The Duniyadari: छत्तीसगढ़ के Balod जिले में मालीघोरी इलाके की चर्चित धान चोरी की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया कि ट्रक की किस्त न चुका पाने के दबाव में एक मालिक ने साथियों संग मिलकर 900 कट्टा धान से भरे ट्रक को गायब करने की साजिश रची। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का धान, वारदात में इस्तेमाल ट्रक और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।

ऐसे रची गई योजना
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के अनुसार, 16 जनवरी को ग्राम मालीघोरी के धर्मकांटा के पास से धान लदा ट्रक (CG 08 AV 1711) संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुआ था। जांच में पता चला कि ट्रक को दमकसा बड़भूम की ओर ले जाकर छोड़ दिया गया और उसमें से 900 कट्टों में से 280 कट्टा शासकीय धान दूसरे ट्रक में शिफ्ट कर लिया गया। मामले में BNS की धारा 316(3) के तहत अपराध दर्ज किया गया।
तीन दिन रेकी, फिर वारदात
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में गठित टीम ने सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों को ट्रेस किया। पूछताछ में मुख्य आरोपी नेतराम देवांगन ने कबूल किया कि फाइनेंस कंपनी की किस्तों के दबाव से उबरने के लिए उसने तीन दिन तक इलाके की रेकी की और मौका देखकर चाबी लगे ट्रक को ले उड़ा।
GPS तोड़ा, बोरे बदले
पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपियों ने ट्रक का GPS सिस्टम तोड़कर फेंक दिया। शासकीय धान की पहचान छिपाने हेतु सरकारी बारदाने बदलकर धान को स्थानीय बोरों में भरकर ग्राम कंगलूटोला में छिपाया गया।
बरामदगी और गिरफ्तारी
ग्राम कोरगुडा निवासी नेतराम देवांगन (37), काशीराम देवांगन (32), तरुण उर्वसा उर्फ लल्ला (25) और धर्मेंद्र धनकर (27) को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से 179 कट्टा धान और ट्रक (CG 08 AQ 7884) जब्त हुआ। कार्रवाई में थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा व टीम तथा साइबर सेल की अहम भूमिका रही।
































