The Duniyadari: ग्वालियर। ग्वालियर जीआरपी ने मानव तस्करी से जुड़े एक कथित नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार विदेशी युवतियों को बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, ये युवतियां म्यांमार मूल की हैं और बांग्लादेश के शरणार्थी शिविर से अवैध तरीके से भारत लाई गई थीं। मामले में दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में युवतियों को भारत लाने के बाद जम्मू में उनकी शादी कराने की बात सामने आई है।
मामले की शुरुआत जीआरपी कंट्रोल रूम को मिली एक सूचना से हुई। सूचना थी कि स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के जनरल कोच में एक व्यक्ति अपने साथी के साथ संदिग्ध तरीके से सफर कर रहा है और उसका संबंध म्यांमार व बांग्लादेश से युवतियों को भारत लाकर उनकी शादी कराने वाले नेटवर्क से है। सूचना पर जीआरपी थाना प्रभारी दीपशिखा तोमर टीम के साथ ट्रेन में पहुंचीं और संदिग्ध हुलिए के आधार पर एक युवक को पकड़ लिया।
पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान मुबीन के रूप में बताई। पुलिस के मुताबिक वह मूल रूप से म्यांमार का निवासी है और करीब चार साल से हैदराबाद में रह रहा था। उसके पास से शरणार्थी कार्ड भी मिला। पूछताछ आगे बढ़ने पर उसने अपने साथी मो. हसन के बारे में जानकारी दी।
पुलिस टीम ने मुबीन से मिली जानकारी के आधार पर अलीगढ़ में कार्रवाई की, जहां उसके कथित साथी मो. हसन को हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान उसके पास से चार युवतियां मिलीं। पुलिस के अनुसार, चारों बांग्लादेश स्थित कुतुपालम शरणार्थी शिविर से जुड़ी हुई बताई गई हैं।
भाषा संबंधी परेशानी के कारण पुलिस को युवतियों से बातचीत के लिए ट्रांसलेटर की सहायता लेनी पड़ी। प्रारंभिक पूछताछ में युवतियों ने बताया कि उन्हें नदी और पहाड़ी इलाकों के रास्ते सीमा पार कराकर भारत लाया गया था। पुलिस को आशंका है कि भारत में उनके प्रवेश और आगे की गतिविधियों के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
फिलहाल जीआरपी पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के संपर्कों, युवतियों को भारत लाने की व्यवस्था करने वालों और जम्मू में शादी कराने वाले कथित लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।















