The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में गृह और जेल विभाग की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ पुलिस व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाया जा रहा है।
गृहमंत्री ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आईसीजेएस प्रणाली के तहत पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक, जेल और न्यायालय के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। दुर्ग और बिलासपुर को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मॉडल जिले के रूप में विकसित किया गया है, जहां ई-साक्ष्य व्यवस्था लागू होने से जांच प्रक्रिया तेज हुई है।
पुलिस आधुनिकीकरण के तहत ऑनलाइन एफआईआर, ई-समन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए बैंकों के साथ समझौता कर बीमा सुविधा दी जा रही है, जबकि शहीद जवानों के परिजनों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है। शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए ऑनलाइन कंप्लेंट मैनेजमेंट पोर्टल भी शुरू किया गया है।
अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाकर कार्रवाई की जा रही है। साइबर अपराध और ऑनलाइन जुए के खिलाफ अभियान चलाते हुए सैकड़ों संदिग्ध खातों को सीज किया गया और कई फर्जी सिम संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही कई जिलों में साइबर थानों की शुरुआत की गई है, जिनमें कोरबा, रायगढ़ और राजनांदगांव शामिल हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना को प्राथमिकता बताते हुए गृहमंत्री ने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौटे युवाओं को प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। जेल सुधार की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं और राज्य की चार केंद्रीय जेलों को आईएसओ प्रमाणन मिला है। बंदियों के कौशल विकास के लिए विभिन्न उत्पादन इकाइयां संचालित की जा रही हैं।
प्रेस वार्ता में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
































