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पोते के पैदा होने की खुशी में ‘शराबी’ बनाकर झूमे दादाजी, तहलका मचा तो जाना पड़ा जेल

न्यूज डेस्क। बिहार के पश्चिमी चंपारण में एक बुजुर्ग को अपने पोते के जन्म के मौके पर आयोजित पार्टी में शराब की कथित तौर पर खाली बोतल के साथ डांस करना महंगा पड़ गया. इस कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव में 60 वर्षीय रमेश सिंह अपने पोते के जन्म होने की खुशी में एक ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया.

दादाजी ने खाली बोतल लेकर किया डांस
कहा जा रहा है कि इस कार्यक्रम में महिला डांसर ‘शराबी’ फिल्म के एक गाने पर डांस कर रही थी. गाने को सुनकर दादा जी भी खुद को रोक नहीं सके और खाली बोतल लेकर स्टेज पर चढ़कर डांस करने लगे जिसका लोगों ने खूब लुत्फ उठाया और वीडियो भी बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. शेयर होते ही यह वीडियो वायरल हो गया. वीडियो के वायरल होते ही पुलिस सक्रिय हुई.

 

सोशल मीडिया पर वीडियो जमकर हुआ वायरल
शिकारपुर के थाना प्रभारी अजय कुमार ने सोमवार को बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर रमेश सिंह को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने बताया घटना 16 जनवरी की बताई जा रही है, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है.

गाने की नकल करना पड़ गया भारी
आरोप है कि इस कार्यक्रम में कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया है तथा शराब पीने को लेकर प्रचारित किया गया. उन्होंने बताया कि समय गुजर जाने के कारण शराब पीने की पुष्टि नही हो सकती. उन्होंने बताया कि पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्ग शराब की खाली बोतल के साथ डांस कर रहे थे. वह खाली बोतल के साथ गाने की सिर्फ नकल कर रहे थे.

https://twitter.com/i/status/1488075550505639936

ब्रेकिंग : 2022-23 में GDP ग्रोथ 8.5% रहने की उम्‍मीद, लोकसभा में पेश हुआ इकोनॉमिक सर्वे

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार 31 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे 2022 पेश किया। इसके साथ ही लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार 2022-23 में 8-8.5% की GDP ग्रोथ (आर्थिक वृद्धि दर) का अनुमान लगाया गया है। ये 2021-22 के 9.2% के ग्रोथ अनुमान से कम है।

इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि वैक्सीन कवरेज और सप्लाई साइड रिफॉर्म से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। सरकार का GDP अनुमान इस बात पर आधारित है कि आगे महामारी से कोई आर्थिक गतिविधि प्रभावित नहीं होगी और मानसून भी सामान्य रहेगा। इसका मतलब है कि अगर मानसून या महामारी का कोई प्रभाव आता है तो जीडीपी घट सकती है।

2030 तक 130-150 करोड़ टन कोयले की जरूरत

आर्थिक सर्वे के मुताबिक रिन्यूएबल्स को प्रोत्साहन दिए जाने के बावजूद नीति आयोग के ड्राफ्ट नेशनल एनर्जी पॉलिसी के आधार पर कोयले की मांग बनी रहेगी और वर्ष 2030 तक 130-150 करोड कोयले की मांग रहेगी।

आईटी-बीपीओ सेक्टर 2.26% की दर से बढ़ा

सर्वे के मुताबिक ई-कॉमर्स को छोड़ आईटी-बीपीओ सेक्टर वित्त वर्ष 2020-21 में सालाना आधार पर 2.26% की दर से बढ़कर 19.4 हजार करोड़ डॉलर का हो गया। चालू वित्त वर्ष में कृषि सेक्टर 3.9% की दर से बढ़ सकता है। पिछले वित्त वर्ष में यह 3.6% की दर से बढ़ा था।

GDP से पता चलती है इकोनॉमी की हेल्थ

GDP इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है। GDP देश के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रोड्यूस सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है।

इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं, उन्हें भी शामिल किया जाता है। जब इकोनॉमी हेल्दी होती है, तो आमतौर पर बेरोजगारी का लेवल कम होता है।

