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UP Elections: BJP में शामिल हुए पूर्व IPS अफसर असीम अरुण, मुलायम की छोटी बहू अपर्णा भी आ सकती हैं साथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ी आज की सबसे बड़ी खबर यह है कि मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव भाजपा में शामिल होने जा रही हैं। खबर के मुताबिक, थोड़ी देर में भापजा की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होने जा रही है, जिसमें अपर्णा यादव (Aparna Yadav) विधिवत रूप से भाजपा की सदस्यता लेंगी।

यहां तक कहा जा रहा है कि भाजपा उन्हें लखनऊ कैंट से उम्मीदवार बना सकती है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और भाजपा नेता स्वतंत्रदेव सिंह इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।

बता दें कि हाल के दिनों में भाजपा के कुछ मंत्री और विधायक समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे। वहीं Aparna Yadav का भाजपा में शामिल होना, भगवा पार्टी की ओर से काउंटर अटैक बताया जा रहा है। इससे पहले मुलायम के समधी हरिओम यादव भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं।

भाजपा में शामिल हुए पूर्व IPS अफसर असीम अरुण

इस बीच, पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण रविवार को लखनऊ में पार्टी कार्यालय में भाजपा में शामिल हो गए। इस मौके पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर मौजूद थे।

असीम अरुण ने कहा कि योगी राज के तहत यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। पुलिस को ही नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था को ऐसी शक्ति देने के लिए मैं सीएम योगी का धन्यवाद करता हूं, जिससे सुधार हो सके।

वैक्सीन लगाने गई टीम को देख पेड़ पर चढ़ी युवती, फिर ऐसे लगाई गई वैक्सीन

छतरपुर। वैक्सीन लगवाने से बचने के लिए लोग अलग-अलग तरह के बहाने करते देखे गए हैं। इस बीच मध्य प्रदेश के छतरपुर की एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह युवती वैक्सीन लगवाने से बचने के लिए पेड़ पर चढ़ जाती है। वैक्सीन लगाने गई टीम उसे समझा-बुझाकर नीचे उतारती है। तब कहीं जाकर उसे वैक्सीन लगाई जा सकी।

टीम को देखते ही पेड़ पर चढ़ी

मामला छतरपुर जिले के बड़ामलहरा तहसील के छोटे से गांव मनकारी का है। दरअसल इन दिनों कोविड वैक्सीन लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए वैक्सीनेशन टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को समझाकर वैक्सीन लगा रही हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम बड़ामलहरा के मनकारी गांव पहुंची। यहां वैक्सीनेशन टीम को देखते ही 18 वर्षीय युवती पेड़ पर चढ़ गई।

वैक्सीन को लेकर था मन में डर

असल में युवती वैक्सीन लगवाने को लेकर काफी डरी हुई थी। इसके चलते वह वैक्सीन लगवाने से मना कर रही थी। उसे पेड़ पर चढ़ा देख आसपास के लोगों और वैक्सीनेशन टीम के सदस्यों ने काफी समझाया। तब कहीं जाकर युवती नीचे उतरी और उसे वैक्सीन लगाया जा सका।

ब्रेकिंग: एम्स में सबसे पहले आई ऐसी RTPCR टेस्ट किट जो बताएगी ओमिक्रान वैरिएंट

रायपुर। छत्तीसगढ़ कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे के बीच रविवार को रायपुर एम्स से अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल रायपुर एम्स को नई तरह की आरटीपीसीआर टेस्ट किट मिल गई है, जो केवल आरटीपीसीआर टेस्ट से ही ओमिक्रॉन का पता लगाने में सक्षम है।

रायपुर के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर के मुताबिक जीनोम जांच के लिए अभी अनुमति नहीं मिली है। उससे पहले नई तरह की टेस्ट किट मिल गई है।

अभी तक भेजा जाता था भुवनेश्वर

जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए अभी आरटीपीसीआर टेस्ट के बाद पॉजिटिव के सैंपल को एडवांस लैब में भुवनेश्वर भेजना पड़ रहा है। जांच रिपोर्ट में आने में देरी को इस बात से ही समझा जा सकता है कि ओमिक्रॉन के खतरे की आहट के बाद भेजे गए 50 से अधिक सैंपलों में से अब तक केवल 12 ही रिपोर्ट आई है।

प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की ट्रीटमेंट कमेटी ने भी दिए प्रस्ताव

