Tuesday, September 8, 2026
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व्यवस्थाओं से नाराज छात्राओं ने उठाया बड़ा कदम, 30 किमी दूर कलेक्टोरेट के लिए पैदल निकलीं

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The Duniyadari: एकलव्य विद्यालय की बदहाल व्यवस्था से नाराज छात्राओं का पैदल मार्च, कलेक्टर से मिलने पर अड़ीं

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं से नाराज करीब 45 छात्राओं ने अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाने के लिए सोमवार को पैदल अंबिकापुर की ओर रुख कर लिया। छात्राएं विद्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित कलेक्टोरेट जाने के लिए निकली थीं। लगभग छह किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं को समझाने का प्रयास किया।

छात्राओं की मुख्य शिकायत हॉस्टल में लंबे समय से बनी बिजली की समस्या को लेकर थी। उनका कहना था कि करीब तीन महीने से बिजली व्यवस्था प्रभावित है। इसके अलावा मेस में साफ-सफाई की स्थिति और पढ़ाई की व्यवस्था को लेकर भी छात्राओं ने नाराजगी जताई। उन्होंने फिजिक्स और केमिस्ट्री की कक्षाएं नियमित नहीं लगने की बात कही।

कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़ी छात्राएं

मार्च की सूचना मिलने पर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला सहित अन्य अधिकारियों ने छात्राओं को रोकने और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाने की कोशिश की। हालांकि छात्राएं किसी अन्य अधिकारी से बातचीत के बजाय सीधे कलेक्टर से मिलने की मांग करती रहीं।

बाद में प्रशासन ने बस की व्यवस्था कर छात्राओं को कलेक्टोरेट पहुंचाया। यहां छात्राओं ने कलेक्टर अजीत वसंत के सामने अपनी समस्याएं रखीं। इसी दौरान थकान और तनाव के चलते एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। छात्रा को तत्काल एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।

बिजली, शिक्षकों और मेस व्यवस्था में सुधार के निर्देश

कलेक्टर अजीत वसंत ने छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। हॉस्टल की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने, शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने तथा मेस की साफ-सफाई बेहतर कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे। बातचीत के बाद छात्राओं को बस के माध्यम से वापस हॉस्टल भेज दिया गया।