Saturday, May 9, 2026
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‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत गौवंश तस्करी नाकाम, स्कॉर्पियो में क्रूरता से भरे थे मवेशी

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*Heading: रायगढ़ में ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत गौवंश तस्करी नाकाम, स्कॉर्पियो में क्रूरता से भरे थे मवेशी; फर्जी नंबर प्लेट लगाकर ले जा रहे थे बूचड़खाने, 3 गिरफ्तार*

The Duniyadari: रायगढ़- भूपदेवपुर पुलिस ने “ऑपरेशन तलाश” के तहत गौवंश तस्करी के बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने खेत में फंसी स्कॉर्पियो से अमानवीय हालत में बंधे दो गौवंशों को मुक्त कराया है। तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले थे, लेकिन पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों से 3 आरोपियों को दबोच लिया।

शुक्रवार रात भूपदेवपुर पुलिस रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान ग्राम कछार क्षेत्र में लाल रंग की Mahindra Scorpio में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाने की सूचना मिली। टीम तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी की। पुलिस और डॉयल 112 वाहन देखकर तस्कर गाड़ी भगाने लगे। खेत की मेड़ में स्कॉर्पियो फंसने पर आरोपी गाड़ी छोड़कर अंधेरे में फरार हो गए।

मौके पर OR-02 BL-2698 नंबर की स्कॉर्पियो मिली। तलाशी में दो गौवंश बिना चारा-पानी के, पैर बंधे हुए अमानवीय स्थिति में मिले। पुलिस ने दोनों को सुरक्षित मुक्त कराया। गाड़ी से realme कंपनी का मोबाइल भी बरामद हुआ। थाना भूपदेवपुर में पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत अपराध क्रमांक 72/2026 दर्ज किया गया। थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजय नाग ने मुक्त गौवंशों का पशु चिकित्सक से परीक्षण कराकर चारा-पानी की व्यवस्था कराई।

जांच में पता चला कि तस्करों ने पहचान छिपाने के लिए स्कॉर्पियो में मोटरसाइकिल की फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। इंजन, चेसिस नंबर और अन्य साक्ष्यों से ग्राम कछार निवासी परशुराम राणा और यादराम राठिया की भूमिका सामने आई। हिरासत में पूछताछ पर दोनों ने हेमसागर सारथी के साथ मिलकर ओडिशा के एक व्यक्ति के संपर्क में गौवंश को बूचड़खाने पहुंचाने की बात कबूली। आरोपियों से नकदी भी जब्त की गई। तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पूरी कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी संजय नाग, पुलिस स्टाफ और डॉयल 112 टीम ने की।