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भतीजी ने फूफा पर लगाया आरोप ….तो आईजी हुए भावुक , कहा आपको मिलेगा न्याय…

बिलासपुर। सूबे के मुखिया के निर्देश पर चल रहे पुलिस विभाग के जनदर्शन का लाभ अब लोगो को मिलने लगा है। मंगलवार को जब बिलासपुर रेंज के आईजी रतन लाल डांगी जनदर्शन में फरियादियो की फरियाद सुन रहे थे तो एक ऐसा मामला सामने आया जिसमे खुद भावुक हो गए और कहा आपको मिलेगा न्याय और धोखाधड़ी करने वाले फूफा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया।

मामला मंगलवार का है जब एक फरियादी महिला ने आईजी से कहा साहब मेरे सगे फूफा जी ने मेरे साथ धोखाधड़ी की है,साहब मेरी बूढ़ी माँ सरोज कश्यप ने अपना एफडी तोड़वाकर आर्थिक मदद की थी,मंगलवार को आईजी रतन लाल डांगी के जनदर्शन में महिला ने न्याय की गुहार लगाई,किये गए शिकायत के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर आईजी ने तत्काल जमीन के पवार होल्डर राकेश चंद्र देवांगन और जमीन दलाल सगे फूफा सोहन लाल कश्यप के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस ने 420 का मामला दर्ज किया।पीड़िता पूजा कश्यप ने बताया कि वर्ष 2019 में मकान बनाने के लिए जमीन की जरूरत थी,जिसकी चर्चा उसने सगे फूफा सोहन लाल कश्यप पिता शिव चरण कश्यप निवासी चटीडीह रामायण चौक मुन्ना बाड़ी के सामने की थी,फूफा सोहन कश्यप ने डीएलएस कॉलेज के पीछे तालाब के बगल से ग्राम खमतराई पटवारी हल्का 17/25 खसरा नम्बर 561/37 में से 1308 वर्ग फुट जमीन दिखाया, फूफा ने बताया कि यह जमीन किसी विवेक सरकार की है जिसका पवार होल्डर जूनापारा निवासी राकेश चंद्र देवांगन पिता स्व चंद्र लाल देवांगन है,उन्होंने पीड़िता को विशवास दिलाया कि जमीन बहुत अच्छी है और वह जमीन के सभी दस्तावेज देख चुका है सब ठीक है,मैं अपने फूफा सोहन लाल कश्यप के बातो में आ गयी और विश्वास करके जमीन को एक ही बार अपने पति के साथ देखने गयी,मेरे फूफा जमीन की रजिस्ट्री तुरंत करा लो बहुत ग्राहक है नही तो नही मिलेगी बोलकर जमीन रजिस्ट्री कराने तैयार किये।मेरे पति ने फूफा जी से कहा कि जमीन का सीमांकन कराकर रजिस्ट्री करते है तो उन्होंने कहा कि जब रजिस्ट्री हो जाएगी उसके तुरत बाद रिकॉर्ड में नाम दुरुस्त के बाद मेरे नाम से सीमांकन करा देंगे,मैं फूफा के बातो में आकर राकेश चंद्र देवांगन से मिली,चूंकि जमीन की कीमत 6 लाख 50 हजार थी,हमको पक्के में 3 लाख 90 और 2 लाख 60 हजार कच्चे में देने सौदा हुआ।मेरे पास पैसे नही थे मेरी माँ सरोज कश्यप निवासी मनोहर टाकीज के पास से एफडी तोड़वाकर और मेरे पास कुछ पैसे थे और इधर उधर ले लेकर हमने जमीन की रजिस्ट्री के लिए पैसा इक्कट्ठा किया,मेरी माँ के घर से जाकर 2 लाख 60 हजार किश्तो में मेरे फूफा सोहन कश्यप और राकेश देवांगन लेकर गए, 26 अगस्त 2019 को रजिस्ट्री की तिथि तय की गई उस दिन मैंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा गांघी चौक का चेक क्रमांक 645562 के मध्याम से 3 लाख 90 हजार रुपये जमीन रजिस्ट्री का पैसा दिया।उसके बाद साल भर जमीन देखने नही गयी,कोरोना के कारण और समय बीत गया,2021 में जब मैं अपने बेटे के साथ जमीन देखने गयी तो वहाँ लोग आ गए और विवाद करने लगे,और बोले कि राकेश चन्द देवांगन और सोहन ने आपको दूसरे की जमीन दिखाकर अपनी बोलकर जमीन की रजिस्ट्री कर दिया है,इस बात से घबराकर हम अपने फूफा सोहन लाल कश्यप से मिले की आपके बातो पर विश्वास करके हमने वह जमीन लिया और आप लोगो ने हमारे साथ धोखाधड़ी की,तो मेरे फूफा बोले कि सीमांकन कराकर देता हूं,वह लगातार सीमांकन के लिए भी घूमते रहे, बाद में उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की।मामले की जांच के बाद सीविल लाइन पुलिस ने आरोपी जमीन होल्डर राकेश चंद्र देवांगन और फूफा सोहन कश्यप के खिलाफ 420 का मामला दर्ज किया।

