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ये क्या हवा चली और उड़ गई Shilpa Shetty की ड्रेस, लोग बोले-‘जानबूझ के…

मुंबई। Shilpa Shetty Oops Moment: बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) अक्सर किसी न किसी वजह से सुर्ख़ियों में ज़रूर रहती हैं। अपने हुस्न और अपनी अदाओं से लोगों को मदहोश करने वाली शिल्पा शेट्टी इन दिनों ‘इंडिया गॉट टैलेंट’ में जज की भूमिका निभाती हुईं नज़र आ रही हैं।

शिल्पा फैशन और स्टाइल के मामले में भी बहुत आगे रहती हैं मगर कभी कभार उन्हें अपने ड्रेस की वजह से परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। इस बार शिल्पा (Shilpa Shetty Viral Video) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिसमें वो ऊप्स मोमेंट (Shilpa Shetty Oops Moment) का शिकार होते बाल-बाल बचती हुई नज़र आ रही हैं।

दरअसल इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में शिल्पा पपराजी को पोज़ देती हुईं दिख रही हैं। वीडियो में आप देख सकते हैं कि शिल्पा को हवा के झोंके ने परेशान कर दिया है। वीडियो में शिल्पा वन पीस ड्रेस और चश्मे में दिखाई दे रही हैं।

जैसे ही शिल्पा कैमरे के सामने पोज़ देने जाती हैं हवा से उनकी ड्रेस ऊपर उड़ने लगती है। एक बार नहीं कई दफा शिल्पा अपने ड्रेस को संभालती हुईं नज़र आती हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल हो रहा है लोग इस वजह से एक्ट्रेस को ट्रोल भी कर रहे हैं।

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फ्री फायर गेम की लगी ऐसी लत कि बच्चे ने घर में कर ली चोरी, पढ़ें पूरी खबर

छतरपुर। फ्री फायर गेम free fire game की लत के चलते दो बच्चों ने अपने ही घर में चोरियां कर लीं। इनमें से एक बच्चे ने अपनी मां का सोने का हार और पिता की गोल्ड चेन चुरा ली थी। उसका इन गहनों को बेचने का प्लान था। हालांकि इससे पहले ही उसकी चोरी पकड़ी गई। इन नाबालिगों की उम्र 16 और 12 साल है।

मामला मध्यप्रदेश के छतरपुर का है जहां मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए इन दोनों ने अपने ही घर से 20 हजार रुपए भी पार कर लिए थे। परिजनों को जब तक पता चला, तब तक वे मोबाइल में 14 हजार का रिचार्ज करा चुके थे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शहर में बुंदेलखंड गैरेज के पीछे रहने वाले दोनों बच्चे पड़ोसी हैं। दोनों में दोस्ती भी है। कोरोना काल के दौरान दोनों साथ में ऑनलाइन क्लास online class अटैंड करते थे। क्लास के लिए मिले मोबाइल पर इस दौरान दोनों फ्री फायर गेम खेलना सीख गए। दोनों को ऑनलाइन गेम online games की ऐसी लत लगी कि रिचार्ज कराने के लिए अपने-अपने घरों से उन्होंने रुपए चुराने शुरू कर दिए।

घर में लगातार हुई चोरियों के बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद हुई जांच में बच्चों की करतूत का खुलासा हुआ। रिकॉर्डिंग से पता चला कि रुपए उनके बच्चे ही चोरी कर रहे हैं। 12 साल के लड़के ने सितंबर 2021 में अपने घर से मां का 4 तोले का सोने का हार और पापा की चेन चुराई थी। दोनों अपने-अपने घरों से अब तक 20 हजार रुपए भी चुरा चुके थे।

गेम में हथियार अपडेट करने के लिए लगते हैं रुपए

फ्री फायर गेम में 10 मिनट का युद्ध होता है। यूजर्स को नए-नए हथियार खरीदने का मौका मिलता है। फ्री फायर को दोस्तों के साथ मिलकर खेला जा सकता है। टीम के साथ खेलना यूजर्स को काफी पसंद आता है। गेम खेलने और गेम के लेवल को अपग्रेड करने के लिए पैसे देने पड़ते हैं।

सीजी ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की अधिसूचना जारी,इस तारीख से होगा शुरु

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधान सभा के बजट सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है। सत्र 7 मार्च स 25 मार्च तक होगा। इस दौरान सदन की 13 बैठकें होंगी।

KORBA : चैन माउंटेन मशीन से किया जा रहा अवैध रेत खनन… खनिज विभाग के पहुंचने के पहले ही भागा तस्कर…

