश किए जा रहे हैं, वह भी हवा-हवाई हैं। ऐसे में नॉन पावर सेक्टर के उद्योग एसईसीएल की षड्यंत्रकारी नीतियों के आसान लक्ष्य बन जाते हैं।

अच्छी बात यह है कि इस बड़े संकट की ओर राज्य की मीडिया ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जन प्रतिनिधियों और नागरिकों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन एसोसिएशन ने इस पर 3 फरवरी, 2022 को मीडिया में बाकायदा एक बयान जारी कर बताया है कि ट्रिगर लेवल तक कोयला ले चुके नॉन पावर सेक्टर के उद्योगों को एसईसीएल शेष कोयला नहीं देगा। इस मनमाने आदेश से छत्तीसगढ़ राज्य में स्टील, सीमेंट, एल्यूमिनियम और पेपर इंडस्ट्री सहित अनेक सीपीपी आधारित उद्योगों की सेहत और भी ज्यादा बिगड़ जाएगी।

स्पंज आयरन एसोसिएशन ने यह स्पष्ट मांग की है कि राज्य के संसाधनों पर पहला अधिकार स्थानीय उद्योगों का है। ऐसे में उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर कोयला मिलना चाहिए। एसोसिएशन ने एसईसीएल की कार्यशैली के साथ कोल माफिया की संदिग्ध भूमिका की ओर भी ध्यान दिलाया है। यह कहा गया है कि सीपीपी आधारित उद्योगों के हितों के विपरीत काम किया जा रहा है। यदि उद्योग बंद हुए तो बेरोजगारी बढ़ेगी जिससे प्रदेश को राजस्व का नुकसान होगा।

बताते चलें कि छत्तीसगढ़ राज्य के 250 से अधिक कैप्टिव विद्युत संयंत्रों पर आधारित उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए प्रति वर्ष 32 मिलियन टन कोयले की आवश्यकता है जो कि एसईसीएल के उत्पादन का मात्र 19 प्रतिशत है। इन उद्योगों ने लगभग 4000 मेगावॉट के कैप्टिव पावर प्लांट स्थापित किए हैं जिनके लिए हर दिन लगभग 2 लाख टन कोयले की जरूरत है लेकिन अपने उत्पादन लक्ष्य से काफी पिछड़ चुकी कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एसईसीएल की स्थिति यह है कि उसने नॉन पावर सेक्टर को प्रतिदिन मात्र 50 हजार टन कोयले की आपूर्ति करने की रणनीति बनाई है।

28 जनवरी, 2022 को राज्य के नॉन पावर सेक्टर के लिए अचानक ही रोड सेल बंद करने की एसईसीएल की मनमानी के खिलाफ माहौल बनना शुरू हो गया था। अनेक उपभोक्ताओं के जरिए यह जानकारी आई थी कि उनके ट्रकों को 28 जनवरी की शाम से ही खदान में प्रवेश से रोक दिया गया। बाद में जब मीडिया ने एसईसीएल से संपर्क किया तब एसईसीएल ने अपने अधिकारिक बयान में यह कहा कि उसकी ओर से नॉन पावर सेक्टर को रोड सेल के जरिए आपूर्ति बंद नहीं की गई है। बयान में यह भी बताया गया कि पावर सेक्टर के अनेक संयंत्रों की स्थिति को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर उन्हें कोयले की आपूर्ति का निर्णय लिया गया है। एसईसीएल ने अपने बयान में कहीं भी यह स्पष्ट नहीं किया कि उसके द्वारा नॉन पावर सेक्टर को कितनी मात्रा की आपूर्ति की जानी है। जबकि सूत्र बताते हैं कि छत्तीसगढ़ के उद्योगों के हिस्से में आने वाले प्रतिदिन लगभग डेढ लाख टन कोयले से उन्हें वंचित करने की तैयारी कर ली गई है। ऐसा कब तक चलेगा इस संबंध में कोई स्पष्टता नहीं है। ऐसे में जाहिर है कि अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ के नॉन पावर सेक्टर के हालात बदतर ही होंगे।

एसईसीएल का वार्षिक उत्पादन लक्ष्य 165 मिलियन टन है और देश के कुल कोयला उत्पादन का 25 प्रतिशत राज्य में उत्पादन किया जाता है। एसईसीएल के सामने चौथी तिमाही में 15 जनवरी से 31 मार्च, 2022 के दौरान 75 दिनों में 75 मिलियन टन का उत्पादन लक्ष्य पाने की बड़ी चुनौती है। वर्तमान में एसईसीएल प्रतिदिन लगभग 4 लाख टन कोयला निकाल पा रहा है। इस गति से एसईसीएल इस वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में 35-37 मिलियन टन के आंकड़े तक सिमट जाएगा। ऐसे में कोल इंडिया ने राज्य के संयंत्रों की जरूरतों पर कैंची चला दी है और राज्य का कोयला दूसरे राज्यों में भेजने का फैसला कर लिया है।

प्रदेश के सीपीपी आधारित उद्योगों की समस्याओं पर छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार को पुख्ता तौर संज्ञान लेना होगा अन्यथा इस बात की आशंका है कि एसईसीएल का गैर जिम्मेदाराना रवैया छत्तीसगढ़ के हजारों कागमारों के हितों पर विपरीत असर डालने वाला साबित होगा। छत्तीसगढ़ में आज जरूरत इस बात की है कि राज्य के सीपीपी आधारित उद्योगों को उनके हक का पूरा कोयला मिले। राज्य से बाहर भेजे जा रहे कोयले पर तत्काल रोक लगाई जाए।

बिग ब्रेकिंग: कश्मीर से लेकर नोएडा तक भूकंप के झटके, 5.7 की तीव्रता से हिली धरती

नई दिल्ली। कश्मीर, नोएडा और अन्य इलाकों में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.7 मापी गई। आज सुबह 9:45 बजे आए भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में रहा।

नोएडा के कुछ लोगों ने ट्वीट किया कि कम से कम 20 सेकेंड तक जमीन हिलती रही। दिल्ली में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस करने की बात कही है। एक शख्स ने बताया, “मुझे लगा कि मेरा सिर घूम रहा है। जब मैंने पंखे की तरफ देखा तो वह अचानक हिल रहा था। मैंने महसूस किया कि यह भूकंप है। नोएडा में लगभग 25-30 सेकंड के लिए जोरदार झटके महसूस किए गए।”

गुजरात के कच्छ जिले में शुक्रवार सुबह 3.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके कारण किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। भूकंप का केंद्र रापड़ गांव में था।