The Duniyadari: एमसीबी- मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत वितरित किए गए मंगलसूत्र की गुणवत्ता को लेकर जिले में विवाद खड़ा हो गया है। सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुई कई महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें जो मंगलसूत्र दिया गया था, वह कुछ ही महीनों में काला पड़ गया। इस शिकायत के बाद योजना के तहत वितरित सामग्री की गुणवत्ता और खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि 10 फरवरी को आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। समारोह के दौरान शासन की ओर से नवदंपतियों को विभिन्न उपहार सामग्री दी गई थी, जिनमें मंगलसूत्र भी शामिल था। अब कुछ लाभार्थी महिलाओं का कहना है कि उन्हें यह मंगलसूत्र चांदी का बताया गया था, लेकिन इस्तेमाल के कुछ समय बाद ही उसका रंग बदलने लगा।
महिलाओं का आरोप है कि जांच कराने पर उन्हें इसकी गुणवत्ता अपेक्षा के अनुरूप नहीं लगी। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत करते हुए इसकी जांच की मांग की है। कई लाभार्थियों ने यह भी कहा कि यदि उपहार सामग्री की जगह उन्हें निर्धारित आर्थिक सहायता दी जाती, तो वे अपनी पसंद और भरोसेमंद गुणवत्ता का सामान खरीद सकती थीं।
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि यदि सामग्री की गुणवत्ता में गड़बड़ी हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं प्रशासन का कहना है कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लाभार्थियों और स्थानीय लोगों की नजरें जांच प्रक्रिया और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।