काली पट्‌टी लगाकर कर रहे काम प्रदेश के 1 लाख 80 हजार कर्मचारी, जानें किन मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अलग अलग विभागों में सेवा दे रहे करीब 1 लाख 80 हजार अनियमित कर्मचारी नियमितीकरण की मांग को लेकर सोमवार को कालीपट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।

अनियमित कर्मचारियों का कहना है कि कांग्रेस की सरकार ने चुनावी घोषणा में वादा किया था कि सरकार बनते ही नियमित किया जाएगा। अब तक ये वादा पूरा न हो सका। अब प्रदेश में करीब 1 लाख 80 हजार अनियमित कर्मचारी नाराज हैं। ये कर्मचारी छत्तीसगढ़ में बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं।

छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र दास वैष्णव ने बताया कि 30 जनवरी से छत्तीसगढ़ के सभी कर्मचारी काम बंद करने वाले थे। सभी अनिश्चित कालीन धरना रायपुर में देने जुटते मगर कोविड की वजह से इसे टाला गया है।

मगर हमारी तैयारी है। जैसे ही कोविड का असर प्रदेश में कम होगा, प्रदेश के हर सरकारी दफ्तर में काम कर रहा अनियमित कर्मचारी काम बंद करेगा और हड़ताल की जाएगी। फिलहाल हर कार्यालय में काली पट्‌टी लगाकर कर्मचारी काम कर रहे हैं।

विश्वासघात दिवस: कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रदर्शनकारी किसान नेता, केंद्र के नाम सौंपा ज्ञापन

रायपुर। कृषि कानून पर केंद्र सरकार के किसानों के किए वादों को पूरा नहीं करने के नाराज किसान नेताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंच कर केंद्र सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों ने अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

रायपुर और आसपास के किसान कलेक्ट्रेट के पास स्थित डॉ. भीमराव आम्बेडकर की प्रतिमा के पास इकट्‌ठा हुए। वहां उन्होंने प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। बाद में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल नारे लगाता हुआ कलेक्ट्रेट पहुंचा। वहां कलेक्टर कार्यालय के बाहर किसानों ने प्रदर्शन किया।

कलेक्टर ने पांच लोगों को भीतर आकर ज्ञापन देने को कहा तो किसानों ने मना कर दिया। बाद में अपर कलेक्टर खुद बाहर आए। किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा।

किसानों ने अपने ज्ञापन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित किया था। ज्ञापन के बाद किसानों ने कहा, संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले पर देश भर में ऐसे प्रदर्शन हो रहे हैं।

केंद्र सरकार जब तक सभी वादे पूरे नहीं करती किसान मानने वाले नहीं है। अगर मोर्चा आह्वान करता है तो किसान फिर से आंदोलन शुरू करने को तैयार हैं।

ब्रेकिंग: यहां कुएं में गिरा तेंदुआ,डेढ़ माह में तीसरी घटना

​​​​​​​कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर में फिर एक तेंदुए का शव कुएं में मिला है। डेढ़ माह में यह तीसरी घटना है। इससे पहले एक तेंदुआ और एक भालू भी गिर चुके हैं।

जानकारी के मुताबिक, दुधावा चौंकी के गांव देवडोंगर निवासी गजाधर पटेल के बाड़ी में 40 फीट गहरा कुआं है। परिवार के सदस्य जब पानी लेने के लिए पहुंचे तो उन्हें कुएं में तेंदुए का शव दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों और वन विभाग को सूचना दी।

शव फूल जाने से दो दिन पुराना बताया जा रहा है। हालांकि परिवार के लोगों का कहना है कि वह शनिवार को भी पानी लेने गए थे, तब कुएं में शव नहीं था।

फिलहाल वन विभाग की टीम ने गांव में पहुंच कर तेंदुए का शव बाहर निकाल पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। रिपोर्ट आने पर ही मौत के सही कारण का पता चलेगा।

ब्रेकिंग: पथरिया हाई स्कूल में कोरोना ब्लास्ट, शिक्षक- छात्रों सहित 32 पॉजीटिव, स्कूल बंद

