The Duniyadari: महासमुंद। शासकीय कर्मचारियों के वेतन भुगतान में कथित तौर पर हेरफेर और सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने कार्रवाई की है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर से जुड़े इस प्रकरण में प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर सहित सहायक ग्रेड-2 के नारायण प्रसाद निर्मलकर और अकील मोहम्मद खान को निलंबित किया गया है।

जारी आदेश में नारायण प्रसाद निर्मलकर पर वेतन बिल तैयार करने के दौरान निर्धारित राशि से अधिक वेतन एवं भत्ते दर्शाने का आरोप लगाया गया है। विभाग के अनुसार, जुलाई 2024 के वेतन भुगतान में वास्तविक देय राशि की तुलना में काफी अधिक राशि दर्शाकर कोषालय से भुगतान कराया गया।
मामला यहीं तक सीमित नहीं बताया गया है। आदेश के मुताबिक मई 2025 से जनवरी 2026 के बीच तैयार किए गए नियमित वेतन बिलों में भी मूल वेतन और विभिन्न भत्तों की राशि में कथित रूप से बदलाव किया गया। ऑनलाइन बिल तैयार करने के बाद ई-बिल के जरिए बढ़ी हुई राशि का भुगतान कराया गया।
विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को सरकारी नियमों की अनदेखी से जुड़ा गंभीर मामला माना है। आदेश में वेतन देयकों में कथित हेरफेर, प्रक्रिया में अनियमितता और शासकीय धन को नुकसान पहुंचाने के आरोपों का उल्लेख किया गया है।
प्रभारी प्राचार्य समेत दो अन्य पर भी कार्रवाई
इसी प्रकरण में प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान को भी निलंबित किया गया है। दोनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
निलंबन के दौरान संबंधित कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। विभागीय आदेश के बाद विद्यालय से जुड़े वेतन भुगतान की प्रक्रिया और जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका को लेकर मामला गंभीर जांच के दायरे में आ गया है।



















