The Duniyadari: नई दिल्ली में महिला आरक्षण को लेकर संसद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीन संशोधन प्रस्तावों पर मतदान हुआ, जिसमें 251 वोट पक्ष में और 185 वोट विपक्ष में पड़े। इसके साथ ही परिसीमन बिल लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि महिला आरक्षण को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यह कदम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम साबित होगा।
सदन में इस मुद्दे पर करीब 12 घंटे तक लंबी चर्चा शुरू हुई, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। विपक्षी दलों ने परिसीमन से पहले महिला आरक्षण लागू करने की मांग की, जबकि सरकार ने कहा कि संविधानिक प्रावधानों के तहत परिसीमन के बाद ही आरक्षण लागू किया जा सकता है।
यह मामला नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि जनगणना और परिसीमन के बाद ही इस कानून को लागू किया जाएगा।
चर्चा के दौरान कई सांसदों ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया, वहीं कुछ नेताओं ने परिसीमन प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठाए। फिलहाल, प्रस्ताव पारित होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।