इस बीच, प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की ट्रीटमेंट कमेटी ने भी आरटीपीसीआर टेस्ट के जरिए ओमिक्रॉन वैरिएंट पता लगाने वाली टेस्ट किट खरीदने का प्रस्ताव दिया है।

जल्दी ही प्रदेश के दूसरे सरकारी अस्पतालों और सार्वजनिक जगहों पर नई किट के जरिए जल्द ही आरटीपीसीआर टेस्ट किट के जरिए ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता लगाया जा सकेगा।

हाल ही में आईसीएमआर ने टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक की नई स्वदेशी आरटीपीसीआर टेस्ट किट ओमि-स्योर को मंजूरी दी है। जिसके जरिए आरटीपीसीआर टेस्ट के जरिए ही ओमिक्रॉन वैरिएंट की पहचान की सकती है।

सामान्य आरटीपीसीआर जैसा ही टेस्ट होगा, रिपोर्ट भी जल्दी

दरअसल, इस विशेष किट के जरिए सामान्य आरटीपीसीआर टेस्ट ही किया जाएगा, उसे बाद में जीनोम जांच के लिए एडवांस लैब में भेजने की दरकार नहीं होगी।

जानकारों के मुताबिक आरटीपीसीआर टेस्ट किट के जरिए ओमिक्रॉन की पहचान एस जीन टार्गेट फेल्योर के जरिए की जाती है यानी ऐसे सैंपल जिनमें एस जीन नहीं होगा उनको ओमिक्रॉन पॉजिटिव माना जाएगा।

SBI के ATM में रुपए डालने वाली ठेका कंपनी CMS का स्टाफ ही निकला चोरी का मास्टर माइंड, 8 लाख नकदी के साथ 3 गिरफ्तार

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में SBI के लाखों रुपए का गबन करने वाले CMS कंपनी के के 3 कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं चौथे की तलाश जारी है। इस कंपनी को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बैंक से पैसे लेकर एटीएम में डालने का ठेका दिया है। आरोपी बैंक से पैसे लेकर शहर के विभिन्न ATM में डालने का काम किया करते थे। लेकिन, कुछ दिनों से इन्होंने बैंक के निर्धारित लाखों रुपए ATM में नहीं डाले और उनमें से पैसे गबन करते गए। मामले की शिकायत के बाद हुई जांच में तीन आरोपियों को सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से कुल 8 लाख रुपए नकद समेत, 2 लग्जरी चार पहिया वाहन, स्कूटी, मोबाइल और अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, CMS कंपनी की तरफ से सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि बैंक के पैसे जो ATM में जमा करने दिए जाते हैं उनमें से आधे ही जमा हो रहे हैं। शेष राशि का गबन किया जा रहा है। इस शिकायत पर पुलिस ने एक टीम गठित की और मामले की जांच शुरू की। संदेह के आधार पर CMS कंपनी के कर्मचारियों पर निगरानी रखी गई थी। कर्मचारी योगेश यादव, कैलाश यादव एवं ललित नारायण साहू को पकड़ा गया था। इनसे पूछताछ की गई। योगेश यादव एवं कैलाश यादव दोनों CMS कंपनी के कस्टोडियन हैं। जो प्रतिदिन बैंक से निर्धारित राशि लेकर संबंधित ATM में जमा करने जाते थे।

जांच में पता चला कि इनमें से मुख्य आरोपी योगेश यादव उर्फ योगी ATM में निर्धारित राशि जमा न कर अपनी मर्जी से कम राशि जमा करता था और बचे हुए पैसे से अपने शौक पूरे करता था। कुछ पैसे कैलाश यादव एवं ऑडिटर ललित नारायण साहू को भी देता था। आरोपी योगेश यादव ने अपने शौक में कई महंगे सामान खरीदना एवं उपयोग करना बताया है। साथ ही लॉखों रुपए ऑनलाइन बेटिंग में भी लगाए, जिससे पूरे पैसे हार गया है। पुलिस ने योगेश यादव के पास से मोबाइल फोन, लैपटाप, स्मार्ट वॉच, स्कार्पियो, हैरियर वाहन, एक दुपहिया वाहन, AC, TV अन्य सामना बरामद किया है। साथ ही तीनों आरोपियों के पास से 8 लाख रुपए बरमाद किए गए हैं।