मुंगेली। मुंगेली के शासकीय हाई स्कूल में कोरोना ब्लास्ट हुआ है, जिसके बाद स्कूल को बंद करवाना पड़ा हैं। जानकारी के अनुसार मुंगेली के पथरिया विकास खण्ड में संचालित शासकीय हाई स्कूल पथरिया में छात्रों व शिक्षकों समेत 32 लोग कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। जिसके बाद स्कूल को 2 फरवरी तक के लिये बंद कर दिया गया हैं। जिले के अन्य दो ब्लाक मुंगेली व लोरमी में स्कूल पूर्व से ही दो फरवरी तक बंद हैं। पथरिया ब्लाक के स्कूल खुले थे। सभी संक्रमितों को होम आइसोलेट कर ईलाज किया जा रहा हैं।

मां के बिना नहीं रह सकती, उन्हीं के पास जा रही हूं, फिर डॉक्टर ने…

नई दिल्ली। एक डाक्टर को अपनी मां की मौत से ऐसा सदमा लगा कि उन्होंने तीन दिन बाद ही आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान ग्रेटर कैलाश के मस्जिद मोठ निवासी डा. मेघा कायल (40) के रूप में हुई है। वह लंदन में डाक्टर थीं।

मेघा अपनी बीमार मां का इलाज करवाने के लिए वह पिछले साल ही लंदन से दिल्ली आई थींं 27 जनवरी को उनकी मां की मौत हो गई। इस सदमे के कारण वह डिप्रेशन में चली गईं और 30 जनवरी को सर्जिकल ब्लेड से जांघ की नसें काटकर आत्महत्या कर ली।

मौके से सुसाइड नोट मिला है। आत्महत्या से पहले उन्होंने इसमें लिखा है कि वह मां की मौत का सदमा सहन नहीं कर पा रही हैं इसलिए वह खुदकुशी कर रही हैं।पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डा. मेघा कायल लंदन मिल्टन केयंस यूनिवर्सिटी हास्पिटल में न्यूरो व मेडिसन की डाक्टर थीं। इससे पहले वह सरिता विहार स्थित अपोलाे अस्पताल में भी डाक्टर रह चुकी थीं। वह अविवाहित थीं।

कोरोना की दूसरी लहर में अपनी 79 वर्षीय मां का इलाज का इलाज कराने वह लंदन से ग्रेटर कैलाश स्थित अपने घर आई थीं। 27 जनवरी को मेघा की मां की स्वभाविक मौत हो गई थी। इस सदमे से वह डिप्रेशन में चली गईं। जीके-2 थाना पुलिस को शनिवार को अपोलो अस्पताल से डा. मेघा कायल की मौत की सूचना मिली थी।

अस्पताल की ओर से बताया गया कि मेघा ने सर्जिकल ब्लेड से अपनी दाहिनी जांघ की नस काट ली थी जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी मौत हो गई। वह शनिवार सुबह घर में अकेली थीं तब जांघ की नस काटी थी। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है।

सुसाइड नोट में मेघा कायल ने लिखा है कि वह मां की मौत का सदमा सहन नहीं कर पा रही है। वह अपनी मम्मी के पास जा रही हैं। उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। मेघा के पिता कैंसर बीमारी से पीड़ित हैं। घर में पिता के अलावा उनकी विधवा भाभी व एक भतीजी है। उनके भाई की भी कुछ समय पहले मौत हो गई थी।

चुनाव आयोग का फैसला: रैलियों की इजाजत नहीं, लेकिन बदल गए प्रचार से जुड़े ये नियम, देखें नई गाइडलाइन

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने रैलियों पर लगी रोक आज सोमवार को भी नहीं हटाई है। हालांकि, चुनाव प्रचार पर लगी रोक में कुछ ढिलाई की हैं। अब एक हजार लोगों के साथ सभा की इजाजत है। इसके अलावा डोर टू डोर कैंपेन में भी पहले से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। कोरोना महामारी के कुछ कंट्रोल में आने के बाद चुनाव आयोग ने सोमवार को यह फैसला लिया है।

चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन

1. 11 फरवरी, 2022 तक किसी भी रोड शो, पद-यात्रा, साइकिल/बाइक/वाहन रैलियों और जुलूसों की अनुमति नहीं दी जाएगी।

2. आयोग ने अब राजनीतिक दलों या चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम 1000 व्यक्तियों (मौजूदा 500 व्यक्तियों के बजाय) या एसडीएमए द्वारा निर्धारित सीमा या जमीन की क्षमता के 50% के साथ (जो भी कम हो) निर्दिष्ट खुले स्थानों में फिजिकिल सार्वजनिक बैठकों की अनुमति देने का निर्णय लिया है।