टिकट काटे जाने के बाद पहली बार क्या बोलीं स्वाति सिंह? जानिए BJP के बारे में क्या कहा

लखनऊ: यूपी में विधान सभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) के लिए बिसात बिछ चुकी है. इस बीच बीजेपी (BJP) से टिकट काटे जाने पर स्वाति सिंह (Swati Singh) ने कहा है कि मैं अभी भी भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हूं. दिलचस्प बात ये है कि लखनऊ (Lucknow) की सरोजिनी नगर (Sarojini Nagar) विधान सभा सीट से स्वाति सिंह के पति दयाशंकर सिंह (Dayashankar Singh) भी टिकट मांग रहे थे.

टिकट काटे जाने का दुख नहीं
योगी कैबिनेट की मंत्री स्वाति सिंह ने कहा कि मैं जिंदगीभर पार्टी के लिए काम करती रहूंगी. टिकट काटे जाने का दुख नहीं है. वो किसी और पार्टी में नहीं जाएंगी. पार्टी नेतृत्व ने जो फैसला किया है उसपर किसी को सवाल नहीं उठाना चाहिए. पार्टी ने कुछ सोचकर ही फैसला किया होगा.

मेरी आत्मा पर लिखा है बीजेपी
स्वाति सिंह ने कहा कि इस परिवार से मैं तब से जुड़ी हूं जब मैं 17 साल की थी. मैं पीएम मोदी और सीएम योगी का धन्यवाद करती हूं उन्होंने मुझे 5 साल तक जनता की सेवा करने का मौका दिया. आगे भी जनता की सेवा करती रहूंगी. मेरी आत्मा में भारतीय जनता पार्टी लिखा हुआ है. मैं यहीं रहूंगी और यहीं मरूंगी.

स्वाति सिंह अपने पति पर क्या बोलीं?
अपने पति दयाशंकर सिंह की तरफ से सरोजिनी नगर विधान सभा सीट से टिकट मांगने पर स्वाति सिंह ने कहा कि वो अपनी बात रख रहे थे और रखें.

सिर्फ टिकट मिल जाने से महिला सशक्तिकरण नहीं हो जाता
उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ टिकट मिल जाने से महिला सशक्तिकरण नहीं हो जाता है. पार्टी ने जरूर मेरे लिए कुछ अच्छा सोचा होगा. साल 2017 के बीजेपी के नारे बेटी के सम्मान में भाजपा मैदान में पर स्वाति सिंह ने कहा कि मैं आज भी आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हूं और आगे भी करती रहूंगी. मुझे पार्टी से निकाल नहीं दिया गया है.

टिकट नहीं मिलने पर दयाशंकर सिंह ने क्या कहा?
वहीं स्वाति सिंह के पति दयाशंकर सिंह ने कहा कि अगर पार्टी कहेगी लड़ो तो लड़ेंगे और कहेगी लड़ाओ तो लड़ाएंगे. पार्टी ने आकलन किया और राजराजेश्वर सिंह को टिकट दिया. पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी वो आज तक निभाई है और आगे भी निभाऊंगा.

