The Duniyadari: बिलासपुर जिले के मंगला क्षेत्र स्थित एक निजी बैंक शाखा में करोड़ों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इस पूरे घोटाले में बैंक की डिप्टी ब्रांच मैनेजर पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसने अपने पति और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर लंबे समय तक ग्राहकों के खातों में हेरफेर किया।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने गोल्ड लोन के नाम पर गिरवी रखे गए असली सोने को निकालकर उसकी जगह नकली आभूषण रख दिए। जब बैंक प्रबंधन ने लॉकर और संबंधित दस्तावेजों की जांच की, तो इस गड़बड़ी का पर्दाफाश हुआ।
मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई ग्राहकों के खातों से फर्जी हस्ताक्षर के जरिए करीब 87.95 लाख रुपये के 14 संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए गए।
इसके अलावा, एक महिला ग्राहक के फिक्स्ड डिपॉजिट पर बिना अनुमति ओवरड्राफ्ट लेकर लगभग 28.29 लाख रुपये निकाल लिए गए।
जांच में यह भी पाया गया कि कई ग्राहकों के एफडी और निवेश से जुड़े जरूरी दस्तावेज और वाउचर बैंक रिकॉर्ड से गायब हैं, जिससे घोटाले की गंभीरता और बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल अगस्त 2024 से सितंबर 2025 के बीच रचा गया और कुल मिलाकर करीब 1.38 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।
बैंक प्रबंधन की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल मुख्य आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।













