Sunday, November 1, 2026
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पीएम आवास के लिए रेत ले जा रहा था हितग्राही, माइनिंग की कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद; SDM कार्यालय के सामने भूख हड़ताल की चेतावनी

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The Duniyadari: गरियाबंद। जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के बीच अब पीएम आवास योजना से जुड़ा मामला सामने आया है। देवभोग क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान के लिए रेत लेकर जा रहे ट्रैक्टर को खनिज विभाग द्वारा जब्त किए जाने के बाद हितग्राही ने प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की है। उसने कलेक्टर के नाम एसडीएम कार्यालय में आवेदन देकर वाहन और रेत को जल्द छोड़े जाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर उसने एसडीएम कार्यालय के सामने भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।

मामला 7 अक्टूबर का बताया जा रहा है। जिला खनिज अधिकारी अर्चना ठाकुर खोखसरा में आयोजित सेवा सेतु शिविर में शामिल होने गई थीं। वापसी के दौरान मूंगिया नाला के पास रेत से भरे एक ट्रैक्टर को रोककर जब्त किया गया और आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया।

आवास निर्माण के लिए मंगाई थी रेत

देवभोग नगर पंचायत के वार्ड नंबर 7 निवासी पीएम आवास हितग्राही सनत नागेश का कहना है कि उसका मकान निर्माणाधीन है। क्षेत्र में रेत की खदानें बंद होने के कारण उसने अपने परिजन के ट्रैक्टर से निर्माण कार्य के लिए रेत मंगाई थी। उसके अनुसार, उसे मौखिक तौर पर अपने स्तर पर रेत की व्यवस्था करने की जानकारी दी गई थी।

सनत का कहना है कि ट्रैक्टर उसकी जिम्मेदारी पर रेत लेकर आ रहा था। वाहन जब्त होने के बाद उसे आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उसने प्रशासन से तीन दिन के भीतर ट्रैक्टर और रेत छोड़ने की मांग की है।

ई-पोर्टल से रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था

मामले में जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने कहा कि पीएम आवास हितग्राहियों को रेत उपलब्ध कराने के लिए ई-पोर्टल की व्यवस्था की गई है। हितग्राहियों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत बिना रॉयल्टी रेत उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने पूरे मामले को संज्ञान में लेने की बात कही है।

कार्रवाई को लेकर उठे सवाल

इस कार्रवाई को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर ने भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पीएम आवास हितग्राहियों के लिए सरकार ने रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई है। ऐसे में पहले हितग्राहियों का पंजीयन कराने और उन्हें नियमों की जानकारी देने की जरूरत थी। उनका कहना है कि सीधे वाहन जब्त करने के बजाय पहले चेतावनी या जागरूकता के जरिए समस्या का समाधान किया जा सकता था।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि प्रशासन को अवैध रेत परिवहन के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई करनी चाहिए। उनके मुताबिक, क्षेत्र में बड़ी संख्या में रेत से भरे वाहन और अवैध गतिविधियां चलने की शिकायतें हैं। ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय पीएम आवास के हितग्राही के वाहन पर कार्रवाई किए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

खनिज अधिकारी का पक्ष नहीं मिल सका

मामले को लेकर जिला खनिज अधिकारी अर्चना ठाकुर से मोबाइल पर संपर्क करने और मैसेज के जरिए उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अब प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखने वाली बात होगी।