कोरबा। बरपाली के समीप रेत माफिया फिर सक्रीय हो गए है।मंगलवार को बरपाली के समीप चैन माउंटेन मशीन लगाकर रेत उत्खनन किया जा रहा था। इसकी सुचना खनिज विभाग को मिलते ही

के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे तो खनिज तस्कर फरार हो चूका था। बहरहाल प्रशासन की चौकसी के बाद रेत माफ़िया आँखों से काजल चुराने सफल हो रहे है।

बता दें कि भले ही अवैध रेत उत्खनन बंद होने का विभाग ढिंढोरा पीट रहा हो ,पर असल में अब भी नदियों का सीना छल्ली कर माफिया रेत निकाल रहे है। रात के अँधेरे को तो छोड़ दीजिये दिन के उजाले में रेत उत्खनन कर प्रशासन को चैलेन्ज किया जा रहा है। सूत्रों जानकारी के मुताबिक मंगलवार की शाम को बरपाली के समीप फोर लेंन सड़क निर्माण करने वाली गाबर कम्पनी के नुमाइंदे रेत उत्खनन करने चैन माउंटेन मशीन को नदी में उतार दिया और हाइवा से रेत निकलना शुरू कर दिया। मामले की जानकारी ग्रामीणों को लगते ही इसकी सुचना विडिओ के साथ खनिज विभाग को दी। रेत उत्खनन का विडिओ देखते ही खनिज विभाग हरकत में तो आया पर उड़नदस्ता टीम के पहुंचने से पहले ही खनिज माफिया नदी से गाड़ी निकाल मौके से फरार हो गया। बहरहाल जिस कदर एक के बाद एक कार्रवाई हुई है उससे छोटे रेत चोर तो शांत पर बड़े खिलाडी अभी भी नदी से रेत निकाल रहे है।

लगातार की जा रही कार्रवाई

जिला प्रशासन आम लोगों को रियायती दरों पर रेत सुलभरूप से उपलब्ध हो सके, इस लिहाज से रेत चोरो पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। नदी-नालो में बेतरतीब खुदाई करते खनिज संपदा का दोहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। प्रशासन यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि वैध रेट घाटों में भी पूरी पारदर्शिता के साथ ही रेत की बिक्री की जावे और ऐसा न करने वालों पर निरंतर कार्रवाई भी की जा रही है।

 

देंखे वीडियो…

 

 

कार में घूम-घूम कर खिला रहा  क्रिकेट सट्टा, इतने लाख नगदी बरामद

बिलासपुर। सिरगिट्टी पुलिस ने एक सटोरिए को 5 लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया है, जो कार में घूम घूम कर पीएसएल 20-20 क्रिकेट मैच में मोबाइल के जरिए लोगों को सट्टा खिला रहा था।

एसएसपी पारुल माथुर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि एक आरोपी कार में घूम-घूम कर मोबाइल फोन के जरिए लोगों को सट्टा खिला रहा है। सिरगिट्टी पुलिस ने गुंबर पेट्रोल पंप के पास रायपुर रोड में नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान एक सफेद रंग की  आई10 कार तेज गति से गुंबर चौक से तिफरा की तरफ भागने लगी। थाने के पेट्रोलिंग वाहन से पीछा कर उसे रोका गया तथा कार चालक युवक से पूछताछ की गई। उसने अपना नाम करण पंजवानी (21 वर्ष) और साईं मंदिर के पास तोरवा का रहने वाला बताया।

पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो मोबाइल पर सट्टा लगाने का हिसाब मिला। सट्टे की रकम 5 लाख 3 हजार 270 रुपए भी उससे बरामद किया गया। उसके विरुद्ध धारा 4 (1) जुआ एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तारी की गई। नगद रकम, मोबाइल और घटना में इस्तेमाल की गई कार को जब्त कर युवक पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

Chhattisgarh : पांच कार्य दिवस प्रति सप्ताह प्रणाली लागू, अधिसूचना जारी

रायपुर। Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में पांच कार्य दिवस प्रति सप्ताह प्रणाली लागू, इसके लिए शासन से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर शासकीय कर्मचारियों की कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए पांच कार्य दिवस प्रति सप्ताह प्रणाली प्रारंभ करने की घोषणा की थी। इसी तारतम्य में आज सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा शासकीय कर्मचारियों (Chhattisgarh) की कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से माह के द्वितीय एवं तृतीय शनिवार की भांति सभी शनिवार को अवकाश घोषित किया जाता है।

