The Duniyadari: बिलासपुर। शहर के कलेक्टोरेट परिसर के मुख्य गेट के सामने गुरुवार दोपहर पारिवारिक विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। करीब ढाई बजे दो महिलाओं के बीच सड़क पर जमकर मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच विवाद ऑटो से सामान उतारने को लेकर शुरू हुआ था। घटना का पूरा दृश्य आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
मामला अकलतरा क्षेत्र की रहने वाली एक युवती से जुड़ा है, जिसने सकरी परसदा निवासी युवक से प्रेम विवाह किया था। महिला के दो छोटे बच्चे हैं। महिला के मुताबिक, शादी के बाद पति और ससुराल पक्ष से उसका विवाद बढ़ता गया। उसने ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने और घर से निकालने का आरोप लगाया है। प्रेम विवाह के कारण मायके पक्ष से भी संबंध खत्म होने की बात महिला ने कही है।
महिला का कहना है कि फिलहाल उसकी सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चों की देखभाल को लेकर है। उसने बच्चों को उनके पिता और दादी के पास छोड़ने का फैसला किया था। महिला के अनुसार, जब तक उसे रोजगार नहीं मिल जाता और रहने के लिए अलग व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक बच्चों को ससुराल में रखना चाहती थी।
इसी सिलसिले में वह बच्चों को छोड़ने के बाद ऑटो से वापस लौट रही थी। आरोप है कि उसकी ननद भी उसी ऑटो में पीछे से सवार हो गई। कलेक्टोरेट के सामने महिला ने अपना सूटकेस उतारना शुरू किया, इसी दौरान दोनों के बीच बहस हो गई। स्थिति बिगड़ती देख ऑटो चालक ने दोनों को नीचे उतार दिया।
इसके बाद सड़क पर ही दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान बाइक से दो युवक वहां पहुंचे। महिला का आरोप है कि दोनों युवक उसके दोनों बच्चों को सड़क पर छोड़कर वहां से निकल गए। बच्चों को सड़क पर देखकर वह उन्हें संभालने लगी, तभी दोनों महिलाओं के बीच फिर मारपीट शुरू हो गई।
घटना के दौरान ननद ने महिला के साथ मारपीट की। कुछ देर बाद वह वहां से दूसरे ऑटो में बैठकर चली गई। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है, जिसका वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
बच्चों को सड़क पर छोड़ने का भी आरोप
महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बाइक से बच्चों को छोड़ने पहुंचे युवकों में से एक उसका पति और बच्चों का पिता था। उसके अनुसार, दोनों बच्चों को सड़क किनारे छोड़ने के बाद वे वहां से चले गए। इसके बाद वह बच्चों को अपने साथ ले गई। महिला का कहना है कि पारिवारिक विवाद के बीच बच्चों की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति और ज्यादा मुश्किल हो गई है।



















