Friday, August 14, 2026
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अपने लिए कुछ मांगने से पहले मैं मरना बेहतर समझूंगा…’ CM हाउस से विदाई भाषण में बोले शिवराज सिंह चौहान

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न्यूज डेस्क। मध्य प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपने निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई. पत्रकारों ने पूछा कि चुनाव जीतने के बाद आपने दिल्ली नहीं जाने की बात क्यों कही थी? जवाब में शिवराज ने कहा कि अपने लिए कुछ मांगने से पहले मरना बेहतर है.

दरअसल, 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के परिणामों में बीजेपी को प्रचंड जीत मिलने पर प्रदेश के दिग्गजों ने मुख्यमंत्री पद की हसरत को लेकर दिल्ली में डेरा डाल लिया था. जब इसी संदर्भ में सवाल पूछे जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली न जाने की बात कही थी.

इसी को लेकर पूछे गए सवाल पर आज फिर शिवराज बोले, ”एक बात मैं विनम्रता के साथ कहता हूं कि अपने लिए कुछ मांगने जाने से पहले मैं मरना बेहतर समझूंगा, इसलिए मैंने कहा था कि मैं दिल्ली नहीं जाऊंगा.”

प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू करने से पहले शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में बीजेपी सरकार अधूरे कामों को पूरा करेगी और प्रगति के मामले में मध्य प्रदेश नई ऊंचाइयां छुएगा. मैं सदैव मोहन यादव को सहयोग करता रहूंगा. आज मेरे मन में संतोष का भाव है. 2003 में उमा जी के नेतृत्व में भारी बहुमत से बीजेपी सरकार बनी थी. उसी सरकार का नेतृत्व बाद में मैंने किया था. 2008 में हम फिर सरकार वापस लेकर आए, 2013 में फिर बीजेपी सरकार भारी बहुमत से बनी. 2018 में भी वोट बीजेपी को ज्यादा मिले, लेकिन सीटों के गणित में हम पिछड़ गए थे. लेकिन बाद में फिर हमने सरकार बनाई. आज जब मैं यहां से विदाई ले रहा हूं तो मुझे इस बात संतोष है कि 2023 में फिर भारी बहुमत से बीजेपी सरकार बनी है.

मेरा मन संतोष से भरा हुआ है क्योंकि लाखों कार्यकर्ताओं अथक परिश्रम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद के कारण, केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के कारण, जिसमें लाडली बहना योजना का योगदान जबरदस्त है, यह सरकार बनी.

मुझे इस बात का भी संतोष है हमें विरासत में पिछड़ा और बीमारू मध्य प्रदेश मिला था. लंबा सफर हमने विकास और प्रगति का तय किया. इन वर्षों में मैंने अपनी क्षमता और सामर्थ्य को झोंक कर प्रदेश के विकास के लिए काम किया. मैंने पूरी प्रमाणिकता, ईमानदारी के साथ प्रदेश का काम किया. इसी वजह से गड्ढों वाली सड़कों से शानदार हाइवे वाला प्रदेश बन गया. अंधेरे के घेरों से निकालकर उजालों की दुनियों में हम नए मध्य प्रदेश को लेकर आए. सामान्य शब्दों में कहें तो भट्ट सुअर से लेकर मेट्रो ट्रेन तक का सफर हमने तय किया. टपरे वाली आईटीआई से हम ग्लोबल स्किल पार्क तक पहुंचे. मेडिकल कॉलेज हो या सीएम राइज स्कूल, टूरिज्म का क्षेत्र हो या सांस्कृतिक पुर्नउत्थान का, महाकाल लोक से लेकर देवीधाम लोक तक स्थापित किए.”