चौथे आरोपी की तलाश जारी

नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने बताया कि, CMS कंपनी की शिकायत के बाद 3 लोगों को तो गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं चौथा आरोपी मंजूर रजा फरार हो गया है। जिसकी तलाश की जा रही है। फिलहाल CMS और बैंक की तरफ से अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुल कितनी राशि का गबन किया गया है। इधर, CMS के रायपुर इंचार्ज नजीम खान ने बताया कि अभी ऑडिट का काम चल रहा है। इसके बाद ही खुलासा किया जाएगा।

ब्रेकिंग: चार करोड़ से ज्यादा के पुराने नोट बरामद, 7 हिरासत में, जानें क्या था शातिरों का प्लान

न्यूज डेस्क। एसटीएफ ने पुरानी करेंसी के बदले नए नोट बदलने वाले गैंग को गिरफ्तार किया है। गैंग के सात लोगों को गिरफ्तार कर करीब चार करोड़ से अधिक की रकम बरामद की है। मामला उत्तराखंड के हरिद्वार का है। बरामद रकम किसकी है, इसको लेकर ज्वालापुर कोतवाली में आरोपियों से पूछताछ चल रही है। इनकम टैक्स विभाग को भी जानकारी दे दी गई है।

पुलिस के मुताबिक उत्तराखंड एसटीएफ को हरिद्वार में पुरानी करेंसी के बदले नए नोट बदलने की सूचना मिल रही थी। एसटीएफ ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया। शनिवार देर शाम एसटीएफ के इंस्पेक्टर अब्दुल कलाम की अगुवाई में टीम ने मध्य हरिद्वार की एक कॉलोनी में छापा मारा। वहां से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से नोटबंदी से पहले चलने वाले करीब करीब चार करोड रुपए के पुराने नोट बरामद हुए। सभी नोट 500 और 1000 के हैं। बरामद रकम चार करोड़ से अधिक बताई जा रही है। देर रात तक रकम की गिनती का कार्य चला।

गिरफ्तार सात आरोपियों में तीन स्थानीय और चार उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और अमरोहा जिले के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक यह गैंग आरबीआई के किसी अधिकारी के संपर्क में था। जिसकी मदद से वह पुरानी करेंसी बदलने की फिराक में था।

ये था प्लान

बताया जा रहा कि पांच करोड की पुरानी करेंसी के एवज में एक करोड़ की नई करेंसी मिलनी थी। पकड़े गए आरोपियों को करेंसी बदलवाने के एवज में कमीशन मिलना था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रूपेश वालिया निवासी जगजीतपुर, यशवीर सिंह निवासी हरिपुर कला, अरविंद वर्मा निवासी ग्राम काला कुआं अमरोहा कोतवाली अमरोहा, आबिद अली ग्राम सैदपुर नौगांव सादात अमरोहा, सोमपाल सिंह रेलवे स्टेशन रोड बिलारी मुरादाबाद, विकास गुप्ता निवासी खेड़ी खुर्द श्यामपुर ऋषिकेश, राजेंद्र निवासी शास्त्री स्टेशन रोड बिलारी जनपद मुरादाबाद के रूप में हुई है।

मास्क और वैक्सीन से मिली छुट्टी! यहां की सरकार ने कोरोना को मान लिया ‘फ्लू’

नई दिल्ली: कोरोना को लेकर दुनियाभर में पाबंदियां का दौर फिर से लौट आया है लेकिन यूरोप के देशों में मास्क और वैक्सीन की अनिवार्यता को हटाया जा रहा है. स्पेन की सरकार ने कोरोना को एक आम फ्लू मान लिया है. साथ ही लोगों से इसके साथ जीने की अपील की गई है.

खात्मे की कगार पर महामारी?
मास्क ही नहीं वहां की सरकार कोरोना वैक्सीन की अनिवार्यता भी हटा सकती है. सरकार का मानना है कि कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट ही महामारी को खात्मे की कगार पर ले जाएगा और यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ब्रिटेन के एजुकेशन सेक्रेटरी ने बताया कि यूके अब पेंडेमिक से एंडमिक की दिशा की ओर बढ़ रहा है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती होने की आशंका काफी कम है. साथ ही मौत का आंकड़ा भी कम दर्ज हो रहा है. ऐसे में स्पेन के प्रधानमंत्री प्रेडो सांचेज ने महामारी काल में लगाई गईं पाबंदियां को खत्म कर सामान्य जनजीवन में लौटने का फैसला लिया है.

