Tuesday, March 17, 2026
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प्रेम, कारोबार और आरोपों के बीच घिरा डीएसपी वर्मा–टंडन प्रकरण, आईजी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

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The Duniyadari : रायपुर। छत्तीसगढ़ में चर्चित डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम कारोबारी दीपक टंडन विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। वर्ष 2025 के अंत में चर्चा में आया यह मामला अब 2026 की शुरुआत में अपनी निर्णायक स्थिति की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। प्रकरण की जाँच अंतिम चरण में बताई जा रही है और जल्द ही रायपुर रेंज आईजी को जाँच रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, डीएसपी कल्पना वर्मा जाँच के दौरान अपने बचाव में लगातार बयान दर्ज कराने की कवायद कर रही हैं, जबकि कारोबारी दीपक टंडन ने अपनी आय-व्यय से जुड़ा विस्तृत वित्तीय ब्यौरा पुलिस को उपलब्ध करा दिया है। जाँच एजेंसियों के समक्ष लेन-देन, डिजिटल भुगतान, बैंक खातों, आभूषणों की खरीद-फरोख्त और कारोबारी सीमाओं से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं।

मामले में यह भी सामने आया है कि डीएसपी कल्पना वर्मा द्वारा लगाए गए 75 लाख रुपये के लेन-देन के आरोपों को लेकर उनके बयान बार-बार बदल रहे हैं। पिता के रिटायरमेंट से प्राप्त राशि से जुड़े दावों को भी जाँच में ठोस आधार नहीं मिल पा रहा है। सूत्र बताते हैं कि दंतेवाड़ा पुलिस ने भी डीएसपी की कार्यप्रणाली की पृथक जाँच शुरू की है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जाँच में यह भी तथ्य सामने आए हैं कि दीपक टंडन ने विभिन्न बैंकों से मिली कारोबारी लिमिट का उपयोग किया था और शहर के कई आभूषण व्यापारियों के खातों में बड़ी रकम का भुगतान दर्ज है। टंडन की ओर से लगभग 2 करोड़ 28 लाख रुपये के लेन-देन, आभूषणों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का विवरण पुलिस को सौंपा गया है। डीएसपी के खाते में एक लाख रुपये से अधिक की डिजिटल राशि ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी जाँच का हिस्सा है।

सूत्रों का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में दस्तावेजी और डिजिटल सबूतों का पुलिंदा काफी बड़ा हो चुका है, जिसका वजन करीब 30 किलो आंका जा रहा है। निष्पक्ष जाँच के लिए आईजी रायपुर रेंज द्वारा कड़े निर्देश जारी किए गए हैं और दोनों पक्षों के हर एंगल से तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

दीपक टंडन और उनकी पत्नी द्वारा पूर्व में पंडरी और खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप भी सामने आया है। मीडिया में मामला उछलने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जाँच रायपुर पुलिस को सौंपी गई थी, जो पिछले चार महीनों से जारी है।

कारोबारी दीपक टंडन ने बयान में कहा है कि उन्होंने जाँच एजेंसियों को मांगे गए सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं और अब निष्पक्ष निर्णय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों पर निर्भर है। वहीं, पुलिस महकमे में यह चर्चा भी है कि इस प्रकरण से जुड़े अन्य शिकायतकर्ता भविष्य में सामने आ सकते हैं।

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डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम दीपक टंडन मामला अब प्रेम, कारोबार और अपराध के आरोपों के ताने-बाने से निकलकर पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता की कसौटी बन गया है। जाँच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला किस दिशा में जाता है।