सिगरेट पीने की लत से हो गया था कंगाल, ये आदत सुधारी बचा लिए इतने लाख रुपए

नई दिल्ली। लंदन (London) में रहने वाले एक शख्स को सिगरेट (cigarette) पीने की लत थी। इस वजह से वह कंगाल हो गया था, लेकिन बाद में उसे यह अहसास हुआ कि स्मोकिंग (Smoking)खराब चीज है और यह न सिर्फ सेहत, बल्कि संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इसके बाद उसने इसे छोड़ने का फैसला किया। इस फैसले के बाद से उसने महज 3 साल में सिगरेट पर खर्च होने वाले रुपयों को बचाकर करीब 17 लाख रुपए जमा कर लिए।

बताते चले कि स्मोकिंग (Smoking) हेल्थ के लिए हानिकारक है, ये अधिकतर लोग जानते हैं। डॉक्टर भी इसी वजह से स्मोकिंग (No Smoking) न करने की सलाह देते हैं। कई लोग अपनी इस आदत को छोड़ देते हैं, जबकि कई स्मोकिंग जारी रखते हैं।

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि स्मोकिंग छोड़कर आप न सिर्फ अपनी जिंदगी बचा सकते हैं, बल्कि आप लाखों रुपए भी बना सकते हैं। आपके मन में सवाल होगा कि ये कैसे संभव है। इसके लिए आपको लंदन के एक शख्स की कहानी पढ़नी होगी।

इस शख्स को 13 साल की उम्र से ही सिगरेट पीने की आदत लग गई थी। वह स्कूल स्कूल में भी खूब सिगरेट(cigarette) पीता था। सिगरेट (cigarette) की वजह से ही घर में झगड़ा होने लगा। जब वह 16 साल का था, तब इसी बात पर उसका अपने माता-पिता से झगड़ा हो गया और उसे घर छोड़ना पड़ा। उसने रोड पर ही करीब 6 हफ्ते बिताए। इस दौरान उसे अपनी गलती का अहसास हुआ, इसके बाद वह घर लौट आया।

बेटे को सुधरते देख उसके पिता ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो (Glasgow) शहर में उसकी जॉब लगवा दी। इसके बाद उसकी शादी कराई गई। उसके 2 बच्चे हुए, लेकिन 2011 में उसकी जिंदगी में फिर झटका लगा। उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। इस टेंशन में वह फिर से स्मोकिंग करने लगा। हालांकि कुछ समय बाद उसे अहसास हो गया कि सारी समस्या की जड़ स्मोकिंग है।

इसके बाद उसने साल 2018 में सिगरेट को पूरी तरह से छोड़ने का फैसला किया। यहीं से उसकी जिंदगी बदलने लगी। वह पहले सिगरेट पर एक हफ्ते में करीब 11 हजार रुपये तक खर्च करता था, लेकिन अब वह इन पैसों को जमा करने लगा। इस तरह उसने 3 साल में ही करीब 17 लाख रुपए जमा कर लिए।

कस्टमर ने आर्डर की 50,999 रुपये की Apple Watch, डिलीवर हुई नकली घड़ी

नई दिल्ली।अगर आप भी ई-कॉमर्स से सामान खरीदते हैं तो आपके लिए थोड़ा सावधान रहना जरूरी, वरना कोई आपके साथ फ्रॉड कर सकता है। हाल ही में ई-कॉमर्स के दिग्गज प्लेटफार्म अमेजन इंडिया (Amazon India) से जुड़ा एक मामला सामने आया है जो काफी शॉकिंग है। दरअसल मामला ये है कि एक ग्राहक ने अमेजन से Apple Watch Series 7 आर्डर की लेकिन जब उन्हें प्रोडक्ट डिलीवर हुआ तो उन्हें पता चला की वो प्रोडक्ट नकली है। उनको एक चीनी फेक वॉच रिसीव हुई। बता दें कि Apple Watch Series 7 की कीमत 50,999 रुपये है।

