The Duniyadari: कोरबा- ग्राम ढपढप में आयोजित पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की श्री हनुमंत कथा के दौरान मंगलवार दोपहर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब पास होने के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आयोजन स्थल में प्रवेश से रोक दिया गया। पुलिस द्वारा आगे जाने से रोकने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई और मौके पर काफी देर तक बहस की स्थिति बनी रही।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने पास की जांच के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों को आगे जाने से मना कर दिया। इस दौरान कथित तौर पर पास फाड़ देने तक की बात सामने आई, जिससे जनप्रतिनिधि भड़क गए और उन्होंने विरोध जताते हुए अपने पास दिखाकर प्रवेश की मांग की। घटना के चलते कुछ समय के लिए स्थल पर अफरा-तफरी और अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर शुरुआत से ही भ्रम की स्थिति बनी हुई है। आरोप है कि स्थानीय आयोजन समिति के बजाय बाहरी लोगों की दखलंदाजी अधिक होने के कारण बार-बार धक्का-मुक्की और बहस जैसी स्थिति बन रही है।
मंगलवार को पार्षद रामकुमार साहू, टोमेश यादव, सरोज शांडिल्य, प्रीति शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि अपने परिवार के साथ कथा स्थल पहुंचे थे। लेकिन उन्हें प्रवेश से रोक दिया गया, जिससे नाराजगी और बढ़ गई।
घटना के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि जब आयोजन समिति और नगर निगम के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को पास जारी किए गए थे, तो उन्हें मान्यता क्यों नहीं दी गई। यह भी चर्चा है कि क्या पुलिस को अलग से निर्देश दिए गए थे या फिर मौके पर व्यवस्थाओं में समन्वय की कमी के कारण यह स्थिति बनी।
फिलहाल घटना के बाद व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है और आयोजन समिति से स्पष्टता की मांग की जा रही है।