आयरलैंड में वैक्सीनेशन जरूरी नहीं
उन्होंने कहा कि अब महामारी के खत्म होने के हालात की समीक्षा में जुटे हुए हैं लेकिन यूरोप की सरकारें शायद इसे अलग मापदंडों पर तौल रही हैं. उधर, आयरलैंड में भी बढ़ते कोरोना मामलों के बावजूद स्वैच्छिक वैक्सीनेशन सिस्टम बनाया जा रहा है. सरकार अब लोगों को वैक्सीनेशन के मामले में खुद फैसला करना का अधिकार देना चाहती है.

इसके अलावा भी कई देशों ने क्वारंटीन पीरियड को घटाने का फैसला किया है. इसके साथ ही जरूरी सेवाओं पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई जा रही है. चेक रिपब्लिक ने हाल ही में आइसोलेशन पीरियड को दो हफ्तों से घटाकर सिर्फ 5 दिन कर दिया है.
आने वाले दिनों में अगर बाकी यूरोपीय देश भी अपने यहां पाबंदियों में ढील देते हैं तो पिछले साल जैसे हालात पैदा होने की भी आशंका है. हालांकि डेनमार्क में भी पाबंदियां हटाई गईं हैं और मास्क को जरूरी नहीं माना जा रहा है. ऐसा ही फैसला नीदरलैंड की सरकार ने भी लिया है और वहां अब मास्क पहनना अनिवार्य नहीं है.

WHO ने इस बीच ओमिक्रॉन को लेकर चेतावनी दी है. संगठन ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट की तुलना में भले ही ओमिक्रॉन से बीमारी के कम गंभीर होने को लेकर कुछ जानकारियां हैं, लेकिन यह हल्की बीमारी नहीं है क्योंकि ओमिक्रॉन के चलते भी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ ही रही है.

स्कीन व बालों का बिना सर्जरी होगा उपचार…ADC में डॉक्टर रहेंगे उपलब्ध…

कोरबा।जिले में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है। ठंड के मौसम में यह और भी बढ़ जाता है। इसके कारण असमय बालों का गिरना व त्वचा संबंधी बीमारियां आम होती है। इस मौसम में चर्मरोग पीडि़त अस्पतालों में बड़ी संख्या में देखने को मिलते हैं। इस प्रकार की समस्या से निजात दिलाने की पहल एडवांस डायग्नोसिस सेंटर (एडीसी) ने की है। एडीसी में स्कीन एवं हेयर की सभी समस्याओं से तुरंत निजात के लिए छत्तीसगढ़ की ख्यातिमान डॉ. सुमेधा एस. वर्मा 16 जनवरी रविवार को सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। एडवांस टेक्नोलॉजी मशीन से लैस बिना सर्जरी के डॉक्टर द्वारा मरीजों का उपचार किया जाता है। एडीसी प्रबंधन की ओर से जिलेवासियों को बेहतर उपचार सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। अब कॉस्मेटिक्स के क्षेत्र में भी लोगों को शहर से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
डॉ. सुमेधा ने बताया कि हमारे द्वारा स्कीन के ऊपर दाग, धब्बों का परत आ जाना, तिल, मस्सा, रूखी त्वचा, मुंहासे, त्वचा के फैट (मोटापा) को हटाकर खूबसूरत बनाना, बालों का झडऩा, अनचाहे जगहों पर बालों के उगने से आजादी, चिकन पॉक्स के निशान, महिलाओं के प्रेग्नेंसी के बाद स्ट्रेच माक्र्स के अलावा लेजर पद्धति से मुंहासे, निशान, त्वचा पर दाग, फेशियल, टैटू, चेहरे में झुर्रियां, काले रंग के धब्बे व अनचाहे बालों से छुटकारा आदि के उपचार किए जाते हैं। डॉ. समुेधा की सेवाओं का लाभ छत्तीसगढ़ के अनेक मरीज उठाकर त्वचा संबंधी बीमारियों से मुक्ति पा चुके हैं।

पॉवर कंपनी के परिचारक की परीक्षा स्थगित…तीन हजार पदों में होनी है भर्ती…

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अन्तर्गत परिचारक (लाईन) के तीन हजार पदों पर होने वाली भर्ती के लिये 18 जनवरी से प्रस्तावित शारीरिक दक्षता परीक्षा स्थगित कर दी गई है।

पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री मनोज खरे ने बताया कि तीन हजार पदों पर भर्ती के लिए अम्बिकापुर एवं जगदलपुर क्षेत्र में 28 जनवरी से एवं शेष क्षेत्रों रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग व राजनांदगांव में 18 जनवरी से दस्तावेजों का सत्यापन एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाना थी। परन्तु कोविड-19 के संक्रमण के तीव्र प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए उक्त आयोजित परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी। इन पदों के लिये एक लाख से अधिक आवेदन आए थे, जिनमें से नौ हजार उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिये बुलाया गया था।

नव पदस्थ प्रभाकर पांडेय ने किया पद भार ग्रहण… पूर्व आयुक्त ने दिया प्रभार

कोरबा । नगर पालिक निगम कोरबा में नवनियुक्त किए गए आयुक्त  प्रभाकर पाण्डेय ने आज पूर्व आयुक्त कुलदीप शर्मा से प्रभार लेकर पदभार ग्रहण किया। यहॉं उल्लेखनीय है कि कोरबा नगर निगम में आयुक्त रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी कुलदीप शर्मा को राज्य शासन द्वारा कोरिया जिले का कलेक्टर बनाया गया है, वहीं अंबिकापुर नगर निगम में आयुक्त रहे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी  प्रभाकर पाण्डेय को नगर पालिक निगम कोरबा में आयुक्त के पद पर पदस्थ किया गया है। आज अपरांह नवनियुक्त आयुक्त  प्रभाकर पाण्डेय ने नगर निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत में पदभार ग्रहण किया।

एक परिवार में चलती हैं चार-चार पार्टियां तो हमसे ही ये सवाल क्यों, मौर्य के सपा ज्वाइन करने पर सांसद बेटी ने पूछा सवाल

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी को स्वामी प्रसाद मौर्य ने तगड़ा झटका दिया। योगी कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य शुक्रवार को अपने अन्य साथी विधायकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा का दामन छोड़ सपा में शामिल होने के बाद उनकी बेटी और बदायूं से सांसद संघमित्रा मौर्य का बयान आया है। भाजपा सांसद ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वह भाजपा में रहकर आगे भी काम करने वाली हैं।

‘आजतक’ के रिपोर्टर से बात करते हुए संघमित्रा मौर्या ने उन तमाम सवालों के जवाब दिए जो स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद उठ रहे हैं। पत्रकार ने पूछा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने क्या आपसे अपने पिताजी को समझाने को नहीं कहा था। इस पर संघमित्रा ने कहा, ”शीर्ष नेतृत्व की बात पिताजी से हुई थी और पिताजी को समझाने के लिए हमें कोई क्या कहेगा वो खुद ही बहुत समझदार हैं। बच्चा हमेशा बच्चा ही रहता है, चाहे वह सांसद हो या मुख्यमंत्री। मां-बाप के लिए बच्चा हमेशा बच्चा ही रहता है।”

क्या स्वामी प्रसाद मौर्य के समाजवादी पार्टी में जाने से उनके (संघमित्रा) राजनीतिक भविष्य को लेकर संकट पैदा हो सकता है? इस पर भाजपा सांसद ने कहा, ”इतिहास गवाह है कि पहले भी ऐसे परिवार रहे हैं और आज भी बहुत से ऐसे परिवार हैं, जहां एक परिवार में चार-चार पार्टियां चलती हैं।”

संघमित्रा ने कहा, ”जब आज मेरे पिता स्वामी प्रसाद मौर्य किसी दूसरी पार्टी में हैं और मैं दूसरी पार्टी में हूं तो ये सवाल मुझसे ही क्यों, किसी और से क्यों नहीं?” इसके पहले, स्वामी प्रसाद मौर्य के योगी कैबिनेट से इस्तीफा देने और समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर संघमित्रा मौर्य ने बयान दिया था। बदायूं सांसद संघमित्रा मौर्य ने तब दावा किया था कि अभी तक उनके पिता ने समाजवादी पार्टी या कोई भी पार्टी जॉइन नहीं की है। संघमित्रा का कहना था कि उनके पिता ने मीडिया से भी स्पष्ट कहा है कि वह 2 दिन बाद अपनी रणनीति तय करेंगे और तब बताएंगे।