सौभाग्य से उन्होंने पैकेज की अनबॉक्सिंग को रिकॉर्ड कर लिया था, इसलिए नकली प्रोडक्ट वाले पैकेज का वीडियो सबूत है। बेशक, यह पहली बार नहीं है जब हमने ऐसी घटना के बारे में सुना है – हालांकि दुर्लभ, ये चीजें समय-समय पर होती हैं। ग्राहक ने पूरे अनुभव के बारे में पोस्ट करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उसने अमेज़न इंडिया से ऐप्पल वॉच सीरीज़ 7 जीपीएस + सेल्युलर मॉडल का ऑर्डर दिया और इसके लिए 50,999 रुपये का भुगतान किया। प्रोडक्ट प्राप्त करने के बाद, ग्राहक ने नकली चीनी स्मार्टवॉच देखी। Apple वॉच मोटे बेज़ेल्स के साथ आती हैथ। हालाँकि पैकेज Apple वॉच की तरह दिखता था, लेकिन अंदर की चार्जिंग केबल स्पष्ट रूप से एक नहीं थी जिसे Apple आधिकारिक तौर पर प्रदान करता है। वह वीडियो पर पूरे अनुभव को रिकॉर्ड करने में सक्षम थी, और यह देखा जा सकता है कि प्रोडक्ट वास्तव में नकली है।

इसके बाद ग्राहक ने अमेज़न कस्टमर केयर सेंटर से संपर्क किया और वापसी के लिए कहा। उसे एक अथॉराइजड ऐप्पल सर्विस सेंटर से जॉब शीट प्राप्त करने के लिए कहा गया था जिसमें लिखा हो की प्रोडक्ट फेक था। जॉब शीट मिलने के बाद ग्राहक ने दोबारा कस्टमर केयर से संपर्क किया और बताया कि रिटर्न प्लेस कर दिया गया है। हालांकि, उन्हें बाद में बताया गया कि इस मामले को अमेजन सोशल मीडिया टीम हैंडल करेगी।

अमेजन इंडिया की टीम ने ट्विटर पर कहा कि उन्हें मामले की जांच के लिए 3-5 वर्किंग डेज की आवश्यकता होगी। कुछ दिनों बाद, ग्राहक को अमेज़न से एक ईमेल प्राप्त हुआ जिसमें कहा गया था कि वे धनवापसी शुरू नहीं कर सकते हैं। हालांकि, बाद में कंपनी ने उपभोक्ता को उसकी परीक्षा समाप्त करते हुए रिफंड देने का फैसला किया। ग्राहक के अनुसार, नकली Apple Watch Series 7 का सेलर Appario Retail था। इस घटना के बाद, अमेजन के एक प्रवक्ता ने 91mobiles को बताया कि ग्राहक को Apple वॉच के लिए पे की गई पूरी 50,999 रुपये की राशि वापस कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, कंपनी उन्हें 1,000 रुपये का एक अमेजन उपहार कार्ड भी देगी।

रायपुर से रांची जा रही महिंद्रा बस बस पलटी, 40 घायल, तड़के तीन बजे हुआ हदासा

रायपुर/जशपुर। रायपुर से रांची जा रही तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित हो कर सड़क के किनारे पलट गई। हादसे में,बस में सवार 40 यात्री घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना तड़के तकरीबन तीन बजे की है।

जानकारी के मुताबिक रायपुर से रांची चलने वाली महिंद्रा बस, बुधवार की सुबह कुनकुरी से जशपुर के लिए रवाना हुई रही। बस अभी दुलदुला थाना क्षेत्र के चराईडांड के पास पहुंची थी कि एक तीखे मोड़ में तेज रफ्तार बस, चालक के काबू से बाहर हो गई और अनियंत्रित हो कर सड़क किनारे पलट गई। रात के अंधेरे में हुए हादसे से बस में सवार यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। बस पलटने की तेज आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय रहवासी घर से बाहर निकल आए। उन्होंने बस में फंसे हुई मुसाफिरों को बाहर निकालने के साथ ही घायल यात्रियों की मदद के लिए एम्बुलेंस और पुलिस विभाग को सूचना दी। घायल यात्रियों को कुनकुरी के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

जब खुली जीप में बारात लेकर फुल स्वैग में निकल पड़ी दुल्हन, Video में देखें फिर क्या हुआ

न्यूज डेस्क। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक दुल्हन की बारात के जबरदस्त चर्चे हो रहे हैं. दरअसल, इस दुल्हन ने शादी में खुद अपनी बारात निकाली. यह दुल्हन खुली जीप में बोनट पर सवार होकर दूल्हे को लेने ससुराल पहुंच गई. इस दौरान जिसने भी दुल्हन की बारात देखी, वह देखता ही रह गया. यह बारात मध्य प्रदेश के भोपाल में निकाली गई. दुल्हन की बारात का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

