The Duniyadari: बागबहरा में एक मासूम बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगाए गए टीके के कुछ घंटों बाद 5 साल के बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक महासमुंद निवासी नरेंद्र यादव, जो खल्लारी थाना में पदस्थ हैं और बागबहरा में रहते हैं, सोमवार को अपने बेटे नैतिक यादव (5 वर्ष) को नियमित टीकाकरण के लिए बागबहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए थे। यहां बच्चे को उम्र के अनुसार डीपीटी का टीका लगाया गया।
बताया जा रहा है कि टीका लगने के कुछ ही घंटे बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के लोग उसे घर ले आए थे, जहां उसने भोजन करने के बाद आराम किया। शाम करीब पांच बजे बच्चे की मां ने फोन कर पिता को बताया कि बच्चे की हालत ठीक नहीं है और उसका मुंह खुला हुआ है। घबराए परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि टीकाकरण में लापरवाही हुई है और इसी वजह से बच्चे की जान गई। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पोस्टमार्टम किसी बाहरी विशेषज्ञ टीम से कराया जाए, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।
घटना के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की सूचना मिलते ही जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।















