The Duniyadari: रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने राज्य के युवाओं और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के अभ्यर्थियों की समस्याओं को लेकर राज्यपाल और आयोग प्रबंधन को पत्र लिखकर दो प्रमुख मुद्दों पर शीघ्र निर्णय की मांग की है।
उन्होंने कहा है कि प्रारंभिक परीक्षा परिणाम और मुख्य परीक्षा के बीच पर्याप्त अंतराल न मिलने से अभ्यर्थियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। परंपरा के अनुसार यह अवधि लगभग 100 दिनों की होती रही है, जिससे उम्मीदवारों को विस्तृत तैयारी और उत्तर लेखन का अभ्यास करने का समय मिलता था। लेकिन इस वर्ष परिणाम 25 मार्च को जारी होने के बाद मुख्य परीक्षा 16 मई से निर्धारित की गई है, जिससे केवल लगभग 51 दिन का समय ही मिल पा रहा है। इसे उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए मानसिक दबाव बढ़ाने वाला और “नैसर्गिक न्याय” के सिद्धांत के विपरीत बताया है।
दूसरी ओर, उन्होंने परीक्षा शुल्क वापसी की प्रक्रिया को भी जटिल बताया है। वर्तमान व्यवस्था में अभ्यर्थियों से दोबारा बैंक विवरण मांगे जाते हैं, जिसके कारण कई उम्मीदवार तकनीकी कारणों या समय सीमा की कमी से रिफंड प्राप्त नहीं कर पाते। उन्होंने सुझाव दिया है कि आवेदन के समय जिस बैंक खाते से शुल्क का भुगतान किया गया है, उसी खाते में परीक्षा में शामिल होने के बाद स्वतः राशि वापस की जानी चाहिए, ताकि प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बन सके।
चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री और आयोग अध्यक्ष से अपील की है कि पुरानी परंपराओं को ध्यान में रखते हुए परीक्षा तिथि में आवश्यक संशोधन किया जाए और शुल्क वापसी की प्रणाली को अधिक आसान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

















