CGPSC पर फिर उठे सवाल: बॉयलर इंस्पेक्टर भर्ती में आयु सीमा विवाद, राज्यपाल से जांच की मांग

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The Duniyadari: रायपुर, 28 फरवरी। CGPSC एक बार फिर अपनी भर्ती प्रक्रिया को लेकर कटघरे में है। इस बार मामला उद्योग विभाग में बॉयलर इंस्पेक्टर पद की नियुक्ति से जुड़ा है, जहां अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थी के चयन का आरोप सामने आया है।

भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर बताते हुए राज्यपाल को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने आयोग के तीन मौजूदा सदस्यों की भूमिका पर प्रश्न उठाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की अपील भी की है।

हाईकोर्ट के आदेश पर अमल नहीं?

विवाद की जड़ कानन वर्मा की नियुक्ति बताई जा रही है। आरोप है कि चयन के समय वे निर्धारित आयु सीमा से अधिक थे, फिर भी उन्हें पात्र मानकर नियुक्ति दे दी गई। इस फैसले को चुनौती देते हुए अभ्यर्थी साकेत अग्रवाल ने Chhattisgarh High Court में याचिका दायर की।

सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने साकेत अग्रवाल के पक्ष में निर्णय देते हुए उन्हें नियुक्ति देने का स्पष्ट निर्देश जारी किया। हालांकि, आरोप यह है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद अब तक न तो विभागीय स्तर पर और न ही आयोग की ओर से कोई ठोस कदम उठाया गया है। इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सियासी सरगर्मी तेज

गौरीशंकर श्रीवास का कहना है कि यदि न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया, तो यह न्यायालय की अवमानना का विषय बन सकता है। उन्होंने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले से युवाओं का भरोसा प्रभावित हो रहा है।

इस मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। अब नजरें राज्य सरकार और आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे स्पष्ट होगा कि विवादित भर्ती पर क्या कदम उठाए जाते हैं।