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मोतिहारी। spurious liquor Breaking : बिहार के मोतिहारी में बीते दो दिनों के भीतर जहरीली शराब के सेवन से 14 लोगों की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। पूर्वी चंपारण जिले के विभिन्न इलाकों में रहने वाले एक दर्जन लोगों का इलाज चल रहा है। उनकी भी आंखों की रोशनी जा चुकी है।

spurious liquor Breaking : पटना से मद्य निषेध विभाग और एफएसएल की टीमें मोतिहारी पहुंच रही है। पुलिस ने 7 लोगों को हिरासत में लिया है उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन अभी जहरीली शराब से मौत की पुष्टि नहीं कर रहा है। पहले शवों का पोस्टमार्टम कराने की बात कही जा रही है।

spurious liquor Breaking : जानकारी के मुताबिक पूर्वी चंपारण जिले में शनिवार को 8 और लोगों की मौत हो गई। इनमें 5 तुकौलिया, दो हरसिद्धि और एक शख्स पहाड़पुर का रहने वाला था। शुक्रवार को भी तुरकौलिया में 4 और पहाड़पुर में 4 लोगों की जान गई थी।

spurious liquor Breaking : दो दिनों के भीतर 14 लोग जान गंवा बैठे हैं। यह संख्या और बढ़ सकती है। मोतिहारी सदर अस्पताल में 10 लोगों को भर्ती कराया गया है। इनमें दो को गंभीर स्थिति में मुजफ्फरपुर रेफर किया गया है।

spurious liquor Breaking : अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों में आंखों की रोशनी कम होने और बेचैनी की शिकायत पाई गई है। वहीं, पुलिस मुख्यालय ने अब तक जिले में चार मौतों की पुष्टि की है। मुख्यालय ने जहरीली शराब से मौत की आशंका जताई है। प्रशासन का कहना है कि शवों के पोस्टमार्टम के बाद कारण सामने आएगा।

spurious liquor Breaking : बताया जा रहा है कि कई मरनेवालों के परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है। इस बीच ग्रामीणों और परिजन ने कहा है कि शराब पीने के बाद तबीयत खराब हुई थी।

0.spurious liquor Breaking : छपरा शराबकांड में गई थी 77 की जान

बता दें कि पिछले साल दिसंबर महीने में छपरा में दुखद शराबकांड हुआ था। सारण जिले के अलग-अलग गांवों में जहरीली शराब से 77 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद नीतीश सरकार सवालों के घेरे में आ गई।

विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि जो पिएगा वो मरेगा ही, उन्होंने शराबकांड के पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने से भी इनकार कर दिया।