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अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि राज्य के मंत्रालय एवं विभागाध्यक्ष कार्यालयों तथा समस्त मैदानी कार्यालयों हेतु कार्यावधि सुबह 10 बजे से सायं 5.30 तक निर्धारित की जाती है।

कार्यालयीन (Chhattisgarh) अवधि में भोजन अवकाश पूर्व की भांति रहेगा। यह आदेश अधिसूचना जारी होने के दिनांक से प्रभावशील होगा।

‘न सिद्धू न चन्नी’, जाखड़ बोले- दोनों नहीं थे CM के लिए विधायकों की पसंद, मेरे नाम पर थी सहमति

अबोहर: पंजाब विधानसभा (Punjab Election 2022) के बीच कांग्रेस (Congress) पार्टी में अंदरखाने मचा घमासान खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. बीते साल 2021 में कई राउंड की खींचतान में चले लंबे संघर्ष के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह की विदाई हुई और फिर चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) को नया मुख्यमंत्री बना दिया गया था. इस बीच पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए दावा किया है कि कैप्टन के जाने के बाद नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए हुई बैठक में चन्नी को महज 2 विधायकों का समर्थन मिला था. जबकि उन्हें सबसे ज्यादा वोट मिले थे.

‘आप’ की तरह CM कैंडिडेट चुनेगी कांग्रेस?
सुनील जाखड़ का ये वीडियो ऐसे समय आया, जब पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब में कांग्रेस का सीएम चेहरा बनने के लिए आमने सामने हैं और कांग्रेस सीएम चेहरे के लिए सर्वे कर रही है.

लगातार दूसरी बार सत्ता पर काबिज होने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस के लिए सुनील जाखड़ का बयान नई मुसीबत लाने के साथ अंदरुनी लड़ाई को और बढ़ा सकता है. दरअसल कांग्रेस की कैंपेन कमेटी के चेयरमैन और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जाखड़ ने मंगलवार को चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा था कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया तब उन्हें CM पद के लिए 42 विधायकों का समर्थन मिला था.

सिद्धू को मिले थे 6 वोट: जाखड़
सुनील जाखड़ ने अबोहर में आयोजित जनसभा में कहा कि नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर हुई बैठक में 42 विधायकों ने उन्हें सीएम के रूप में वोट दिया था. जबकि नवजोत सिंह सिद्धू को महज 6 वोट मिले थे. हालांकि परनीत कौर को 12 वोट मिले जबकि सुखजिंदर रंधावा के पक्ष में 16 विधायकों का समर्थन हासिल था.

चुनाव प्रचार के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए सुनील जाखड़ ने कहा, ‘मुझे इस बात को कोई दुख नहीं है. जो होता है सही होता है. मुझे कोई दुख नहीं है. मुख्यमंत्री के लिए 40 नहीं बल्कि 42 विधायकों ने मेरे समर्थन में वोट किया था. यानी आपके सुनील जाखड़ को कुल 42 वोट मिले थे.’

महिला पुलिस अफसर ने अजीबोगरीब फैंटेसी के चक्कर में किया अपराध, फिर मिली ऐसी सजा

न्यूज डेस्क। दुनिया में लोगों को कभी-कभी अजीबोगरीब शौक के चलते नुकसान भी उठाना पड़ता है। मामला अमेरिका के कोलोराडो से है, जहां एक महिला पुलिस अफसर को अजीबोगरीब फैंटेसी के चक्कर में अच्छी-खासी नौकरी गंवानी पड़ गई। दरअसल, यह महिला पुलिस अफसर पेशे में रहते हुए एक एडल्ट साइट पर चोरी-छिपे अपनी अश्लील तस्वीरें साझा कर रही थी।

अमेरिका के कोलोराडो (Colorodo) की रहने वाली 46 वर्षीय मेलिसा विलियम्स बीते 28 सालों से अमेरिकन पुलिस सर्विस में सेवाएं दे रही थी। लेकिन उन्हें अपनी यह नौकरी एक एडल्ट वेबसाइट पर सीक्रेट अकाउंट के चलते गंवानी पड़ी। कोलोराडो से सामने आया यह मामला दिलचस्प होने से कहीं ज्यादा हैरतअंगेज भी है। साल 2020 से मेलिसा अपने सीक्रेट अकाउंट के जरिए अपनी व पति के साथ अंतरंग पलों की तस्वीरें एक एडल्ट वेबसाइट पर साझा करती रहती थी।

