The Duniyadari: कोरबा: दर्री क्षेत्र में CSEB द्वारा कराए जा रहे बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य पर अब खुलकर अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। संडे मार्केट से पेट्रोल पंप तक लगभग पूरा हो चुका यह निर्माण कार्य गुणवत्ता को लेकर विवादों में घिर गया है।

स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों का कहना है कि निर्माण में बुनियादी मानकों की अनदेखी की जा रही है। सबसे बड़ा आरोप यह है कि दीवार में पानी से तराई (क्योरिंग) तक नहीं कराई गई। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने कभी भी दीवार पर पानी डालते नहीं देखा।

मामले की शिकायत जब संबंधित अधिकारी से की गई, तो पहले पानी के टैंकर आने का दावा किया गया। लेकिन CCTV का हवाला देने पर जांच का आश्वासन दिया गया।
हालांकि, जांच करने के बजाय सीधे पुताई का आदेश दे दिया गया, जिससे लोगों में संदेह और गहरा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कदम खराब गुणवत्ता वाले काम को छुपाने के लिए उठाया गया।
इतना ही नहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने यह भी पाया कि प्लास्टर के लिए इस्तेमाल हो रहा मटेरियल भी घटिया था, जिस पर ठेकेदार के सुपरवाइजर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
एक स्थानीय नागरिक ने पुरानी कहावत का हवाला देते हुए कहा,
“पहले के समय में कहा जाता था कि सीमेंट का काम हो तो एक तगाड़ी सीमेंट कम डालो, लेकिन पानी ज्यादा डालो ताकि तराई अच्छी हो सके। लेकिन यहां तो हालत उलटी है—सीमेंट भी गायब नजर आ रहा है और पानी की तराई भी नहीं की जा रही।”
लोगों का साफ कहना है कि इस तरह की लापरवाही बिना अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं है।
कई लोगों ने संबंधित अधिकारियों को फोन कर शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किए गए। यहां तक कि उच्च अधिकारियों तक संपर्क करने की कोशिश भी बेअसर रही।
इस पूरे मामले को लेकर अब स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर जल्द निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।
अब देखना यह होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी “कमीशन के खेल” में दबकर रह जाएगा।















