Monday, August 3, 2026
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मानिकपुर खदान विस्तार परियोजना पर बढ़ा विरोध, जायज मांगें पूरी किए बिना जनसुनवाई स्वीकार नहीं : जयसिंह अग्रवाल

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The Duniyadari: कोरबा। मानिकपुर खदान विस्तार परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। भिलाई खुर्द क्रमांक-1, 2 एवं 3, बरबसपुर, कर्रानाला, कदमहाखार, इमलीडुग्गू, रापाखर्रा, मानिकपुर, दादर खुर्द, ढेलवाडीह और कुदरी बस्ती सहित आसपास के अनेक गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

ग्रामीणों ने बताया कि उनकी मांगों को लेकर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल पहले ही एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) को पत्र लिखकर 21 अगस्त 2026 को प्रस्तावित जनसुनवाई से पहले सभी लंबित मामलों के निराकरण का आग्रह कर चुके हैं। इसके बावजूद आज तक एसईसीएल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जिन परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें सूची में शामिल किया जाए, पुनर्वास और रोजगार से जुड़े सभी लंबित मामलों का समाधान किया जाए तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को न्याय मिले। इन मांगों के पूरा होने तक वे किसी भी स्थिति में जनसुनवाई का समर्थन नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी न्यायोचित मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो सभी प्रभावित ग्रामीण एकजुट होकर प्रस्तावित जनसुनवाई का पुरजोर विरोध करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे जल्द ही अपनी मांगों एवं आपत्तियों का विस्तृत ज्ञापन कलेक्टर कोरबा को सौंपेंगे। इसकी प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक, महाप्रबंधक (मानिकपुर क्षेत्र) तथा मुख्य महाप्रबंधक, एसईसीएल कोरबा को भी भेजी जाएगी।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि प्रभावित ग्रामीणों की मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं। किसी भी विकास परियोजना के नाम पर लोगों के अधिकारों का हनन स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को उनका वैधानिक मुआवजा, समुचित पुनर्वास और रोजगार संबंधी अधिकार सुनिश्चित नहीं किए जाते, तब तक परियोजना को आगे बढ़ाना न्यायोचित नहीं होगा।

उन्होंने एसईसीएल प्रबंधन से जनसुनवाई से पहले सभी लंबित मामलों का पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण करने की मांग करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ और जनसुनवाई के दौरान विरोध की स्थिति बनी तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं एसईसीएल प्रबंधन की होगी।

जयसिंह अग्रवाल ने अंत में कहा कि वे पहले भी प्रभावित ग्रामीणों के साथ थे, आज भी उनके साथ हैं और भविष्य में भी उनके न्यायपूर्ण अधिकारों की लड़ाई में हर स्तर पर मजबूती से खड़े रहेंगे।