कई सालों तक यह सिलसिला जारी रहा लेकिन मेलिसा विलियम्स (Melissa Willams) के साथी पुलिस अधिकारियों को इस मामले का पता चलते ही बवाल मच गया। फिर पुलिस महकमे ने मेलिसा से स्पष्टीकरण मांगा और कुछ दिनों बाद महिला अफसर को नौकरी से निकाल दिया गया। दरअसल, महिला पुलिस अफसर की यह हरकत पुलिस महकमे की आचार संहिता का उल्लंघन थी और गैरकानूनी भी। हालांकि, महिला अफसर के मुताबिक उसने इन तस्वीरों में कभी वर्दी का इस्तेमाल नहीं किया था।

हीं मामले में मेलिसा का कहना है कि उसके साथ पुलिस महकमे ने गलत किया है। विभागीय जांच के दौरान मेरे कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उन तस्वीरों को पूरे ऑफिस में सर्कुलेट किया और सभी के सामने मुझे शर्मिंदा किया गया था। क्योंकि वह जिस काम को कर रही थी उससे नौकरी में मिलने वाले तनाव से दूर हो जाती थी। उसे एडल्ट वेबसाइट पर अपनी तस्वीरें साझा करने पर अच्छी प्रतिक्रियाएं मिलती थी, जिससे उसकी थकान मिट जाया करती थी।

दो बच्चों की मां व 28 सालों से लगातार पुलिस को सेवा देने वाली मेलिसा विलियम्स ने कहा कि, पुलिस की नौकरी में बहुत ही खतरा होता है और भीषण मानसिक तनाव से गुजरना पड़ता है। इसीलिए वह एडल्ट वेबसाइट पर अपने सीक्रेट अकाउंट के जरिए वीडियोज व तस्वीरें साझा करती थी और वेबसाइट पर मिलने वाले रिएक्शन से खुश होकर दोगुनी ऊर्जा के साथ काम पर लौटती थी।

हालांकि, अब मेलिसा विलियम्स पुलिस की नौकरी छोड़ने के बाद एक ग्लैम मॉडल के तौर पर काम कर रही हैं और वह अच्छा पैसा अर्जित कर रही हैं। मेलिसा के मुताबिक, भले ही यह पैसे पुलिस सेवा में मिलने वाली सैलरी के अपेक्षा कम है; लेकिन उन्हें इस काम में तनाव नहीं हैं और परिवार के साथ काफी समय भी बिता रही हैं।

मंत्री का भतीजा हूं, जो उखाड़ना है… उखाड़ लो”, डीजे बजाने से रोकने पहुंचे पुलिसवालों से युवक की बदतमीजी देंखे VIDEO

न्यूज डेस्क। नेताओं के रिश्तेदारों के धौंस को तो आपने कई बार देखा होगा। ये भी सुना होगा कि चाचा हमारे विधायक हैं। पुलिस के सामने अक्सर नेताओं, मंत्रियों के रिश्तेदारों के पास धमकाने का सबसे बड़ा यही हथियार होता है। इसी तरह का एक वीडियो इस वक्त वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक खुद को मंत्री का भतीजा बताते हुए पुलिस वालों को नौकर कहता है और अपशब्द बोलता है।

“हम सरकार हैं और तुम नौकर”: ‘सरकार हमारी है और हम ही सरकार हैं। ये महेंद्र सिंह सिसोदिया का भतीजा बैठा है। आप बुलाइए, टीआई कौन है यहां। हां बुलाइए। शासन हम है, तुम नौकर हो हमारे। कह देना पंचायत मंत्री का भतीजा बैठा है यहां, जो उखाड़ना है उखाड़ लो।।’ खुद को पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया का भतीजा बताकर एक युवक ने डीजे बंद करवाने पहुंचे पुलिस वालों को कुछ इस अंदाज में धमकाया कि पुलिस वहां से लौट गई।

 

माहौल देखकर वापस लौट गये पुलिस वाले: दरअसल मध्य प्रदेश के राजगढ़ में एक शादी समारोह के दौरान देर रात तक डीजे बजता रहा। जिसे बंद कराने पहुंची पुलिस को उदयराज सिंह नाम के युवक ने धमकाया, बदतमीजी की, अपशब्द बोला और फिर खुद को पंचायत मंत्री का भतीजा बताया। धमकी या माहौल देखकर पुलिस वाले वहां से लौट तो गए लेकिन ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

होमगार्ड को यह कैसा रोजगार, 60% रोजी रोटी के लिए तरस रहे, फिर भी 2500 की नई भर्ती

न्यूज डेस्क। सरकार चाहे कोई भी हो, सत्ता से पहले नेता बेरोजगारी खत्म करने तथा लोगों को रोजगार देने का दावा करते हैं. मौजूदा सरकार भी तमाम दावे कर रही है नौकरियां देने का, लेकिन होमगार्ड की कहानी सुनोगे तो आप भी सोचोगे कि यह कैसा रोजगार है. सरकार ने आदेश जारी किए कि 70 फीसदी होमगार्ड को रोजगार मिलने तक नई भर्तियां नहीं होगी. हालात यह है कि मौजूदा 60 फीसदी होमगार्ड रोजी रोटी के लिए तरस रहे हैं. वहीं, विभाग ढाई हजार होमगार्ड की भर्ती कर रहा है. इसके उलट सवाल यह है कि नई भर्तियां हुई तो उन्हें रोजगार आखिर कैसे मिलेगा ?

