Sunday, August 16, 2026
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CG BREAKING: होटल के कमरें में मिली व्यवसायी की लाश, जांच में जुटी पुलिस…

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The Duniyadari: अंबिकापुर- अंबिकापुर के बस स्टैंड के पास स्थित एसआर होटल में युवा व्यवसायी का शव फांसी के फंदे पर झूलता हुआ मिला। व्यवसायी ने गुरुवार दोपहर होटल में चेक-इन किया था। परिवार के लोगों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चल सका। होटल मालिक की सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने मौके पर पहुंच जांच की। मृतक ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, मूलतः सीतापुर निवासी मनीष गुप्ता (34 साल) बस स्टैंड के पास एसआर होटल में गुरुवार दोपहर पहुंचा और कमरा नंबर 103 बुक किया। उसने होटल संचालक से कहा कि उसके सीने में दर्द है और वह आराम करना चाहता है। शाम को होटल के कर्मचारियों ने रात में खाना खाने के लिए उठाने की कोशिश की, लेकिन रिस्पांस नहीं मिला।

होटल संचालक ने बताया कि सुबह भी दरवाजा नहीं खुला तो शक हुआ। बगल के कमरे से रोशनदान से अंदर झांककर देखा तो मनीष गुप्ता का शव फांसी के फंदे पर झूलता मिला। इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट कुलदीप कुजूर और कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

मनीष गुप्ता द्वारा छोड़ा गया सुसाइड नोट भी पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेजा। मनीष गुप्ता वर्तमान में गंगापुर में किराए के मकान में रह रहा था। गंगापुर में ही उसने कपड़े की दुकान खोला था। 17 अप्रैल को वह गंगापुर स्थित घर से कपड़े की थोक दुकान संचालक को पैसे RTGS करने के नाम पर निकला था। वह दोपहर में दर्रीपारा स्थित ससुराल भी गया।

वहां उसने रुपए RTGS करने की जानकारी दी और गंगापुर लौटने की बात कहकर निकला, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। देर शाम तक मनीष गुप्ता घर नहीं पहुंचा तो उसकी पत्नी ने अपने भाई संजय साहू को फोन किया। फोन नहीं उठाने पर वे कोतवाली थाने भी पहुंचे। पुलिस ने रात 11 बजे फोन को ट्रेस करने का आश्वासन दिया। अगले दिन सुबह थाने बुलाया।

जब वे थाने पहुंचे तो 10 मिनट बाद ही उन्हें मनीष गुप्ता के शव मिलने की खबर मिली। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से वह मानसिक रूप से परेशान था। घरेलू विवाद की बात भी सामने आ रही है। मृतक के साले दर्रीपारा निवासी संजय साहू ने बताया कि सुसाइड नोट में उसने अपने आठ साल के इकलौते बेटे को लिखा है कि जो मैं किया हूं, वह तुम मत करना।

कुछ पैसों के लेन-देन की बात भी लिखी है। उसने आत्महत्या के लिए स्वयं को जिम्मेदार बताया है।

परिवारजनों ने बताया कि मनीष गुप्ता की सीतापुर में मोबाइल की दुकान थी। पारिवारिक हिस्से में मिली दुकान को उसने करीब दो वर्ष पूर्व ही बेच दिया था। वह अंबिकापुर में किराए के मकान में रह रहा था। उसने अंबिकापुर में एक राइस मिल में भी काम किया था। उसने राइस मिल संचालक से पैसे भी उधार लिया था, जिसे वह वापस नहीं कर पाया था।