The Duniyadari: गायता जोहारनी कार्यक्रम के बाद ग्रामीणों ने उठाया कदम, मुंगवाल गांव के बाद अंतागढ़ क्षेत्र में भी सामने आया ऐसा मामला
भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में धर्मांतरण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध की गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में हैं। अंतागढ़ क्षेत्र के कानागांव में ग्रामीणों ने गांव की सीमा पर एक सूचना बोर्ड लगाया है, जिसमें पास्टर-पादरियों के प्रवेश पर प्रतिबंध की बात लिखी गई है। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों और ग्रामीणों की आपत्तियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पारंपरिक आयोजन के बाद गांव की सीमा पर लगाया बोर्ड
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत कानागांव में 11 अक्टूबर को सेक्टर स्तरीय गायता जोहारनी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद गांव के प्रवेश मार्ग पर यह बोर्ड लगाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्रामीण धर्मांतरण के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से गांव की सीमा पर यह सूचना प्रदर्शित की गई है।
मुंगवाल के बाद कानागांव में भी सामने आया मामला
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र के मुंगवाल गांव में भी इससे पहले इसी तरह का बोर्ड लगाए जाने की खबर सामने आई थी। उस घटनाक्रम के बाद यह मुद्दा जिले से बाहर भी चर्चा में आया था। अब अंतागढ़ क्षेत्र के कानागांव में ऐसी पहल सामने आने से धर्मांतरण को लेकर जारी बहस फिर तेज हो गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
कानागांव में लगाए गए बोर्ड को लेकर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया फिलहाल सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि बोर्ड लगाने के संबंध में प्रशासन क्या कदम उठाएगा और संबंधित नियमों के तहत इस मामले की समीक्षा की जाएगी या नहीं।
गौरतलब है कि धार्मिक स्वतंत्रता, स्थानीय परंपराओं और गांवों में सामाजिक सौहार्द से जुड़े विषय संवेदनशील हैं। ऐसे मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों की बात और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।