प्रदेश में आपदा की स्थितियों के लिए होमगार्ड का नामांकन किया गया था ताकि जरूरत पडने पर उन्हें मदद के लिए तैनात किया जा सके. इधर नेता भी वक्त वक्त पर होमगार्ड को नियमित करने की घोषणा करते रहे हैं, जिससे बेरोजगार होमगार्ड में नौकरी तलाश रहे हैं. हालात यह है कि वर्तमान में करीब 26 हजार होमगार्ड तथा 2664 बॉर्ड होमगार्ड तैनात हैं. इनमें 26 हजार होमगार्ड में करीब 15 हजार होमगार्ड को ही रोजगार मिला हुआ है. वर्तमान कोरोना हालात को छोड़ दें तो करीब 40 प्रतिशत होमगार्ड को नियमित रोजगार नहीं मिल पा रहा है. ऐसी परिस्थितियों में होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए महंगाई के इस जमाने में घर चलाना मुश्किल हो रहा है.

दूसरी ओर होमगार्ड महकमा 2500 हजार होमगार्ड स्वयंसेवकों के नामांकन कर रहा है, जो कोढ़ में खाज का काम करेगी. इधर राजस्थान होमगार्ड संगठन नई भर्ती करने का विरोध कर रहा है. संगठन के प्रदेशाध्यक्ष झलकन सिंह राठौड़ का कहना है कि एक तरफ तो 70 प्रतिशत को रोजगार नहीं मिलने तक नई भर्ती के आदेश निकाले जा रहे हैं. वहीं, विभाग भर्तियों भी कर रहा है. केवल नफरी बढ़ाने के लिए भर्ती की जा रही है. रोजगार नहीं मिलने से होमगार्ड स्वयंसेवक परेशानियों से घिरे हुए हैं. राठौड़ ने मांग की कि सरकार इस भर्ती को तुरंत रोकें, यह बेरोजगारों से महज छलावा है.दो सरकारों में खींचतान के बाद नई भर्ती
दरअसल पिछली भाजपा सरकार में तत्कालीन गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने 2500 होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती की घोषणा की थी. बाद में आदेश के लिए फाइल विभाग पहुंची तो पता चला कि पहले पंजीकृत को ही रोजगार नहीं मिला, ऐसे में नए होमगार्ड भर्ती करने का फायदा नहीं है. इस बीच सरकार बदल गई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया. वहीं, कांग्रेस सरकार आई तो पिछले बजट में होमगार्ड मंत्री भजनलाल जाटव ने वर्ष 2019 में फिर 2500 होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती की घोषणा कर दी. भर्ती के लिए इसके लिए 16 जनवरी 2020 को चयन बोर्ड का गठन किया. विभाग नामांकन प्रक्रिया शुरू कर पाता इससे पहले ही नए चयन बोर्ड गठन का प्रस्ताव आ गया. इस पर सितंबर 2021 में संशोधित चयन कमेटी बोर्ड का गठन किया गया। फिर कोरोना का कहर आ गया, जिससे नामांकन अटक गया था और फिर से चयन प्रक्रिया जारी है.

सरकार ही नहीं चाहती या आदेश ठंडे बस्ते में
मौजूदा होमगार्ड को नियमित रोजगार के लिए पिछली भाजपा सरकार में भी आदेश निकले, वहीं वर्तमान कांग्रेस सरकार में भी आदेश निकले. इतना ही नहीं 70 फीसदी होमगार्ड को रोजगार मिलने तक नई भर्ती नहीं करने के आदेश जारी किए गए. तत्कालीन संयुक्त सचिव गृह विभाग चेतन देवड़ा ने 5 फरवरी 2017 को डीजी होमगार्ड को आदेश जारी किए थे. इसमें पंजीकृत में 70 प्रतिशत स्वयंसेवकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं की जाए तब तक नई भर्ती प्रक्रिया नहीं की जाए.