The Duniyadari: रायपुर– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को अचला एकादशी की बधाई दी है। X पर पोस्ट करते हुए CM ने लिखा कि यह पावन पर्व धर्म, सेवा, सदाचार और मानव कल्याण के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने भगवान श्रीहरि से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। CM ने कहा कि समाज प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहे। पोस्ट के अंत में उन्होंने ‘जय श्रीहरि’ भी लिखा।
*अपरा एकादशी की कथा: व्रत से मिली थी राजा को प्रेत योनि से मुक्ति*
अपरा एकादशी को अचला एकादशी भी कहा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन समय में महीध्वज नाम का धर्मात्मा राजा था। उसका छोटा भाई वज्रध्वज बेहद क्रूर स्वभाव का था और बड़े भाई से ईर्ष्या रखता था। द्वेष के चलते उसने एक रात महीध्वज की हत्या कर दी और शव को पीपल के पेड़ के नीचे दफना दिया।
अकाल मृत्यु के कारण राजा की आत्मा प्रेत बनकर उसी पीपल पर रहने लगी और लोगों को परेशान करने लगी। एक दिन वहां से गुजर रहे धौम्य ऋषि ने प्रेत को देखा। तपोबल से उन्होंने पूरा घटनाक्रम जान लिया। दयालु ऋषि ने प्रेत को पेड़ से उतारा और परलोक विद्या का ज्ञान दिया।
राजा को मुक्ति दिलाने के लिए ऋषि ने खुद अपरा एकादशी का व्रत रखा और व्रत का पुण्य राजा को समर्पित कर दिया। पुण्य के प्रभाव से राजा प्रेत योनि से मुक्त हो गया और ऋषि को धन्यवाद देकर पुष्पक विमान से स्वर्ग चला गया।
मान्यता है कि अपरा एकादशी का व्रत रखने से पापों का नाश होता है और अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है।















