Tuesday, March 3, 2026
Home रायपुर कोयला लेवी घोटाला: ईडी ने सौम्या चौरसिया व निखिल चंद्राकर की 2.66...

कोयला लेवी घोटाला: ईडी ने सौम्या चौरसिया व निखिल चंद्राकर की 2.66 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कीं

23

The Duniyadari : रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई तेज करते हुए एक और बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने पूर्व मुख्यमंत्री की तत्कालीन उप-सचिव सौम्या चौरसिया और आरोपी निखिल चंद्राकर से जुड़ी लगभग 2.66 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया।

रिश्तेदारों के नाम पर निवेश का खुलासा

जांच के दौरान ईडी को यह जानकारी मिली है कि इन संपत्तियों को सीधे आरोपियों के नाम पर न खरीदकर उनके परिजनों के नाम पर लिया गया था, ताकि अवैध कमाई को छिपाया जा सके। कुर्क की गई संपत्तियों में शहर के प्रमुख इलाकों की जमीन और आवासीय फ्लैट शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसी का कहना है कि इनकी खरीद उसी रकम से की गई, जो कोयला लेवी और अन्य गैरकानूनी वसूली से अर्जित की गई थी।

540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का आरोप

ईडी की जांच के अनुसार यह पूरा नेटवर्क जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच सक्रिय रहा। इस दौरान कोयला परिवहन से जुड़े कारोबारियों से प्रति टन 25 रुपये की दर से अवैध वसूली की जाती थी। अनुमान है कि करीब दो साल में इस तरीके से लगभग 540 करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए। एजेंसी का दावा है कि इस रकम का इस्तेमाल चुनावी खर्च, अधिकारियों-नेताओं को लाभ पहुंचाने और बेनामी संपत्तियां खड़ी करने में किया गया।

अब तक की कार्रवाई

कोयला लेवी घोटाले में ईडी अब तक सख्त रुख अपनाए हुए है। अब तक लगभग 273 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि विशेष अदालत में 35 आरोपियों के खिलाफ पांच अभियोजन शिकायतें (चार्जशीट) दाखिल की जा चुकी हैं।

जांच कैसे शुरू हुई

इस मामले की जांच बेंगलुरु पुलिस की एफआईआर, आयकर विभाग की शिकायतों और छत्तीसगढ़ ईओडब्ल्यू/एसीबी में दर्ज प्रकरणों के आधार पर शुरू की गई थी। ईडी ने संकेत दिए हैं कि राज्य में अवैध वसूली के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए आगे भी जांच और छापेमारी जारी रहेगी।