दुल्हन के स्वैग के दीवाने हुए लोग
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक दुल्हन खुली जीप में सवार होकर अपनी बारात लेकर जा रही है. इस दौरान फुल साउंड में डीजे बज रहा है और वह फुल स्वैग में जीप की बोनट पर बैठकर ठुमके लगा रही है. वीडियो काफी शानदार है. यह बारात थी आईटी प्रोफेशनल भावना ललवानी की. भोपाल के बैरागढ़ इलाके में भावना की बारात निकली.

वीडियो में आप देख सकते हैं कि दुल्हन जिप्सी के बोनट पर सवार होकर गाजे-बाजे के साथ बारात लेकर जा रही है. इस दौरान गाड़ी पर उसके रिश्तेदार भी मौजूद हैं. दरअसल, भावना की जिद थी कि उसकी शादी तभी होगी, जब वह बारात लेकर जाएगी न कि दूल्हा बारात लेकर आएगा. इसके बाद भावना खुली जिप्सी में सवार होकर नाचती गाती अपनी बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची. देखें वीडियो-
पिता ने पूरी की बेटी की ख्वाहिश
दुल्हन के पिता ने अपनी बेटी की ख्वाहिश पूरी करने के लिए भावना की बारात निकाली. पहले तो दुल्हन के पिता इस तरह बारात निकालेने के पक्ष में नहीं थे. इसके लिए वह मना भी कर चुके थे. दरअसल, पिता को लग रहा था कि रिश्तेदार और बिरादरी के लोग इस बारे में क्या कहेंगे. हालांकि बेटी की जिद थी कि वह शादी तभी करेगी जब दूल्हे जैसी बारात निकालेगी.

आखिर बेटी की जिद के आगे पिता को झुकना पड़ा और फिर उसकी बारात पूरी धूमधाम से निकाली गई. बता दें कि भावना एक आईटी प्रोफेशनल हैं. वह भोपाल के बैरागढ़ इलाके में रहती हैं. अपनी बारात में उन्होंने अपने स्टाइल से तहलका मचा दिया है. उनकी बारात का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसके साथ ही इलाके के लोग भावना की शादी के चर्चे कर रहे हैं.

 

बड़ी खबर: कोविड होम आइसोलेशन काल सेंटर में ड्यूटी के दौरान शिक्षक की मौत

कवर्धा । कवर्धा शहर के कोविड होम आइसोलेशन काल सेंटर में ड्यूटी पर लगे शिक्षक की डयूटी के दौरान अचानक मौत हो गई। बता दें कि होम आइसोलेशन में रहने वाले कोविड मरीजों के लिए जिला स्तरीय होम आइसोलेशन काल सेंटर जिला ग्रंथालय कवर्धा में बनाया गया है, जहां शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। वहां सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक पहली शिफ्ट में शिक्षक शेरू खान की ड्यूटी थी।

काल सेंटर प्रभारी अजय चंद्रवंशी ने बताया कि सुबह शिक्षक ड्यूटी पर आए तो उन्होंने गैस की समस्या बताई थी। उसके बाद वह सीढ़ी से नीचे उतरने के बाद बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

खबर सुनते ही उनके शिक्षक साथी व स्वजन अस्पताल पहुंचे। मिली जानकारी के अनुसार उनको पहले हार्ट की समस्या थी। संभावना जताई जा रही है कि उन्हें हार्ट अटैक आया होगा। शेरू कवर्धा ब्लाक के बरबसपुर संकुल में पूर्व माध्यमिक शाला सिंघनपुरी में शिक्षक थे। मृतक 10 वर्ष से कम के तीन बच्चे हैं।

लखनऊ में कन्हैया कुमार पर फेंका केमिकल, आरोपी बोला. देशद्रोही कन्हैया का यहां क्या काम

लखनऊ। कांग्रेस के स्टार प्रचारक और जेएनयू छात्रसंघ (JNU Students Union) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) पर मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय में एक युवक ने तरल पदार्थ फेंक दिया। इस घटना से कांग्रेस मुख्यालय पर हड़कंप मच गया।

