Thursday, September 17, 2026
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कुदरत का कहर: 17 जगह फटे बादल,18 की मौत, 33 लापता….

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The Duniyadari: मंडी- हिमाचल प्रदेश में सोमवार रात कुदरत ने कहर बरपाया। प्रदेश के 17 इलाकों में बादल फटे, जिनमें से 15 अकेले मंडी जिले में, जबकि कुल्लू और किन्नौर में एक-एक जगह बादल फटा। मंडी में हालात सबसे भयावह रहे—ब्यास नदी, नाले और मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले में तबाही मचा दी। प्रदेशभर में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें से 16 मौतें मंडी में हुई हैं। 33 लोग अब भी लापता हैं और दर्जनों घायल हुए हैं।

मंडी: आठ घर बहे, 24 लोग लापता

थुनाग उपमंडल के कुकलाह में रात को बादल फटने से आठ घर बाढ़ की चपेट में आ गए। यहां 24 लोग बह गए, जिनमें से अब तक 9 के शव बरामद हो चुके हैं। गोहर के स्यांज, बाड़ा और बस्सी में भी स्थिति विकराल रही। अकेले मंडी में 24 घर और 12 गोशालाएं तबाह हो चुकी हैं। बाढ़ में 30 मवेशियों की मौत भी हुई है।

इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान, पावर प्रोजेक्ट बहा

पटिकरी के पास 16 मेगावाट का पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह बह गया है। कई पुल और सड़कें ध्वस्त हो गई हैं। टिकरी प्रोजेक्ट समेत कई जगहों से 332 लोगों को रेस्क्यू किया गया। एनडीआरएफ की टीमें लापता लोगों की खोज में जुटी हैं। ब्यास नदी का पानी मंडी शहर तक घुस आया, जिससे रातभर अफरातफरी मची रही।

हवाई सेवाएं ठप, स्कूल बंद

कांगड़ा और कुल्लू में खराब विजिबिलिटी के चलते चार उड़ानें रद्द रहीं। सिर्फ दिल्ली से एक फ्लाइट गगल एयरपोर्ट पहुंच सकी। भारी बारिश के चलते मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

हमीरपुर: ब्यास में फंसे 51 लोग रेस्क्यू

हमीरपुर के सुजानपुर उपमंडल के बल्लह गांव में ब्यास नदी के बढ़े जलस्तर के कारण 51 लोग फंस गए थे, जिन्हें पांच घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाला गया। जिले में कई सड़कें बंद और सैकड़ों पेयजल योजनाएं ठप हैं।

406 सड़कें और 171 पेयजल योजनाएं ठप

प्रदेशभर में कुल 406 सड़कें बंद हैं, जिनमें से 248 सिर्फ मंडी में हैं। बिजली के 1,515 ट्रांसफार्मर ठप होने से कई इलाके अंधेरे में हैं। पानी की 171 स्कीमें भी प्रभावित हुई हैं।

मुख्यमंत्री का बयान: 500 करोड़ का नुकसान

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि सिर्फ एक रात की बारिश और बादल फटने से 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है। 20 जून से 1 जुलाई तक प्रदेश में कुल 356.67 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

अलर्ट जारी: भारी बारिश के चार दिन ऑरेंज अलर्ट पर

मौसम विभाग ने छह दिन तक बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसमें चार दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और दो दिन येलो अलर्ट रहेगा। अगले 24 घंटे मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के लिए खास तौर पर संवेदनशील माने जा रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर हैं। लोगों से अपील है कि अफवाहों से बचें और सतर्कता बरतें। आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करें।