3. आयोग ने घर-घर जाकर प्रचार करने की सीमा भी बढ़ा दी है। घर-घर जाकर प्रचार करने के लिए अब 10 लोगों की जगह सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर 20 लोगों को अनुमति दी जाएगी। घर-घर जाकर अभियान चलाने के अन्य निर्देश जारी रहेंगे।

4. आयोग ने अब राजनीतिक दलों के लिए अधिकतम 500 व्यक्तियों (मौजूदा 300 व्यक्तियों के बजाय) या हॉल की क्षमता का 50% या एसडीएमए द्वारा निर्धारित निर्धारित सीमा की इनडोर बैठकों की अनुमति है।

5. राजनीतिक दल और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार चुनाव से जुड़ी गतिविधियों के दौरान सभी अवसरों पर COVID उचित व्यवहार और दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

7. 8 जनवरी 2022 को जारी चुनावों के संचालन के लिए संशोधित व्यापक दिशा-निर्देश, सभी शेष प्रतिबंध लागू रहेंगे।

इससे पहले COVID प्रतिबंधों के साथ निर्दिष्ट खुले स्थानों पर प्रचार के लिए सुरक्षा कर्मियों और वीडियो वैन को छोड़कर, डोर टू डोर अभियान के लिए पांच व्यक्तियों की सीमा को 10 व्यक्तियों तक किया गया था जिसे अब बढ़ाकर 20 कर दिया है। बता दें कि यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच होंगे। मतों की गिनती 10 मार्च को की जाएगी।

शहर के बड़े कारोबारी भी करने वाले है कोयले में हाथ काला… अवैध कारोबार पर प्रशासन का शिकंजा…

कोरबा। कोयले की नगरी में बड़े कारोबारी भी कोयला के कारोबार में हाथ काला करने को तैयार है । यही वजह है बड़े कारोबारियों की एंट्री कराने रास्ता अख्तियार किया जा रहा है। इस कड़ी में आज प्रशासन की टीम ने नकटीखार में कोयला कारोबारी के एक वार्ड को सील किया गया है।

बता दें कि एक गोपनीय ख़बर की माने तो कोयला नगरी में कोयले का कारोबार खूब फल फूल रहा है।इस कारोबार में लगे लोगो का कारोबार कुछ शहर के धन्ना सेठो को।इस कदर भा गया कि कोयला के कारोबार में हाथ काला करने को तैयार हो गए। फिर क्या था कारोबार से जुड़ने जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया। आखिर जुगाड़ तो जुगाड़ है लग भी गया और लोगो को धंन्धे में भागीदारी देने का फोन घनघनाना शुरू हो गया। यही वजह है कि रेत तस्करो पर कार्रवाई के बाद अब कोयला के अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसा का रहा है। बहरहाल शहर के धन्ना सेठो के कारोबार में जुड़ने की खबर में चड़खारे लगाना शुरू हो गया हैं।

यहां पड़ा प्रशासन का छापा

कोयला के अवैध कारोबार पर प्रशासन ने आज ग्राम नकटी खार बाईपास टोयोटा शोरूम के कोल डिपो में प्रशासन ने छापा मारा है जहां पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद रही। कलेक्टर के निर्देश पर विशेष टीम के द्वारा कार्रवाई की गई है मौके पर माइनिंग इंस्पेक्टर को भी बुलाया गया है।

KORBA: अब 8 से 12 वी तक के कक्षा होंगे संचालित… कलेक्टर ने जारी किया आदेश…

कोरबा। कोरोना संक्रमण मरीजो की संख्या कम होने के साथ अब स्कूल संचालित करने का आदेश जारी किया गया है । कलेक्टर श्रीमति रानू साहू के जारी आदेश के मुताबिक अब 8 से 12 की कक्षाओं को संचालित करने शिक्षा विभाग को आदेश जारी किया है।

बता दें कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के मद्देनजर कोरबा जिले में बंद किए गए स्कूलों को फिर से प्रारंभ करने का निर्देश जारी किया गया है। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने विभिन्न निर्देशों का पालन करते हुए आठवीं से 12वीं तक की कक्षाएं लगाने का आदेश जारी किया है।

देंखे आदेश…