Monday, September 14, 2026
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वरिष्ठता की अनदेखी पर हाई कोर्ट सख्त, अमित शांडिल्य को डीआईजी जेल बनाने का आदेश

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The Duniyadari :हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: जेल विभाग में वरिष्ठता को मिली अहमियत

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जेल विभाग से जुड़े पदोन्नति विवाद में अहम निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि वरिष्ठता और नियमों की अनदेखी कर किया गया प्रमोशन टिकाऊ नहीं है। अदालत ने अमित शांडिल्य को डीआईजी जेल के पद पर पदोन्नत करने के निर्देश दिए हैं, वहीं एसएस तिग्गा को दिया गया डीआईजी पद का प्रमोशन निरस्त कर दिया गया है।

मामले में जगदलपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक पद पर कार्यरत अमित शांडिल्य ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में उनकी वरिष्ठता और तय योग्यता मानकों को नजरअंदाज कर दिया गया। वरिष्ठता सूची में शीर्ष पर होने के बावजूद उन्हें दरकिनार कर जूनियर अधिकारी को डीआईजी बनाया गया।

शांडिल्य ने अपनी याचिका में गृह विभाग के प्रमुख सचिव, महानिदेशक जेल, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग सहित संबंधित अधिकारी को पक्षकार बनाया था। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ में हुई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पदोन्नति प्रक्रिया में सेवा नियमों और वरिष्ठता के मूल सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने माना कि इस आधार पर एसएस तिग्गा का डीआईजी पद पर प्रमोशन उचित नहीं है। अंततः हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि वरिष्ठ अधिकारी अमित शांडिल्य को डीआईजी जेल के पद पर पदोन्नति दी जाए।