Saturday, April 25, 2026
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कोरबा में हाथियों की बढ़ती हलचल से दहशत, दंतैल झुंड में शामिल, कई गांवों में नुकसान

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The Duniyadari : कोरबा। कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में पहुंचा एक दंतैल हाथी अब तीन हाथियों के समूह का हिस्सा बन गया है और यह झुंड सक्ती रेंज की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उधर, कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज में सक्रिय एक अन्य दंतैल हाथी गांवों में घुसकर लगातार मकानों और फसलों को क्षति पहुंचा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

वन विभाग के अनुसार, हाल के दिनों में कटघोरा और कोरबा क्षेत्र में तीन ग्रामीणों की मौत से जुड़े घटनाक्रम के बाद यही दंतैल करतला रेंज तक पहुंचा था। बीते कुछ दिनों से वह बड़मार इलाके में झुंड में शामिल होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अन्य हाथी उसे दूर भगा रहे थे। अब वह सफलतापूर्वक झुंड में शामिल हो चुका है।

अलग-अलग इलाकों में हाथियों की मौजूदगी

कोरबा वन मंडल में इस समय कुल 11 हाथी सक्रिय बताए जा रहे हैं। कुदमुरा रेंज के ग्राम गुरमा क्षेत्र में एक मादा हाथी अपने शावकों के साथ विचरण कर रही है। करतला रेंज के चिकनीपाली जंगल में आठ हाथियों का समूह देखा गया है, जबकि केराकछार इलाके में एक दंतैल हाथी सक्रिय है।

इस दंतैल ने ग्राम संदरी सेंद्रीपाली में गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ ही एक बाउंड्रीवॉल को भी तोड़ दिया, जिससे स्थानीय लोग सहमे हुए हैं।

कटघोरा वन मंडल में स्थिति गंभीर

कटघोरा वन मंडल में 53 से अधिक हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। यहां अकेले घूम रहे एक दंतैल हाथी ने ग्राम अमाटिकरा के एक मोहल्ले में त्रिभुवन रावत के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के दौरान परिवार को दूसरे कमरे में छिपकर जान बचानी पड़ी। इससे पहले भी यही हाथी फुलसर और कोरबी गांवों में नुकसान कर चुका है।

वन विभाग सतर्क, लगातार निगरानी

कोरबा के एसडीओ एस.के. सोनी ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनके मूवमेंट के अनुसार ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग की टीमें 24 घंटे गश्त कर रही हैं। लोगों को हाथियों के नजदीक न जाने और जंगल की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की सक्रियता के कारण उन्हें रातों को जागकर पहरा देना पड़ रहा है और शाम ढलते ही घरों में सीमित होकर रहना मजबूरी बन गया है। वन विभाग की ओर से जागरूकता बढ़ाने और सावधानी बरतने की अपील की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की जनहानि से बचा जा सके।