Tuesday, October 20, 2026
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काम की खबर: आज से ज्वैलर्स नहीं बेच पाएंगे बिना हॉलमार्क लगा सोना, 6 अंकों का कोड, जानें 18K750 कोड का मतलब

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नई दिल्ली। आज से यानी 1 अप्रैल कोई भी ज्वैलर बिना हॉलमार्क टैग के सोना नहीं बेच सकेंगे। अब सोने पर 6 अंकों का कोड दर्ज होगा। बता दें कि आप ज्वैलर से जो सोना खरीद रहे हैं, वह शुद्ध है या नहीं है। इसकी शुद्धता की जांच भारतीय मानक ब्यूरो यानी BSI करती है।

यह संस्था सोना, चांदी और दूसरे कीमती धातुओं से बने ज्वैलरी या कलाकृतियों की जांच करता है। अगर धातु शुद्ध है तो इसे एक मार्क दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को ही हॉलमार्क कहते हैं। देशभर में सोने पर ट्रेड मार्क देने के लिए 940 सेंटर बनाए गए हैं।

0.हॉलमार्क वाले सोने की पहचान करना काफी आसान

हॉलमार्क वाले सोने की पहचान करना काफी आसान होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि जैसे आधार कार्ड पर 12 अंकों का कोड होता है, उसी तरह से सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड होगा। इसे हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं।

ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। इस नंबर के जरिए सोना को ट्रेस करके ये पता करना संभव होगा कि कोई सोना कितने कैरेट का है।

इन 5 तरह से पहचान

1. बीआईएस मार्क: हर ज्वैलरी पर भारतीय मानक ब्यूरो का ट्रेडमार्क यानी लोगो होगा।

2. कैरेट में प्योरिटी: हर ज्वैलरी की कैरेट या फाइनेंस में प्योरिटी होगी।

3. मान लीजिए सोने पर 22K916 लिखा है, इसका मतलब ये हुआ कि यह 22 कैरेट सोना है और यह 91.6% शुद्ध है।

4. सोने पर 18K750 लिखा है, इसका मतलब ये हुआ कि यह 18 कैरेट सोना है और यह 75% शुद्ध है।

5. सोने पर 14K585 लिखा है, इसका मतलब ये हुआ कि यह 14 कैरेट सोना है और यह 58.5% शुद्ध है।