नामांकन रैली में शामिल होने पहुंचे थे कन्हैया कुमार

लखनऊ मध्य सीट से कांग्रेस (Congress) प्रत्याशी सदफ जफर को मंगलवार को नामांकन पत्र दाखिल करना था। इसमें शामिल होने के लिए पार्टी के स्टार प्रचारक व जेएनयू (JNU Students Union) के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) भी लखनऊ आए थे। दोपहर करीब एक बजे कन्हैया माल एवेन्यू स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय पहुंचे।

वह परिसर में स्थित टीन शेड की तरफ जा रहे थे। तभी वहां पहले से मौजूद एक युवक जोर से चिल्लाया- देशद्रोही कन्हैया का यहां क्या काम है। इतना कहकर उसने एक शीशी से तरल पदार्थ कन्हैया की तरफ फेंका।

इससे कन्हैया तो बाल-बाल बच गए मगर कांग्रेस (Congress) कार्यकर्ता सोजेब हुसैन व सफदर अब्बास पर पड़ गया। घटना से वहां हड़कंप मच गया। सोजेब व सफदर ने जलन होने की बात कही तो पुलिस ने तत्काल दोनों को सिविल अस्पताल पहुंचाया। जबकि तरल पदार्थ फेंकने वाले देवांश बाजपेई को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

बेसमेंट में 650 लॉकर, करोड़ों रुपये बरामद… नोएडा में पूर्व IPS के घर पर IT रेड

न्यूज डेस्क। आम लोगो का बजट भले ही बिगड़ा हो लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जिनका बजट सदाबहार है. इन दिनों ऐसे लोग आयकर विभाग के निशाने पर है. नोएडा में यूपी कैडर के पूर्व आईपीएस अफसर आरएन सिंह के घर पिछले 3 दिन से आयकर विभाग की छापेमारी चल रही है.

दरअसल आरएन सिंह का बेटा अपने घर की बेसमेंट में एक प्राइवेट लॉकर फर्म चलाता है. ये लॉकर किराये पर दिए जाते हैं. आयकर विभाग ने यहां तलाशी अभियान में करोड़ों रुपये बरामद किए हैं. हालांकि ये साफ नहीं है कि पैसा किसका है? अभी तलाशी अभियान जारी है. इस वॉल्ट में 650 लॉकर बताये जा रहे हैं.

आरएन सिंह यूपी में डीजी अभियोजन रह चुके हैं. उनका कहना है कि ये फर्म उनका बेटा चलाता है, वो कमीशन बेस पर लॉकर किराये पर देता है, उनके भी 2 लॉकर इसमें हैं लेकिन उनसे कुछ नहीं निकला.

छापेमारी के दौरान पूर्व आईपीएस आरएन सिंह का कहना था, ‘मैं फिलहाल अपने गांव में था, मुझे सूचना मिली कि घर पर इनकम टैक्स की टीम जांच करने आई है तो मैं तुरंत यहां आ गया, मैं एक आईपीएस अफसर रहा हूं, मेरा बेटा यहां रहता है और हम भी यहां आकर रुकते हैं, मेरा बेटा प्राइवेट लॉकर रखने का काम करता है जो कि बेसमेंट में है.

पूर्व आईपीएस आरएन सिंह का कहना था, ‘मेरा बेटा लॉकर किराये पर देता है, जैसे बैंक देते हैं, वह बैंक से ज्यादा सुविधा देता है, इसमें हमारे दो लॉकर निजी है, अंदर जांच चल रही है, लगभग सभी लॉकर चेक कर लिए गए हैं, जो भी मिला है उसका सारा ब्यौरा हमारे पास है, घर के कुछ जेवरात टीम को मिले है, हमारे पास पूरे दस्तावेज हैं.’

छत्तीसगढ़ कोरोना अपडेट: 3241 मरीज की पहचान,16 की मौत, देखें बाकी जिलों का हाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंगलवार को कोरोना के 3 हजार 241 मरीज की पुष्टि हुई है। वहीं 5600 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए। प्रदेश में आज 16 म​रीज की मौत हो गई है।

देखें जिलेवार आंकड़ें.