The Duniyadari: सुकमा, 14 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के उपनिरीक्षक देवानंद यादव की मौत का मामला चर्चा में है। 131वीं बटालियन में तैनात देवानंद यादव मेट्टागुड़म कैंप में पदस्थ थे। घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। इस मामले में सामने आई शुरुआती खबरों में मौत की वजह को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं।
कैंप में गोली लगने के बाद अस्पताल में हुई मौत
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रात में गोली चलने की आवाज सुनकर कैंप में मौजूद जवान मौके पर पहुंचे। देवानंद यादव को गंभीर हालत में प्राथमिक उपचार दिया गया और फील्ड एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए इल्मागुड़ा कैंप ले जाया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की।
मौत की वजह को लेकर अलग-अलग दावे
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि देवानंद यादव ने अपने सर्विस हथियार से खुद को गोली मारी थी। वहीं, उत्तर प्रदेश के देवरिया से प्रकाशित कुछ खबरों में गश्त से लौट रही टीम पर नक्सली हमले के दौरान उनके मारे जाने की जानकारी दी गई है। इसलिए घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर किसी एक कारण को अंतिम रूप से सही नहीं माना जा सकता।
देवरिया के करजहां गांव के निवासी थे जवान
देवानंद यादव उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के करजहां गांव के निवासी बताए गए हैं। उनकी मौत की खबर से पैतृक गांव में शोक का माहौल है। उनके पार्थिव शरीर को गांव पहुंचाने और अंतिम संस्कार की तैयारियों की जानकारी भी स्थानीय मीडिया में सामने आई है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की स्थिति
घटना की परिस्थितियों और मौत के कारणों को लेकर जांच महत्वपूर्ण है। पुलिस तथा संबंधित सुरक्षा अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपनिरीक्षक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।














