Tuesday, May 12, 2026
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बिजली कर्मचारियों की आवाज पहुंची महंत दंपत्ति तक

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बिजली कर्मचारियों की आवाज पहुंची महंत दंपत्ति तक

ओपीएस, सीधी भर्ती और संविदा नियमितीकरण को लेकर जनता यूनियन ने सौंपा ज्ञापन

● ओपीएस, नियमितीकरण और सीधी भर्ती को लेकर सौंपा ज्ञापन

● ठेका एवं आउटसोर्स प्रथा खत्म कर नियमित भर्ती की उठी मांग

● 1320 मेगावाट पावर प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग तेज

● प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में जारी जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान

● अब तक 40 से अधिक विधायक, मंत्री और सांसदों तक पहुंची कर्मचारियों की आवाज

The Duniyadari: रायपुर/कोरबा- 

पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, ठेका एवं आउटसोर्स प्रथा की समाप्ति, सीधी एवं नियमित भर्ती तथा कोरबा में निर्माणाधीन 1320 मेगावाट पावर प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने जैसे महत्वपूर्ण कर्मचारीहित एवं जनहित मुद्दों को लेकर विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन का आंदोलनात्मक अभियान लगातार तेज होता जा रहा है।

इसी कड़ी में यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत एवं सांसद श्रीमती ज्योत्स्ना चरणदास महंत से मुलाकात कर विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा तथा विस्तार से चर्चा की। यह प्रतिनिधिमंडल प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी के नेतृत्व एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष सम्मेलाल श्रीवास के संयोजन में उनसे मिला।

प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद महोदया को बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने विद्युत कंपनियों में वर्ष 2004 के बाद नियुक्त नियमित कर्मचारियों के लिए अन्य शासकीय विभागों की तरह पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद यह विषय ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इससे सैकड़ों कर्मचारी अपने भविष्य और सामाजिक सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत कंपनियों में ओपीएस से वंचित कर्मचारियों हेतु पुरानी पेंशन योजना लागू करने से सरकार पर कोई बड़ा वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा।

उन्होंने आगे कहा कि लगभग 10 वर्ष पूर्व विभागीय विज्ञापन एवं पूर्ण भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त संविदा कर्मचारियों को आज तक नियमित नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। ये कर्मचारी अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हुए प्रदेश के अनेक ब्लॉक एवं तहसील क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था संभाल रहे हैं। जरूरत पड़ने पर 24 घंटे तक सेवाएं देने वाले इन कर्मचारियों के कार्य की प्रकृति एवं खतरे को देखते हुए नियमितीकरण अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा अनेक कर्मचारी असमय दुर्घटनाओं एवं जानलेवा परिस्थितियों के शिकार हो सकते हैं।

अनिल द्विवेदी ने कहा कि विद्युत कंपनियों में लगातार ठेका एवं आउटसोर्स व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो न केवल कर्मचारियों के हितों के साथ अन्याय है बल्कि कंपनियों को निजीकरण की दिशा में धकेलने का प्रयास भी है। वर्तमान में कंपनियों की वित्तीय व्यवस्था एवं राजस्व संकलन का बड़ा हिस्सा आउटसोर्स कर्मचारियों के माध्यम से संचालित हो रहा है, जिससे कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में आर्थिक घाटा और बढ़ सकता है। इसलिए ठेका एवं आउटसोर्स प्रथा समाप्त कर नई सीधी एवं नियमित भर्तियां की जानी चाहिए, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें और कंपनियों की आर्थिक व्यवस्था भी मजबूत हो सके।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत एवं सांसद श्रीमती ज्योत्स्ना महंत ने ज्ञापन के प्रत्येक बिंदु पर गंभीरता से चर्चा की और कर्मचारियों द्वारा रखी गई समस्याओं एवं तथ्यों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि विद्युत कर्मचारी प्रदेश के “रोशनी के सिपाही” हैं और उन्हें ओपीएस जैसे हितलाभ शीघ्र मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घोषणा किए जाने के बावजूद इसे लागू नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के संबंध में उन्होंने आश्वस्त किया कि इस विषय पर सरकार से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

भेंटकर्ता प्रतिनिधिमंडल में प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी, प्रांतीय उपाध्यक्ष सम्मेलाल श्रीवास, प्रांतीय संयुक्त संगठन सचिव उदय राठौर, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य सागर देवांगन, अध्यक्ष (कोरबा वृत्त) लक्ष्मी प्रसाद यादव, अध्यक्ष उत्पादन शाखा (कोरबा पूर्व) सुखीदास महंत, कोरबा वृत्त संगठन सचिव कुशल सोनवानी, जनरेशन शाखा (कोरबा पश्चिम) कोषाध्यक्ष जॉर्ज के. थंकाचंद, उत्पादन शाखा (कोरबा पूर्व) सचिव प्रमोद कुमार राठौर, देव निर्मलकर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।